पूर्व भाजपा विधायक अशोक डोगरा के घर के विवाद में पिट गए पूर्व BJP जिलाध्यक्ष, जानें पूरा मामला
राजस्थान के बूंदी जिले में भाजपा के पूर्व विधायक अशोक डोगरा के घर में मचे विवाद ने अब सड़कों पर दस्तक दी है। इस मामले से जुड़ा एक नया मोड़ सामने आया है, जब पुलिस ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल पर हमले के षड्यंत्र के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इस विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
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हमले का षड्यंत्र और आरोप
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए भूपेंद्र गोस्वामी उर्फ नवल को पूर्व विधायक अशोक डोगरा की बहू दिव्या के जीजा के रूप में पहचाना गया है। यह व्यक्ति सुरेश अग्रवाल पर हमले के षड्यंत्र में शामिल था। जानकारी के अनुसार, भूपेंद्र ने सुरेश अग्रवाल की रैकी की थी और हमलावरों को कार उपलब्ध करवाई थी, जिससे वह हमले को अंजाम दे सके। भूपेंद्र को रविवार को कोटा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अभी इस मामले में उसके अन्य साथियों को ढूंढ रही है। हालांकि पुलिस के अधिकारी इस मामले में जानकारी देने से बचते रहे हैं और मामले की गहरी जांच की जा रही है।
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पूर्व विधायक और बहू के बीच घरेलू विवाद
यह हमला सीधे तौर पर पूर्व विधायक अशोक डोगरा और उनकी बहू दिव्या के बीच चल रहे घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। डोगरा ने गत 31 अगस्त को अपनी बहू दिव्या, उसकी मां अनुसूईया गोस्वामी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि ये लोग उनके घर में घुसकर चोरी, धमकी, मारपीट और सामान तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
इस मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल समेत कई भाजपा कार्यकर्ता चश्मदीद गवाह थे। इस मामले के बाद ही भूपेंद्र गोस्वामी ने षड्यंत्र रचकर अग्रवाल पर हमला करवाने की योजना बनाई थी।
पार्टी के प्रबुद्ध सम्मेलन में भाग लेने जाते वक्त हमला
हमला 19 सितंबर 2025 को उस समय हुआ जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल शनिवार दोपहर को पार्टी के प्रबुद्ध सम्मेलन में भाग लेने जा रहे थे। इस दौरान उन पर तीन-चार हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में अग्रवाल के पैर में फ्रैक्चर हो गया है, और उनका इलाज कोटा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
हमले के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भूपेंद्र को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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हमले का षड्यंत्र और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। भूपेंद्र के अलावा पुलिस ने कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू की है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और जानकारी देने से बच रही है।
राजनीतिक दबाव और समाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। वहीं, इस मामले में पूर्व विधायक अशोक डोगरा का घरेलू विवाद को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बूंदी में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर हमला चर्चा का विषय बन गया है।
समाज में इस घटना के बाद तनाव बढ़ गया है, और पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ा है कि वह जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करे। वहीं, बूंदी में अशोक डोगरा के परिवार का विवाद भी अब खुल कर लोगों के सामने आ गया है।
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FAQ
- 1. क्या बूंदी में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर हमले के पीछे राजनीतिक कारण थे?
जी हां, इस हमले का कारण पूर्व विधायक अशोक डोगरा और उनकी बहू के बीच चल रहे घरेलू विवाद को बताया जा रहा है, जो बाद में राजनीतिक रूप ले लिया। - 2. बूंदी में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर हमले में पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने भूपेंद्र गोस्वामी उर्फ नवल को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व विधायक अशोक डोगरा की बहू दिव्या का जीजा है और उसने हमले की योजना बनाई थी। - 3. हमले में बूंदी के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष को क्या चोटें आईं?
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल को हमले में गंभीर चोटें आईं हैं। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है और उनका इलाज चल रहा है। - 4. पुलिस ने बूंदी के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हमला मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने भूपेंद्र को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।