निकाय-पंचायत चुनाव से पहले SC-ST के रिटायर्ड अधिकारियों से क्यों मिले CM भजनलाल?
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने जयपुर में एक खास बैठक की।
- इसमें SC-ST वर्ग के रिटायर्ड IAS, IPS अधिकारी शामिल हुए थे।
- मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि रिटायरमेंट सामाजिक जिम्मेदारी से नहीं होता।
- बैठक में छात्रवृत्ति, मेस भत्ता और विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।
- राजस्थान में सियासी और प्रशासनिक गलियारों में इसकी काफी चर्चा हो रही
राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। जल्द ही तारीखों का भी ऐलान हो जाएगा। इस सबके बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार, 11 अगस्त को जयपुर में एक खास संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) और अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) वर्ग से जुड़े रिटायर्ड प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। यह बैठक सीएम हाउस में हुई थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल का रिटायर्ड SC-ST अफसरों से संवाद
राजस्थान सरकार की तरफ से इसे भले ही संवाद कार्यक्रम बताया गया, लेकिन चुनावी माहौल के बीच इस बैठक को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। दरअसल, आगामी निकाय और पंचायत चुनाव सीधे तौर पर स्थानीय स्तर के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों से जुड़े हैं।
ऐसे में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से लंबे समय तक प्रशासन और पुलिस में काम कर चुके अधिकारियों के अनुभव और जमीनी समझ सरकार के लिए अहम हो सकती है।
सीएम भजनलाल ने क्यों की रिटायर्ड अधिकारियों से बात
बैठक के जरिए एसएसी-एसटी वर्गों से जुड़े मुद्दों,सरकार की योजनाओं के असर और जमीनी स्तर पर लोगों की प्रतिक्रिया का फीडबैक लेने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हाल ही में ओबीसी आयोग की भी रिपोर्ट सरकार को मिली है। इसके बाद से ही सूबे में सियासी पारा चढ़ा हुआ है और आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है। ऐसे में सियासी और प्रशासनिक गलियारों में ये बातें हो रही है कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े रिटायर्ड अधिकारियों से अलग से संवाद किया?
इस संवाद कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नीतियां बनाने से ज्यादा जरूरी उनका सही क्रियान्वयन है और इसमें अनुभवी अधिकारियों की समझ काम आ सकती।
अधिकारियों से युवाओं का मार्गदर्शन जारी रखने की अपील
मुख्यमंत्री भजनलाल ने बैठक में कहा कि रिटायरमेंट केवल नौकरी से होता है, सामाजिक जिम्मेदारी से नहीं। उन्होंने पूर्व अधिकारियों से युवाओं और समाज का मार्गदर्शन जारी रखने की अपील की। सीएम ने यह भी कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की सोच ही 'विकसित राजस्थान' की नींव है।
बैठक में मौजूद पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी बात रखी। ललित के पंवार और रवि प्रकाश मेहरड़ा जैसे अधिकारियों ने SC-ST वर्ग पर अत्याचार के मामलों में तेज कार्रवाई के लिए सरकार की तारीफ की।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने छात्रों के लिए किया बड़ा ऐलान
सीएम भजनलाल ने संवाद कार्यक्रम में एससी-एसटी से जुड़े छात्रों से जुड़ा अहम ऐलान किया। उन्होंने बताया कि हॉस्टल और आवासीय विद्यालयों के छात्रों का मासिक मेस भत्ता 2500 से बढ़ाकर 3250 रुपये कर दिया गया है। स्पोर्ट्स एकेडमी के छात्रों के लिए यह भत्ता 2600 से बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है।
इसके अलावा स्कॉलरशिप को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई। अनुसूचित जाति उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 4.25 लाख छात्रों को लाभ मिला है। वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 4.30 लाख विद्यार्थियों को भी सीधा फायदा पहुंचा है।
राजस्थान में दलित-आदिवासी उद्यम को बढ़ावा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दलित और आदिवासी उद्यमियों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ बीआर आंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को अब तक 887 करोड़ रुपये के ऋण दिए जा चुके हैं।
बैठक में पूर्व आईएएस डॉ. ललित के. पंवार, पूर्व आईपीएस रवि प्रकाश मेहरड़ा, जे.पी. चंदेलिया, ओम प्रकाश बैरवा और अनिल गोठवाल सहित कई पूर्व अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रिटायर्ड SC-ST अधिकारियों से मुलाकात को आगामी पंचायत-निकाय चुनाव से पहले अहम सियासी फीडबैक और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा।
FAQ
- राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने SC-ST के रिटायर्ड अफसरों से मुलाकात क्यों की?
सरकार जमीनी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अनुभवी अधिकारियों की समझ का इस्तेमाल करना चाहती। इसी मकसद से यह विशेष संवाद किया गया। - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस मुलाकात के क्या सियासी मायने हो सकते?
निकाय और पंचायत चुनाव से पहले यह मुलाकात SC-ST वर्ग का फीडबैक लेने और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति का संकेत मानी जा सकती। - राजस्थान में दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत कितना ऋण बांटा गया?
डॉ बीआर आंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक 887 करोड़ रुपये के ऋण युवाओं को दिए जा चुके हैं।
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