उत्तर-पश्चिम रेलवे में डिजिटल क्रांति : अब टीटीई भी करेंगे बायोमेट्रिक हाजिरी, पारदर्शिता-जवाबदेही होगी मजबूत
राजस्थान में उत्तर-पश्चिम रेलवे ने अपने चैकिंग स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक साइन-ऑन और साइन-ऑफ प्रणाली शुरू कर दी है यानी अब टीटीई (टिकट परीक्षक) भी ड्यूटी शुरू और खत्म करने के लिए डिजिटल हाजिरी लगाएंगे। यह कदम रेलवे संचालन में डिजिटलीकरण और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि अजमेर, बीकानेर, जयपुर और जोधपुर स्टेशन की टीटीई लॉबी में यह प्रणाली सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। इन लॉबियों को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है और जल्द ही इसे पूरे जोन में लागू किया जाएगा।
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ड्यूटी समय रियल-टाइम में रिकॉर्ड होगी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली में कर्मचारी आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण से अपनी पहचान दर्ज करेंगे। इससे उनकी उपस्थिति और ड्यूटी समय रियल-टाइम में रिकॉर्ड होगी। यह प्रक्रिया छेड़छाड़ रहित, पारदर्शी और गोपनीयता-अनुपालन होगी।
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यात्रियों के लिए फायदे
समय पर सेवाएं : अब यात्रियों को शिकायत नहीं होगी कि चेकिंग स्टाफ समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचा।
जवाबदेही तय : अगर ट्रेन में टिकट जांच ठीक से नहीं हुई, तो जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।
बेहतर प्रबंधन : किस ट्रेन में कितने टीटीई की जरूरत है, यह सिस्टम खुद बता देगा।
स्टाफ की कार्यकुशलता बढ़ेगी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से न केवल स्टाफ की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों का अनुभव भी बेहतर होगा। अब हर टिकट चेकिंग पारदर्शी और समयबद्ध होगी। डिजिटलीकरण के इस कदम को यात्रियों ने भी सराहा है। उनका कहना है कि इससे न केवल भरोसा बढ़ेगा, बल्कि सफर भी और आरामदायक होगा।
FAQ
- Q1: बायोमेट्रिक साइन-ऑन और साइन-ऑफ प्रणाली क्या है?
यह एक नई प्रणाली है जिसके तहत टीटीई अपनी ड्यूटी की शुरुआत और समाप्ति के लिए बायोमेट्रिक उपकरण का उपयोग करेंगे। इससे उनकी उपस्थिति रियल-टाइम में ट्रैक की जाएगी और कार्यकुशलता में सुधार होगा। - Q2: इस प्रणाली से यात्रियों को क्या लाभ होगा?
इस प्रणाली से यात्रियों को समय पर चेकिंग की सुविधा मिलेगी, और अगर चेकिंग में कोई गड़बड़ी होती है तो जिम्मेदारी तय करना आसान होगा। - Q3: इस प्रणाली को कब लागू किया जाएगा?
इस प्रणाली का सफल परीक्षण अजमेर, बीकानेर, जयपुर और जोधपुर स्टेशनों पर किया गया है, और जल्द ही इसे पूरे जोन में लागू किया जाएगा।
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