MP में कोरोना: 50 संक्रमित आए सामने, विदेशों से आए मरीजों से फैला संक्रमण

Jitendra Shrivastava | Jun 06, 2025, 23:14 IST
Share
corona-in-madhya-pradesh
Photograph: (THESOOTR)

मध्यप्रदेश में कोरोना का संक्रमण साउथ इंडिया से आया है। 23 मई को पहला केस सामने आया था और अब तक 50 मामले सामने आ चुके हैं। विदेशों से आए मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों में कोरोना फैल रहा है।

मध्यप्रदेश में कोरोना का संक्रमण साउथ इंडिया से आया है। पहला केस 23 मई को आया था। इसके बाद से कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। शुरुआती मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री केरल और बेंगलुरु से जुड़ी थी। इन मामलों के बाद अन्य राज्यों और विदेशों से आए संक्रमितों के संपर्क में भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

अब तक 50 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 40% मरीज या तो अन्य राज्यों से लौटे थे या विदेश से आए संक्रमितों के संपर्क में आए थे। पिछले 20 दिनों में देशभर में एक्टिव मामलों की संख्या 93 से बढ़कर 5,364 हो गई है। 16 मई से 6 जून तक देश में 5,274 नए एक्टिव केस बढ़े हैं।

भोपाल में कोरोना के बढ़ते मामले

भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी, में कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी गई है। सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी) डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अब तक भोपाल में 9 कोरोना केस सामने आ चुके हैं। अप्रैल में 1, मई में 3 और जून में 5 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। वर्तमान में 4 एक्टिव केस हैं। इनमें से एक मरीज अन्य बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती था।

ये खबरें भी पढ़ें...

MP में 50 हजार सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, कांग्रेस का घोटाले का आरोप

अयोध्या राम मंदिर प्रसाद के नाम पर साइबर फ्रॉड, श्रद्धालुओं से 3 करोड़ 85 लाख रुपए ठगे

कोविड-19 के चार नए वैरिएंट्स

भारत में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के साथ-साथ चार नए वैरिएंट्स भी मिले हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के निदेशक डॉ. राजीव बहल के अनुसार, दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट्स की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। इन वैरिएंट्स में NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलते हैं और इन पर कोविड-19 के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का असर नहीं होता।

भारत में सबसे आम कोविड-19 वैरिएंट JN.1 है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट पाया जाता है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) वैरिएंट्स के मामले भी मिलते हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

MP पुलिस के 45 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी केएफ रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित

बेंगलुरु भगदड़ : कर्नाटक सरकार का बड़ा एक्शन, सीएम के सचिव बर्खास्त, इंटेलिजेंस प्रमुख का ट्रांसफर

केरल जैसी जांच से बढ़ सकते हैं मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर केरल जैसी जांच प्रक्रिया मध्यप्रदेश में लागू की जाती है, तो कोरोना मामलों में और वृद्धि हो सकती है। केरल ने कोविड-19 के मामलों की पहचान के लिए अधिक प्रभावी जांच प्रणाली अपनाई थी, जिसके परिणामस्वरूप वहां के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई। हालांकि, यह भी सच है कि अधिक जांच से मामलों की सही तस्वीर सामने आती है और संक्रमित व्यक्तियों की पहचान हो पाती है।
इस स्थिति में, मध्यप्रदेश में भी जांच प्रक्रिया को और बेहतर किया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक मामलों का पता चल सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

अस्पतालों में तैयारियां

मध्यप्रदेश के अस्पतालों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए डेडिकेटेड कोविड जनरल वार्ड बनाए जा रहे हैं। इससे कोविड के मरीजों के इलाज में सुविधा होगी और अस्पतालों पर दबाव कम होगा। कोविड-19 के लिए चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है और अस्पतालों में अधिक बेड्स की व्यवस्था की जा रही है।

इसके साथ ही, सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 के प्रति जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को कोरोना वायरस के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर टेस्ट करवाने के महत्व के बारे में जानकारी देना है।

: कोरोना संक्रमण | मप्र में कोरोना संक्रमण | कोविड जांच

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • कोरोना संक्रमण
  • मप्र में कोरोना संक्रमण
  • केरल
  • कोविड जांच
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती