राजस्थान शिक्षा विभाग ने योजनाओं में की कटौती, शिक्षक और विद्यार्थी दोनों असमंजस में, जानें पूरा मामला
राजस्थान (Rajasthan) में शिक्षा विभाग (Education Department) की योजनाओं में हाल ही में बड़े बदलाव हुए हैं। पहले, कांग्रेस सरकार के दौरान मेधावी छात्रों के लिए लैपटॉप योजना शुरू की गई थी, लेकिन अब सरकार ने उसे बदलकर टैबलेट योजना (Tablet Scheme) बना दिया है। इसके अलावा, बालिकाओं के लिए दिए जाने वाले पद्माक्षी पुरस्कार (Padmakshi Award) में भी कटौती की गई है। शिक्षक दिवस (Teachers’ Day) पर होने वाले शिक्षक सम्मान (Teacher Recognition) में भी बड़ी कटौती की गई है। इन बदलावों से राज्यभर में शिक्षकों और अभिभावकों (Parents) के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। तीनों योजनाओं में देखे तो शिक्षा विभाग ने करीब 36 करोड़ रुपए की कटौती कर दी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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राजस्थान शिक्षा विभाग ने लैपटॉप योजना में क्या बदलाव किए?
राजस्थान सरकार ने पहले मेधावी विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप योजना शुरू की थी, जिसके तहत हर साल 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाने थे। लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान यह योजना पूरी नहीं हो पाई और विद्यार्थियों को लैपटॉप नहीं बांटे गए।
जनवरी 2023 में, राजस्थान सरकार ने इस योजना में बड़ा बदलाव करते हुए लैपटॉप की जगह अब टैबलेट (Tablet) देने का निर्णय लिया। इस बदलाव के साथ ही, राजस्थान टैबलेट वितरण योजना केपहले चरण में 93,000 छात्रों को टैबलेट वितरित किए गए।
- लैपटॉप वितरण का खर्च:
लैपटॉप के वितरण पर हर साल ₹70 करोड़ खर्च होते थे। - टैबलेट वितरण का खर्च:
अब टैबलेट वितरण पर ₹35 करोड़ ही खर्च हो रहे हैं। इस प्रकार, योजना में ₹35 करोड़ की बचत हो रही है।
इस बदलाव का उद्देश्य बजट (Budget) को संतुलित रखना और अधिक छात्रों को शिक्षा में सहायता देना था। हालांकि, इस योजना में बदलाव से कई अभिभावकों और शिक्षकों में असंतोष (Dissatisfaction) उत्पन्न हुआ है।
अभिभावकों और शिक्षकों की नाराजगी
इन योजनाओं में कटौती के बाद अभिभावकों और शिक्षकों में असंतोष बढ़ गया है।
पद्माक्षी पुरस्कार योजना राजस्थान में कर दी कटौती
पद्माक्षी पुरस्कार (Padmakshi Award) राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार दिया जाता है। पहले, यह पुरस्कार राशि ₹40,000 से ₹1,00,000 तक थी, लेकिन अब इसमें कटौती की गई है।
- पुरस्कार राशि में बदलाव:
पहले 8वीं कक्षा के छात्रों को ₹40,000, 10वीं को ₹75,000 और 12वीं कक्षा को ₹1,00,000 दिया जाता था। अब 8वीं कक्षा की छात्राओं को ₹25,000, 10वीं को ₹50,000 और 12वीं को ₹75,000 दिए जाएंगे। - फाउंडेशन की भूमिका:
बालिका फाउंडेशन (Girl Foundation) ने अब पुरस्कार की राशि को सीमित कर दिया है। पिछले साल ₹10.15 करोड़ का बजट इस पुरस्कार पर खर्च हुआ था, लेकिन अब इसे घटाकर कम किया गया है।
इस बदलाव के पीछे एक कारण यह है कि फाउंडेशन ने अब पुरस्कार देने के लिए 33 जिलों की बजाय 41 जिलों को आधार बनाया है, जिससे पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या बढ़ सके। हालांकि, बजट में कमी के कारण पुरस्कार राशि भी घटाई गई है।
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राजस्थान में शिक्षक सम्मान योजना में भी कटौती
राजस्थान में शिक्षक दिवस के अवसर पर हर साल शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। लेकिन इस बार, राज्य सरकार ने इस योजना में भी बड़ी कटौती की है। राज्यस्तरीयराजस्थान शिक्षक सम्मान समारोह हर साल जयपुर में आयोजित किया जाता है।
- पहले की व्यवस्था: पहले राज्यस्तरीय (State Level) शिक्षक सम्मान में 150 शिक्षकों को सम्मानित किया जाता था, जिला स्तर पर भी 150 और ब्लॉक स्तर (Block Level) पर हर ब्लॉक में 3 शिक्षकों को सम्मान मिलता था। कुल मिलाकर 1374 शिक्षकों को सम्मानित किया जाता था।
- नवीनतम बदलाव: अब राज्य स्तर पर केवल 66 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 22 शिक्षक पहली से पांचवीं कक्षा, 22 शिक्षक छठी से आठवीं कक्षा और 22 शिक्षक नौवीं से बारहवीं कक्षा के होंगे।
- ब्लॉक स्तर पर समाप्ति: ब्लॉक स्तर पर पुरस्कार देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जिससे इस साल केवल 123 शिक्षकों को जिला स्तर पर पुरस्कार मिलेगा।
- पुरस्कार राशि में कमी: पहले ₹102.77 लाख का पुरस्कार वितरित किया जाता था, लेकिन अब ₹27.39 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा, जिससे ₹75.38 लाख की बचत होगी।
राजस्थान शिक्षक सम्मान में पिछले साल के मुकाबले कितनी कटौती हुई है?
पिछले साल राज्य स्तर पर 1374 शिक्षकों को सम्मानित किया गया था, लेकिन इस बार केवल 189 शिक्षकों को ही सम्मान मिलेगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार सम्मान राशि में लगभग 75% की कमी आई है, जो कि शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग राजस्थान को इस ओर ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग राजस्थान के बजट में कटौती से सभी वर्ग आहत हैं।
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FAQ
- क्या सरकार ने शिक्षा विभाग के बजट में कटौती की है?
हां, सरकार ने शिक्षा विभाग की कई योजनाओं में कटौती की है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में असंतोष है। - राजस्थान में लैपटॉप योजना को टैबलेट योजना में क्यों बदला गया?
टैबलेट योजना में बदलाव का कारण खर्चों को घटाना और बजट को संतुलित रखना था। टैबलेट पर कम खर्च होता है। - राजस्थान में पद्माक्षी पुरस्कार योजना में क्या बदलाव किए गए हैं?
पद्माक्षी पुरस्कार योजना में पुरस्कार राशि में कटौती की गई है और अब यह कम राशि में दिया जा रहा है। - राजस्थान में शिक्षक सम्मान योजना में क्या बदलाव हुआ है?
राज्य स्तर पर शिक्षकों की संख्या घटाकर 66 कर दी गई है, और ब्लॉक स्तर पर पुरस्कार बंद कर दिए गए हैं। - राजस्थान में शिक्षा विभाग की योजनाओं में कटौती से कौन प्रभावित हुआ है?
इन कटौतियों से छात्र, शिक्षक और अभिभावक प्रभावित हुए हैं, खासकर जो पहले इन योजनाओं का हिस्सा थे।
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