क्या नरेश मीणा ने तोड़ दिया आमरण अनशन, जानें अनशन से जुड़ा पूरा अपडेट

Nitin Kumar Bhal | Sept 19, 2025, 14:59 IST
Share
rajasthan-naresh-meena-ne-anshan-toda-ya-nahi
Photograph: (TheSootr)

झालावाड़ के पिपलोदी स्कूल हादसे के मृतक बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए नरेश मीणा का आमरण अनशन आठवें दिन भी जारी है। वे तब तक अनशन जारी रखेंगे जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती।

राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी स्कूल में हुए दर्दनाक हादसे में कई मासूम बच्चों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद से मृतक बच्चों के परिजन को न्याय दिलाने के लिए युवा नेता नरेश मीणा ने आमरण अनशन शुरू किया था। गुरुवार रात तबियत बिगड़ने पर उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने नरेश मीणा को पानी पिलाया। इसके बाद बात चली कि नरेश मीणा का आमरण अनशन समाप्त हो गया है। इसके बाद नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती।

यह खबर भी देखें...

पीएम मोदी देंगे राजस्थान और मध्यप्रदेश को सौगात, शुरू करेंगे 1.21 लाख करोड़ की परियोजनाएं

अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी नरेश मीणा ने अनशन जारी रखा

\नरेश मीणा की तबियत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें अनशन स्थल से उठाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, नरेश मीणा ने मीडिया से बात करते हुए यह स्पष्ट किया कि उनका अनशन नहीं टूटा है और वह तब तक डटे रहेंगे, जब तक सरकार उनके द्वारा की गई मांगों को पूरा नहीं करती।

नरेश मीणा ने समाप्त किया शहीद स्मारक से धरना

नरेश मीणा ने शहीद स्मारक से धरने का समापन ​कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आमरण अनशन अस्पताल के जारी है। ऑफलाइन आर्थिक सहायता बंद कर दी गई है। अब से सिर्फ ऑनलाइन आर्थिक सहायता कर सकते है।

पिपलोदी स्कूल हादसा: पीड़ित परिवारों की मांगें

झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में हुए इस हादसे में कई मासूम बच्चों की जान गई। यह घटना तब हुई जब स्कूल की इमारत का एक हिस्सा गिर गया था, जिससे दर्जनों बच्चे मलबे में दब गए थे। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और पीड़ित परिवारों ने सरकार से मुआवजे, नौकरी और शिकार परिवारों के लिए अन्य सहायता की मांग की थी। परिजनों का आरोप है कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। बल्कि, उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मुआवजे और सहायता की मांग की, तो सरकार ने उनका अपमान किया। इन मांगों को लेकर नरेश मीणा ने इस आंदोलन की शुरुआत की थी।

यह खबर भी देखें...

राजस्थान में कसेगी साइबर अपराध पर लगाम, जानें कैसे बनाया पुलिस अधिकारियों को सक्षम

समरावता थप्पड़कांड क्या है?

नरेश मीणा बारां जिले के रहने वाले हैं और छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी में महासचिव रहे हैं। नरेश, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने कई बार कांग्रेस से टिकट की मांग की लेकिन असफल रहे। पिछले साल देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए उन्होंने 44,000 वोट हासिल किए थे। नवंबर-2024 में देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता (टोंक) गांव के लोगों ने वोटिंग का बहिष्कार किया गया था। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। इसी दौरान नरेश मीणा ने अधिकारियों पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाया था। नरेश मीणा पोलिंग बूथ पर आए और उन्होंने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।

यह खबर भी देखें...

राजस्थान में एमबीबीएस और बीडीएस की 2511 सीटें खाली, जानें कैसे करें कॉलेज का चुनाव

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का समर्थन

पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने नरेश मीणा आमरण अनशन का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने राजस्थान सरकार को जमकर निशाने पर लिया और कहा कि झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद सरकार का पीड़ित परिवारों के प्रति व्यवहार अमानवीय और शर्मनाक था। खाचरियावास ने यह भी कहा कि "मासूम बच्चों की मौत के बाद उनके परिजनों को बकरियां देकर सरकार ने उनका अपमान किया है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।"

खाचरियावास ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह पीड़ित परिवारों के साथ इंसाफ करे और उन्हें उचित मुआवजा और सम्मान प्रदान करे।

यह खबर भी देखें...

इस बार 102 निकायों में बनेंगे आरक्षित वर्ग के अध्यक्ष, जानें वार्ड पुनर्गठन और परिसीमन का पूरा मामला

पिपलोदी स्कूल हादसा क्या है?

  • 25 जुलाई 2025 को राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल में एक दर्दनाक हादसा हुआ।
  • सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल की जर्जर छत अचानक गिर पड़ी।
  • इस हादसे में 7 छात्रों की जान चली गई और 22 अन्य घायल हो गए।
  • हादसे की वजह मरम्मत कार्य में की गई तकनीकी खामियां और कमजोर दीवारें थीं, जिससे भवन कमजोर हो गया था।
  • इस घटना के बाद पीड़ितों के परिजनों ने मुआवजे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।


FAQ

  1. 1. नरेश मीणा का आमरण अनशन क्यों शुरू हुआ?
    नरेश मीणा का आमरण अनशन झालावाड़ के पिपलोदी स्कूल हादसे में मृत बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए शुरू हुआ है। वह सरकार से इन परिवारों के लिए मुआवजा, नौकरी और अन्य सहायता की मांग कर रहे हैं।
  2. 2. नरेश मीणा का अनशन कितने दिन से चल रहा है?
    नरेश मीणा का आमरण अनशन आठवें दिन भी जारी है। उन्होंने यह अनशन तब शुरू किया था जब सरकार ने पीड़ित परिवारों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया था।
  3. 3. क्या नरेश मीणा ने अपना अनशन तोड़ा?
    नरेश मीणा ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना अनशन नहीं तोड़ा है। उन्होंने केवल पानी पिया है, और उनका अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती।
  4. 4. पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने क्या कहा?
    पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने नरेश मीणा के अनशन का समर्थन करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार का पीड़ित परिवारों के साथ व्यवहार अमानवीय और शर्मनाक था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बच्चों की मौत के बाद उनके परिजनों को बकरियां देकर उनका अपमान किया।


Tags:
  • समरावता थप्पड़कांड
  • नरेश मीणा
  • पिपलोदी स्कूल हादसा
  • नरेश मीणा आमरण अनशन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच