भिवाड़ी में श्रमिक आंदोलन उग्र, वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों मजदूर
News In Short
- भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र एक सप्ताह से श्रमिक आंदोलन से तप रहा।
- वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे।
- आंदोलनकारी कर रहे हैं 18 से 20 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग।
- आंदोलन की गंभीरता देख श्रम सचिव पीसी किशन पहुंचे भिवाड़ी।
- भिवाड़ी जैसे क्षेत्रों के लिए अलग से जोन फार्मूला बनाने पर हो रहा विचार।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक हब भिवाड़ी में एक सप्ताह से श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। मदरसा, सुपराजित, रिलैक्सो और निपेनो जैसी बड़ी कंपनियों के बाद अब दीपक हाउस वेयर एंड टॉयज लिमिटेड इस विरोध का मुख्य केंद्र बन गया है।
जारी है धरना-प्रदर्शन
भिवाड़ी की दर्जनों कंपनियों में काम पूरी तरह ठप है। दीपक हाउस वेयर कंपनी के बाहर श्रमिकों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। विशेष बात यह है कि इस कंपनी में, जो बच्चों के खिलौने बनाती है, महिला श्रमिक भी बड़ी संख्या में आंदोलन का हिस्सा बनी हुई हैं। कंपनी के मुख्य द्वार पर सैकड़ों की संख्या में मजदूर सुबह 8:30 बजे से ही जुट रहे हैं। देर शाम तक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हैं।
श्रमिकों की मुख्य मांगें और आरोप
आंदोलनकारी श्रमिकों का कहना है कि वर्तमान वेतन में परिवार का गुजर-बसर करना असंभव हो गया है। श्रमिकों के अनुसार आंदोलनकारी 18 से 20 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं। कैंटीन में मिलने वाले खाने को लेकर भारी आक्रोश है। श्रमिकों का आरोप है कि हाल ही में दाल और चावल में कीड़े पाए गए। ठेकेदारों द्वारा 10 से 15 दिनों का वेतन रोके जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
भिवाड़ी के रिलैक्सो चौक पर स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। रिलैक्सो और निपेनो कंपनियों के श्रमिकों द्वारा काम बंद किए जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रीको क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से संवाद कर उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
श्रम सचिव पहुंचे भिवाड़ी
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं। राज्य के श्रम, कारखाना एवं बॉयलर विभाग के सचिव पीसी किशन गुरुवार को स्वयं भिवाड़ी पहुंचे। उन्होंने रीको गेस्ट हाउस में जिला प्रशासन, औद्योगिक संगठनों और करीब 80 लेबर ठेकेदारों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।
एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में श्रमिकों के कम वेतन की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई। सचिव ने माना कि दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने के कारण यहां लिविंग कॉस्ट और एलपीजी के दाम ज्यादा हैं। सरकार अब भिवाड़ी जैसे क्षेत्रों के लिए अलग से जोन फार्मूला बनाने पर विचार कर रही है, ताकि यहां की न्यूनतम मजदूरी राज्य के अन्य हिस्सों से अलग और अधिक तय की जा सके।
यह बोले श्रम सचिव किशन
मीडिया से बातचीत करते हुए श्रम सचिव पीसी किशन ने कहा, भिवाड़ी में करीब 11 स्थानों पर आंदोलन चल रहा है। यहां की कंपनियां वर्तमान में सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से अधिक दे रही हैं, लेकिन महंगाई और पड़ोसी राज्य हरियाणा में हुए वेतन संशोधन के कारण श्रमिक असंतुष्ट हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रम विभाग ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया है। अगले 10 से 15 दिनों में इस पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। हम भिवाड़ी को एक विशेष जोन मानकर वेतन संशोधन की तैयारी कर रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस की सख्त हिदायत
बैठक में जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश और पुलिस अधीक्षक (SP) बृजेश ज्योति उपाध्याय भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस उन लोगों पर नजर रख रही है जो सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को भड़का रहे हैं। सचिव ने लेबर ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि हर महीने की 7 तारीख तक श्रमिकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कंपनियों को कैंटीन में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन देने और बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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