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Photograph: (the sootr)
News In Short
- जल जीवन मिशन घोटाले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की तलाश तेज।
- सुबोध की गिरफ्तारी के लिए एसीबी की 40 टीमों की 21 शहरों में छापेमारी।
- सुबोध की तलाश के लिए 115 ठिकानों पर दबिश, 50 से अधिक लोगों से पूछताछ।
- एसीबी को इस घोटाले में सुबोध अग्रवाल समेत चार लोगों की तलाश है।
- एसीबी अब तक 10 लोगों को कर चुकी है गिरफ्तार, इनमें तीन की जमानत।
News In Detail
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने चर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की तलाश तेज कर दी है। करीब 979 करोड़ रुपए के इस घोटाले में सुबोध सहित चार आरोपी अभी फरार हैं। एसीबी की 40 टीमें देश के 21 अलग-अलग शहरों में इन भगोड़े आरोपियों की खाक छान रही हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
​115 ठिकानों पर दबिश, 50 से अधिक लोगों से पूछताछ
​एसीबी की टीमों ने 16 दिन के भीतर पूर्व आईएएस सुबोध समेत चार आरोपियों की तलाश में जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, बाड़मेर, जोधपुर, झालावाड़, कोटा, चंडीगढ़, नोएडा और मुंबई समेत 21 शहरों के 115 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन ठिकानों में आरोपियों के घर, उनके रिश्तेदारों के फार्म हाउस, होटल और निजी रिजॉर्ट शामिल हैं।
सुबोध पर ऐसे कसा जा रहा शिकंजा​
जांच टीम के अनुसार अब तक सुबोध अग्रवाल के 4 नजदीकी रिश्तेदारों सहित लगभग 50 लोगों से कड़ी पूछताछ की जा चुकी है। पूछताछ के लिए दिल्ली, मुंबई, नोएडा, फरीदाबाद और मेरठ से चार खास सहयोगियों को विशेष रूप से जयपुर बुलाया गया था। इनमें सुबोध अग्रवाल के मौसेरे भाई गौरव अग्रवाल (मुंबई), सौरभ अग्रवाल (फरीदाबाद), रोली अग्रवाल (मेरठ) और करीबी दोस्त प्रणव चंद्रा (नोएडा) शामिल हैं।
​विदेश भागने की आशंका
एसीबी को अंदेशा है कि सुबोध अग्रवाल, रिटायर्ड एसी मुकेश गोयल और जितेंद्र शर्मा कानूनी शिकंजे से बचने के लिए विदेश भागने की फिराक में हैं। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है, जिससे वे देश की सीमा न लांघ सकें।
​क्या है पूरा मामला
यह कार्रवाई 979 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़ी है। इस मामले की जांच के लिए एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। एसआईटी ने 17 फरवरी को बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 राज्यों में छापे मारे थे, जिसमें 3 चीफ इंजीनियरों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
​गिरफ्तार आरोपियों में शामिल प्रमुख नाम
​दिनेश गोयल (चीफ इंजीनियर)
​केडी गुप्ता (चीफ इंजीनियर)
​शुभांशु दीक्षित (एसीई)
​विशाल सक्सेना (अधिशाषी अभियंता)
​अरुण श्रीवास्तव (रिटायर्ड मुख्य अभियंता)
​एसआईटी का घेरा सख्त
घोटाले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी के एडिशनल एसपी और डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी रख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस बड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अनिवार्य है। एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि हम हर संभव ठिकाने पर दबिश दे रहे हैं। आरोपियों के भागने के सभी रास्तों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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