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Photograph: (the sootr)
News In Short
- जयपुर में ट्रैफिक जाम को हल करने के लिए टेक्सी कैब के लिए पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट तय किए जाएंगे।
- हरे कृष्णा मार्ग और महल रोड पर ट्रैफिक सुधार के तहत राइट टर्न नियंत्रित किए जाएंगे।
- पार्किंग व्यवस्था में सुधार के लिए 84 चिह्नित स्थानों की जांच और पीक आवर्स में शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव है।
- स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने के लिए एआई आधारित तकनीक और वन-वे व्यवस्था का सहमति बनी।
- महल रोड और गौरव टावर पर ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए सुधार योजनाएं बनाई गई हैं।
News In Detail
जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) ने टेक्सी कैब सेवाओं के लिए पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट तय करने का फैसला लिया है। यह कदम मुख्य सड़कों और चौराहों पर कैब के अचानक रुकने से होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए उठाया गया है। इस निर्णय से ट्रैफिक की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट की व्यवस्था
टीसीबी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि जयपुर के व्यस्त इलाकों, बाजारों, प्रमुख सड़कों और पर्यटन स्थलों पर टेक्सी कैब और पर्यटक बसों के लिए अलग-अलग पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट चिह्नित किए जाएंगे। इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों की अनावश्यक रुकावट को कम किया जाएगा। इससे यातायात प्रवाह में सुधार होगा।
हरे कृष्णा मार्ग और महल रोड पर ट्रैफिक मैनेजमेंट
ट्रैफिक मैनेजमेंट कंसलटेंट फर्म अदित इंजीनियर्स ग्रुप ने हरे कृष्णा मार्ग और महल रोड को अर्बन रोड कॉरिडोर के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत प्रमुख चौराहों और तिराहों पर राइट टर्न को नियंत्रित या बंद किया जाएगा ताकि ट्रैफिक को बेहतर तरीके से सुचारु बनाया जा सके। इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल होने पर अन्य व्यस्त मार्गों पर भी लागू किया जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था में सुधार
शहर की बढ़ती पार्किंग समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर निगम को 84 चिह्नित किये गये हैं। इन चिह्नित स्थानों और व्यावसायिक इमारतों पर बिल्डिंग मैप की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पीक आवर्स में पार्किंग शुल्क बढ़ाने और क्षेत्रवार पार्किंग नीति बनाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
दो सब-कमेटियों का गठन
प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए दो अलग-अलग सब-कमेटियों का गठन किया गया है। प्रशासनिक कमेटी भूमि, अतिक्रमण और विभागीय समन्वय से जुड़े मामलों को देखेगी, जबकि तकनीकी कमेटी जंक्शन सुधार, यू-टर्न, मीडियन कट और अर्बन रोड कॉरिडोर से जुड़े प्रस्तावों को अंतिम रूप देगी।
महल रोड और गौरव टावर पर विशेष ध्यान
महल रोड और गौरव टावर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। इसके समाधान के लिए सांगानेर फ्लाईओवर के नीचे यू-टर्न सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही जंक्शन सुधार, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के उपाय भी अपनाए जाएंगे।
पैदल यात्री और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता
बैठक में पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इसके तहत बस स्टॉप को चौराहों से दूर शिफ्ट करने, स्कूलों के सामने डिवाइडर कट तय समय पर खोलने, और ग्रीन जंक्शन विकसित करने के निर्देश दिए गए।
स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की दिशा में कदम
जयपुर में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को लागू करने के लिए एआई आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, वन-वे व्यवस्था के लिए एसओपी और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने पर सहमति बनी। इसके माध्यम से ट्रैफिक कंट्रोल में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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