चरमराया पुलिस मुख्यालय का एंटी-करप्शन नेटवर्क, नो-रिप्लाई मोड में सिस्टम
समझें क्या है पूरा मामला
- पुलिस-बदमाश गठजोड़ की शिकायत के लिए बनाया सिस्टम फेल।
- PHQ के व्हाट्सएप नंबर बेअसर, 13 एक्टिव नहीं, 10 बंद, 1 निजी व्यक्ति के पास।
- 10 दिन में 350 शिकायतें आईं, अब नंबरों पर नो रिप्लाई, सिस्टम ठप।
- जयपुर रेंज का नंबर बंद, कमिश्नरेट के नंबर पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं।
- रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी के पास नंबर, तबादले के बाद नए नंबर जारी नहीं।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने एक साल पहले पुलिस-बदमाश गठजोड़, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए 46 व्हाट्सएप नंबर जारी किए थे। इन पर 10 दिन में 350 से अधिक शिकायतें आईं थीं। लेकिन अब यह सिस्टम फेल होता नजर आ रहा है।
पड़ताल में पाया गया कि 13 नंबर व्हाट्सएप पर एक्टिव नहीं हैं, 10 बंद हैं, एक निजी व्यक्ति के पास है और कई पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है। नंबरों की नियमित जांच और निगरानी न होने से शिकायतकर्ताओं को निराशा हाथ लगी है।
क्या है हालात?
जब इन नंबरों की पड़ताल हुई तो उसमें 40 व्हाट्सएप नंबर इनएक्टिव मिले। 13 नंबर तो व्हाट्सएप पर एक्टिव ही नहीं हैं। 10 बंद हैं, जबकि एक नंबर निजी व्यक्ति उपयोग कर रहा है।
जयपुर रेंज में आईजी स्तर पर सूचना देने के लिए जारी मोबाइल नंबर 87645-14102 बंद है और व्हाट्सएप भी सक्रिय नहीं है। जयपुर कमिश्नरेट का नंबर 73003-63636 एक्टिव है, लेकिन संदेश भेजने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती।
पाली के व्हाट्सएप नंबर तो गलत निकले। यह नंबर किसी निजी व्यक्ति के पास है, जिसने बताया कि यह नंबर एक माह पहले ही लिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
कोटा रेंज आईजी के लिए जारी किए गए 8764520303 नंबर पर राजेंद्र ने रिस्पॉन्स किया। पहले वे समझ ही नहीं पाए कि मामला क्या है। जब उनसे नंबर के बारे में पूछा, तब कहा कि हां, मैं समझ गया। कोई बात हो तो बताओ।
दौसा में परिवाद शाखा के एएसआई विष्णु शर्मा का नंबर जारी किया था। एक साल पहले अलवर तबादला हो गया, लेकिन नया नंबर जारी नहीं हुआ। अब शिकायत आने पर वे दौसा कंट्रोल रूम का नंबर देते हैं।
क्यों फेल हुआ सिस्टम?
मुख्यालय ने सिस्टम तो बनाया, लेकिन बाद में न नंबरों की नियमित जांच की, न मॉनिटरिंग की और न सफलता का आकलन किया। भरतपुर जिले का नंबर जिनके पास था, वे रिटायर हो गए और नंबर भी अपने साथ ले गए।
भिवाड़ी एसपी की ओर से जारी 95304-18496 नंबर उपयोग में नहीं है। भरतपुर रेंज का नंबर संभालने वाले अधिकारी दो साल पहले रिटायर हो चुके हैं।
जालोर में गोपनीय शिकायत के नाम पर कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए, जहां कांस्टेबल-हेड कांस्टेबल फोन उठाते हैं। इससे पहचान गोपनीय रखने का दावा भी सवालों में है।
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