मेवाराम-हरीश चौधरी खेमे में टकराव, कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा बोले- मनमुटाव करेंगे ठीक
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में गुटबाजी सामने आई है।
- बाड़मेर से पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने हरीश चौधरी पर मनमानी का आरोप लगाया।
- अजमेर से पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी एक नेता के खिलाफ शिकायत की।
- दोनों गुटों ने जयपुर में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की।
- डोटासरा ने छोटी-मोटी बात मानते हुए मिलकर सुलझाने का भरोसा दिया।
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव करीब हैं। इससे पहले कांग्रेस के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गए हैं। बाड़मेर और अजमेर जिलों में गुटबाजी की खबरें चर्चा में हैं। दोनों जगहों के विरोधी गुट के नेताओं ने जयपुर पहुंचकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की।
बाड़मेर में विधायक हरीश चौधरी-मेवाराम जैन में टकराव
बाड़मेर से पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से सीधी शिकायत की। उन्होंने कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी और बायतू विधायक हरीश चौधरी पर मनमानी का आरोप लगाया। मेवाराम जैन ने कहा कि हरीश चौधरी गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे। दोनों नेताओं के खेमों के बीच काफी समय से यह खींचतान चल रही।
पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कार्यकर्ता चाहते हैं कांग्रेस फिर से मजबूत बने। उन्होंने कहा कि बाड़मेर में गुटबाजी बहुत ज्यादा है और इसे राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव से पहले खत्म करना जरूरी। मेवाराम जैन ने बताया कि उन्होंने गुटबाजी करने वाले व्यक्ति का नाम प्रदेशाध्यक्ष को बता दिया। जैन ने कहा कि पुरानी बातों को भूलकर सबको एकजुट होना चाहिए।
अजमेर में भी कांग्रेस नेताओं के बीच खींचतान
अजमेर से पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय जैन भी अपने समर्थकों के साथ डोटासरा से मिले। उन्होंने पूर्व आरटीडीसी (Rajasthan Tourism Development Corporation) अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ पर गुटबाजी बढ़ाने का आरोप लगाया। हालांकि मीडिया के सामने उन्होंने खुलकर नाम नहीं लिया।
विजय जैन ने कहा कि अजमेर में उपेक्षित किए गए लोगों ने अपनी बात कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा के सामने रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की वजह से पूरा सिस्टम बिगड़ गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आया एक व्यक्ति अजमेर की राजनीति में दखल दे रहा। उनके मुताबिक कुछ छोटे नेता निजी फायदे के लिए पार्टी को कमजोर करने में जुटे हैं। इसी शिकायत को लेकर वे प्रदेशाध्यक्ष से मिले।
डोटासरा बोले-मिलकर बातचीत से सुलझाएंगे
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बाड़मेर और अजमेर की गुटबाजी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह छोटी-मोटी बात है, जिसे संगठन बैठकर सुलझा लेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि पूरे राजस्थान में कांग्रेस एकजुट है।
डोटासरा ने बाड़मेर मामले पर कहा कि लोकसभा चुनाव के समय किसी कारण मेवाराम जैन पार्टी में नहीं थे। बाद में हाईकमान के फैसले के बाद वे वापस कांग्रेस में लौट आए। उन्होंने अजमेर को लेकर भी कहा कि वहां थोड़ी बहुत दिक्कत है, जिसे बातचीत से सुलझाया जाएगा।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में निकाय और पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। ऐसे में कांग्रेस के भीतर की यह गुटबाजी संगठन के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
FAQ
- बाड़मेर कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर किसने शिकायत की?
पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मिलकर बायतू विधायक हरीश चौधरी पर मनमानी और गुटबाजी का आरोप लगाया। दोनों खेमों के बीच लंबे समय से टकराव चल रहा। - अजमेर में कांग्रेस नेताओं ने किस नेता पर गुटबाजी बढ़ाने का आरोप लगाया?
पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ पर गुटबाजी बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की भी शिकायत की। - पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने गुटबाजी पर क्या कहा?
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने इसे छोटी-मोटी बात बताते हुए कहा कि संगठन बैठकर इसे सुलझा लेगा।
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