राहुल की कोटा यात्रा से पहले कांग्रेस ने लगाए आरोप, हटाए जा रहे बैनर
समझें क्या है पूरा मामला
- राहुल गांधी 17 जून को कोटा के दशहरा मैदान में छात्रों से संवाद करेंगे।
- कांग्रेस का आरोप, भाजपा सरकार कार्यक्रम के पोस्टर और बैनर हटवा रही है।
- कोचिंग संस्थानों और पीजी संचालकों पर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए।
- कांग्रेस ने इसे युवाओं के भविष्य और लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बताया है।
- भाजपा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक हताशा करार दिया है।
राहुल गांधी 17 जून को राजस्थान के कोटा के दशहरा मैदान में छात्रों से संवाद करेंगे। लकिन उनसे पहले ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार उनके पोस्टर-बैनर हटवा रही है। कोचिंग संस्थानों और पीजी संचालकों पर भी दबाव बनाने की शिकायतें आई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। भाजपा ने इन सभी आरोपों को हास्यास्पद और राजनीतिक हताशा करार दिया है।
कोटा में क्यों हो रही है यह रैली
कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है। यहां हर साल लाखों छात्र पढ़ाई करने आते हैं। राहुल गांधी यहां पेपर लीक और परीक्षा कुप्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाने आ रहे हैं। उनका कहना है कि मोदी सरकार की नीतियों से करोड़ों युवाओं के सपने टूट रहे हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश के हर युवा का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बढ़ती फीस, निजीकरण और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवा परेशान हैं। उन्होंने सभी छात्रों से 17 जून को कोटा में आने की अपील की।
कांग्रेस का आरोप क्या
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह केवल छात्रों की लड़ाई नहीं है। यह देश के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने Gen-Z और युवाओं को सोशल मीडिया पर संबोधित करते हुए कहा कि देशभर की छात्र आवाज को कोटा में एक बड़ी हुंकार में बदलना है।
कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से दावा किया गया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी के पोस्टर और बैनर हटवा रही है। पार्टी ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की नींद उड़ चुकी है।
गहलोत ने ओम बिरला पर क्या कहा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि कोचिंग संस्थानों को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं है। गहलोत ने यह भी कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला खुद इस दौरे के खिलाफ हों।
गहलोत ने कहा कि देशभर में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा खत्म हो गया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
BJP ने क्या जवाब दिया
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि गहलोत को अपने आरोपों के सबूत देने चाहिए। राठौड़ ने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर बिना सबूत आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राठौड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसभा अध्यक्ष का किसी राजनीतिक कार्यक्रम का स्वागत करना संवैधानिक बाध्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सारे आरोप कांग्रेस की राजनीतिक हताशा से उपजे हैं।
क्यों अहम है यह कार्यक्रम
कोटा में हर साल दो से ढाई लाख छात्र आते हैं। ये छात्र IIT, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से इनका सबसे ज्यादा नुकसान होता है। इसीलिए कोटा से इस अभियान की शुरुआत को कांग्रेस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मान रही है।
FAQ
- 'छात्रों की गूंज' रैली क्या है और कब होगी?
यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक महारैली है। यह 17 जून 2025 को कोटा के दशहरा मैदान में होगी। इसमें पेपर लीक और परीक्षा कुप्रबंधन के मुद्दे उठाए जाएंगे। - राहुल गांधी की कोटा रैली पर कांग्रेस ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार रैली के पोस्टर-बैनर हटवा रही है। साथ ही कोचिंग संस्थानों और पीजी संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों को रैली में शामिल होने से रोका जा रहा है - राहुल गांधी की कोटा रैली पर भाजपा ने इन आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि गहलोत के पास ओम बिरला के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। राठौड़ ने इन आरोपों को कांग्रेस की राजनीतिक हताशा करार दिया।
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