पहले प्याज ने रुलाया, अब किसानों को रुला सकता है पाला, सरसों के खराबा की आशंका

Ashish Bhardwaj | Jan 13, 2026, 15:22 IST
Photograph: (The sootr)
राजस्थान में अलवर जिले के किसानों को पहले प्याज की पैदावार ने रुलाया, अब पाला सरसों की फसल के लिए नुकसान का कारण बन सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को सर्दी से फसल बचाने के लिए उपाय सुझाए हैं।

सुनील जैन@अलवर


राजस्थान में सरसों पैदावार में अव्वल अलवर जिले में कड़ाके की सर्दी से सरसों की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सर्दी की स्थिति यह है कि अलवर में तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार रबी की फसलों के लिए तापमान छह डिग्री सेल्सियस से कम नहीं होना चाहिए। इससे अलवर जिले में सर्दी और पाले से फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।



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डेढ़ लाख हेक्टयर में सरसों की बुवाई

अलवर जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टर क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई है। पाला पड़ने से सरसों में फली के दानों में पानी पड़ने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही गलन भरी सर्दी से रबी फसलों और सब्जी की फसलों में भारी नुकसान होने की आशंका है।


प्याज की फसल में दामों को लेकर आर्थिक नुकसान झेल चुके किसान अब सर्दी के मौसम की मार से त्रस्त हैं। वहीं, कृषि विभाग ने इस मामले में सर्दी से बचाव के लिए किसानों को सलाह दी है। हालांकि अभी इतना नुकसान नहीं है लेकिन अगर दो-चार दिन यह गलन भरी सर्दी चली तो निश्चित रूप से सरसों की फसल, टमाटर और बैंगन की फसल को भारी नुकसान होगा



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फसल बचाने के लिए प्रयास शुरू

हालांकि, किसानों ने टमाटर की फसल को पाले से बचाने के लिए उसे कपड़ों से ढका है। लेकिन, यह काम सिर्फ कुछ बड़े किसान ही कर सकते हैं। आम किसान के लिए अपनी फसल को बचा पाना बड़ा मुश्किल है ।



किसान जगदीश शर्मा ने बताया कि पाला पड़ने से सरसों की फसल और सब्जी में नुकसान संभावित है। उसका कहना है कि सरसों में 50 फ़ीसदी नुकसान होने की उम्मीद है। सरसों में फूल आ रहे हैं। अगेती सरसों में फली आ रही हैं। उन्हें भी नुकसान शुरू हुआ है ।



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सरसों में ज्यादा नुकसान की आशंका

किसान बड्डन भड़ाना ने बताया कि पाला पड़ने से सरसों में ज्यादा नुकसान की आशंका बनी हुई है। गेहूं की फसल में नुकसान अभी नहीं है। लेकिन, टमाटर और बैंगन की फसल पर बर्फ अगर जम गई तो निश्चित रूप से यह बहुत ज्यादा नुकसानदायक होगा।



यहां के किसानों की आजीविका सरसों और गेहूं के अलावा सब्जी की पैदावार भी है। यह सब्जी शुद्ध पानी से तैयार की जाती है। देश के कई राज्यों में यहां की सब्जी की सप्लाई की जाती है। इसमें खासतौर से टमाटर बैंगन की सब्जी है।



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तापमान में गिरावट से नुकसान

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक पीसी मीणा ने बताया कि अलवर जिले में डेढ़ लाख हेक्टर में सरसों की बुवाई हुई है। अगर तापमान लगातार गिरता रहा तो निश्चित रूप से नुकसानदायक हो सकता है।



उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जब भी पाला पड़ने की संभावना हो तो उत्तरी पश्चिमी दिशा में कुछ कूड़ा कचरा डालकर जलाएं। इससे तापमान में बढ़ोतरी हो सकेगी। जिस दिन पाला पड़ने की आशंका हो, उस दिन किसानों को फव्वारा विधि से सिंचाई करनी चाहिए। इससे ढाई डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ जाता है। इस तरह गंधक के चूर्ण का पानी में भिगोकर स्प्रे करने से भी तापमान को बढ़ाया जा सकता है।



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मुख्य बिंदू:

  • किसानों को पाले से बचाने के लिए कूड़ा कचरा जलाने, फव्वारा विधि से सिंचाई करने और गंधक के चूर्ण का स्प्रे करने की सलाह दी गई है।
  • प्याज की फसल में दामों में गिरावट के कारण किसानों को पहले ही आर्थिक नुकसान हो चुका है, और अब सर्दी का मौसम उनकी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
  • यदि तापमान गिरता रहा, तो सरसों की फसल में 50% तक नुकसान होने का अनुमान है, खासकर जब पाले का प्रभाव पड़ेगा।
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