हाड़ौती के प्रसिद्ध कवि दुर्गादान सिंह गौड़ का निधन, कोटा में ली अंतिम सांस
समझें क्या है पूरा मामला
- हाड़ौती के कालिदास कहे जाने वाले कवि दुर्गादान सिंह गौड़ का निधन।
- 78 साल की उम्र में कोटा में ली अंतिम सांस, 4 बेटे-2 बेटियों का परिवार छोड़ा।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कवि कुमार विश्वास ने दी श्रद्धांजलि।
- कवि सम्मेलनों में मोहा मन, 'राधे राधे' और 'पाणी में चांद घुले है' रचनाएं अमर।
- दुर्गादान सिंह गौड़ का अंतिम संस्कार पैतृक गांव जोलपा में होगा।
हाड़ौती क्षेत्र के मशहूर कवि और साहित्यकार दुर्गादान सिंह गौड़ का रविवार देर शाम कोटा के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 78 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
उन्हें हाड़ौती और हिंदी भाषा के साहित्य जगत में 'हाड़ौती के कालिदास' और 'हाड़ौती की वीणा' के नाम से जाना जाता था। देशभक्ति गीतों और हाड़ौती लोकभाषा में उनकी रचनाओं ने उन्हें एक अलग पहचान दी।
कौन थे दुर्गादान सिंह गौड़?
दुर्गादान सिंह गौड़ का जन्म 10 अक्टूबर 1947 को झालावाड़ जिले के जोलपा गांव में हुआ था। उनके पिता ठिकानेदार चतर सिंह और माता अनार कंवर थीं। बचपन में खेलते समय उनके एक हाथ में चोट लग गई थी, जिससे वह खराब हो गया था।
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मोईकलां गांव से ली और बाद में कोटा के महाराव भीम सिंह छात्रावास में रहे। अपने बुआ के बेटे और प्रसिद्ध कवि रघुराज सिंह हाड़ा के संपर्क में आने के बाद उनकी साहित्य में रुचि बढ़ी।
साहित्यिक योगदान
दुर्गादान सिंह गौड़ ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में अपनी प्रस्तुतियां दीं। वे विशेष रूप से देशभक्ति गीतों के लिए जाने जाते थे। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'पाणी में चांद घुले है', 'राधे राधे' शामिल हैं, जबकि 'रेखाचित्र' पुस्तक प्रकाशनाधीन थी।
कवि कुमार विश्वास ने उनकी मशहूर रचना 'तू अतरी खूब खुले छे...' को सोशल मीडिया पर साझा कर श्रद्धांजलि दी है।
श्रद्धांजलि
उनके निधन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोक व्यक्त किया। कवि कुमार विश्वास ने उन्हें हाड़ौती की वीणा और लोकभाषा के कालिदास बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक गांव जोलपा (झालावाड़) में किया जाएगा।
ये भी पढ़ें:-
मांड गायिका गवरी देवी का निधन, अंतिम समय तक रहीं सक्रिय
नहीं रहे राजस्थानी सुरों के भागीरथ केसी मालू, लोक संगीत को दिलाई वैश्विक पहचान
मौत के बाद सुनी तबादले की फरियाद, सूची में आया अनोपाराम का नाम
SMS मेडिकल कॉलेज के एचओडी ने की आत्महत्या , घर में फंदे से लटके मिले