जीरो टॉलरेंस पर भजन सरकार : 66 अधिकारियों का निलंबन, 210 पर की अनुशासनात्मक कार्रवाई
Jaipur. राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि सरकारी सेवाओं में लापरवाही, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को सख्ती से नियंत्रित किया जा रहा है।
इस प्रयास में पिछले पौने दो साल में राज्य सरकार ने 210 कार्मिकों के खिलाफ विभिन्न अनुशासनात्मक कार्यवाहियां की हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सरकारी कर्मचारियों में ईमानदारी और कर्मठता बनी रहे।
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सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री शर्मा का मानना है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी शासन की रीढ़ की हड्डी होते हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में इनकी अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें, ताकि अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
इस तरह कार्रवाई
- 66 अधिकारियों का निलंबन
- 98 कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति
- 31 भ्रष्टाचार प्रकरणों का समाधान
जीरो टॉलरेंस पर समयबद्ध कार्रवाई
राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 ए के तहत 31 मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया है। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई कि नैतिकता और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी सार्वजनिक कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा न मिले।
मुख्य बिंदु
कुल अनुशासनात्मक कार्यवाही : 210 सरकारी कर्मचारी
निलंबन की कार्रवाई : 66 अधिकारी
अभियोजन स्वीकृति : 98 कर्मचारी
पदच्युत अधिकारी : 6
आजीवन पेंशन रोकने की कार्रवाई : 9