मानसून में बीमारियों का बढ़ा खतरा, तेजी से सामने आ रहे बच्चों में HFMD इंफेक्शन के मामले

Amit Baijnath Garg | Aug 22, 2025, 14:01 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान सहित देश भर में बारिश में बच्चों में HFMD इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। प्रदेश में लगातार इस बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं।

मानसून (Monsoon) के मौसम में बीमारियों का खतरा आमतौर पर बढ़ जाता है। डेंगू (Dengue) और मलेरिया (Malaria) के अलावा, छोटे बच्चों (Children) में हैंड-फुट-माउथ डिजीज (HFMD–Hand-Foot-Mouth Disease) के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। यह एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से 10 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है।



शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल का कहना है कि यह बीमारी कॉकसैकी वायरस (Coxsackie Virus) और एंटरोवायरस (Enterovirus) के कारण होती है। यह वायरस संक्रमित बच्चे के छींकने, खांसने, थूक, नाक के स्राव, मल या संक्रमित खिलौनों और वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। मानसून में नमी और गंदगी के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है।



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ऐसे करें HFMD की पहचान

डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं। बच्चे को खाने के समय गले में दर्द (Throat Pain) हो सकता है। हाथ, पैर या मुंह में छोटे दाने या छाले दिखाई दे सकते हैं। हल्का बुखार (Mild Fever) और चिड़चिड़ापन (Irritability) भी आम लक्षण हैं।



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ऐसे बरतें सावधानियां

HFMD आमतौर पर 5 से 7 दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। जैसे बच्चे को पूरा आराम (Proper Rest) दें। पर्याप्त तरल पदार्थ (Fluids) दें। हाथों और खिलौनों की नियमित साफ-सफाई (Hygiene) करें। अगर तेज बुखार (High Fever), लगातार उल्टी (Vomiting), अत्यधिक कमजोरी या डिहाइड्रेशन (Dehydration) हो, तो तुरंत अस्पताल ले जाएं।



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चिकित्सक से परामर्श जरूरी

HFMD इंफेक्शनआमतौर पर एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है। फिर भी चिकित्सक (Doctor) की सलाह के बिना कोई दवा (Medication) न दें। विशेषकर छोटे बच्चों में किसी भी प्रकार का उपचार शुरू करने से पहले प्रोफेशनल मेडिकल एडवाइस (Professional Medical Advice) लेना आवश्यक है।



कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • HFMD (हैंड-फुट-माउथ डिजीज) : छोटे बच्चों में वायरल संक्रमण।
  • मुख्य लक्षण (Symptoms) : गले में दर्द, दाने, हल्का बुखार।
  • सावधानी (Precautions) : आराम, हाइजीन और पर्याप्त फ्लूड्स।
  • उच्च जोखिम (High Risk) : 10 साल से कम उम्र के बच्चों में।

FAQ

  1. Q1: HFMD (हैंड-फुट-माउथ डिजीज) कैसे फैलती है?
    HFMD संक्रमित बच्चे के छींकने, खांसने, थूक, नाक के स्राव या संक्रमित खिलौनों/वस्तुओं के संपर्क से फैलती है। मानसून में नमी और गंदगी से यह संक्रमण तेजी से फैलता है।
  2. Q2: क्या HFMD (हैंड-फुट-माउथ डिजीज) से बच्चे की जान को खतरा है?
    HFMD आमतौर पर गंभीर नहीं होती और 5-7 दिन में ठीक हो जाती है। अगर बच्चे को तेज बुखार, लगातार उल्टी, डिहाइड्रेशन या कमजोरी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
  3. Q3: HFMD (हैंड-फुट-माउथ डिजीज) से बचाव के उपाय क्या हैं?
    बच्चों के हाथ और खिलौनों की सफाई रखें, उन्हें पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ दें, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचाएं।

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