पोषण माह 2026 में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर परचम, पूरे भारत में हासिल किया द्वितीय स्थान; जोधपुर रहा प्रदेश में अव्वल
राजस्थान के महिला एवं बाल विकास विभाग को अच्छे कार्यों का इनाम मिला है। विभाग ने राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर 2026 के दौरान जागरूकता का बढ़िया काम किया था जिससे राजस्थान ने बड़ी सफलता पाई है। राज्य ने पूरे भारत में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राजस्थान में 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 9वां राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाए गए। पोषण माह का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को दूर करना और बच्चों व महिलाओं को स्वस्थ रखना था।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर चले कार्यक्रम
पोषण माह के दौरान प्रदेशभर में आंगनवाड़ी केंद्रों पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पोषण संबंधी जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसके अलावा अन्नप्राशन (6 महीने बाद बच्चे को अन्न देना शुरू करना) और गोदभराई जैसे कार्यक्रम भी हुए।
कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण और उनका प्रबंधन भी इस दौरान किया गया। पोषण वाटिका और स्वस्थ बालक स्पर्धा जैसे आयोजन भी हुए। इन सभी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके चलते प्रदेश ने निर्धारित लक्ष्य से 113.66 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।
उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री ने खुशी जताई है। उन्होंने समस्त राष्ट्रीय पोषण मिशन (NNM – National Nutrition Mission) टीम और विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है।
उन्होंने जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों को भी बधाई दी। सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी उन्होंने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि फील्ड की बहनों की दिन-रात की मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान सरकार 'कुपोषण मुक्त राजस्थान, स्वस्थ राजस्थान' के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार आने वाले समय में और बेहतर काम करेगी।
ये रहे टॉप 5 जिले
राजस्थान के टॉप 5 प्रदर्शन करने वाले जिलों की सूची सामने आई है। जोधपुर 148.22 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा। बीकानेर ने 133.70 प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान पाया।
पाली 132.01 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। चूरू ने 128.85 प्रतिशत के साथ चौथा स्थान हासिल किया। श्रीगंगानगर 127.21 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
इन जिलों के जिला निदेशक (DD), जिला कार्यक्रम अधिकारी (CDPO), जिला समन्वयक और जिला परियोजना सहायक ने बेहतरीन काम किया है। ब्लॉक समन्वयक और समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी कार्य के प्रति समर्पण दिखाया है। इन सभी ने पूरे प्रदेश के सामने एक मिसाल पेश की है।
आगे पहला स्थान पाने का लक्ष्य
विभाग की शासन सचिव पूनम ने भी सभी टीमों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इसी ऊर्जा के साथ आगे भी काम किया जाएगा। आने वाले समय में प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
निदेशक आईसीडीएस (ICDS – Integrated Child Development Services) वासुदेव मालावत ने इस बार की थीम की जानकारी दी। इस वर्ष पोषण माह की मुख्य थीम 'हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी' रखी गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण और देखभाल का सशक्त केंद्र बनाना है। साथ ही प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को बढ़ावा देना है। समुदाय में स्वामित्व की भावना जागृत करना भी इसका लक्ष्य है।
पांच मुख्य विषयों पर रहा फोकस
पोषण माह के दौरान 5 प्रमुख विषयों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। पहला विषय आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन था। दूसरा विषय आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा पका हुआ गर्म भोजन (HCM – Hot Cooked Meal) पर केंद्रित रहा।
तीसरा विषय कम्युनिटी ओनरशिप और जवाबदेही था। चौथा विषय चाइल्ड डेवलपमेंट के लिए पोषण और शुरूआती संकेत रहा। पांचवां विषय प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY – Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana) था।
विभागीय कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय किया गया। प्रतिदिन की प्रगति जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर अपलोड की गई।