मॉक इंटरव्यू में 2 साल पहले जनता की सेवा का वादा, अब पहली पोस्टिंग में ही 60 हजार लेते धरी गईं RAS काजल मीणा
News In Short
- राजस्थान की एसडीएम काजल मीणा रिश्वत लेते किया गिरफ्तार।
- काजल मीणा ने प्रशासनिक सेवा में भर्ती के दौरान जनता की सेवा का किया था वादा।
- काजल मीणा ने जमीन विवाद के मामले में एक लाख रुपये की मांगी थी रिश्वत।
- काजल मीणा पर पहली पोस्टिंग में लगा भ्रष्टाचार का दाग।
- एसीबी ने काजल मीणा और उनके साथी से बरामद की 4 लाख रुपये की राशि।
News In Detail
Karauli: कथनी और करनी के बीच की खाई कितनी गहरी हो सकती है, इसका उदाहरण राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की अधिकारी काजल मीणा बन गई हैं। दो साल पहले जिस आरएएस अभ्यर्थी ने मॉक इंटरव्यू के दौरान जनता की सेवा और सिस्टम में बदलाव की बातें की थीं, आज वही अधिकारी बनकर अपनी पहली ही पोस्टिंग में रिश्वतखोरी के आरोपों में सलाखों के पीछे है। एसीबी ने नादौती की एसडीएम काजल मीणा और उनके रीडर को 60 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
दो साल में बदल गए आदर्श
सोशल मीडिया पर काजल मीणा का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो उस वक्त का है, जब वे प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रही थीं। इंटरव्यूअर ने उनसे पूछा था- आप RAS क्यों बनना चाहती हैं?
तब काजल ने जवाब दिया था, RAS हमारे राज्य की प्रीशियस सर्विस है। यहां सैलरी और बेनेफिट्स अच्छे हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि एक एसडीएम के पास जितनी अथॉरिटी होती है, उसका उपयोग कर वह आम जनता की लाइफ में बहुत पॉजिटिव बदलाव ला सकता है।
आज विडंबना देखिए, जिस 'अथॉरिटी' का उपयोग उन्हें जनता के आंसू पोंछने के लिए करना था, उसी का इस्तेमाल उन्होंने एक पीड़ित परिवार की जमीन के बंटवारे की फाइल पास करने के बदले पैसे ऐंठने के लिए किया।
कैसा बिछाया गया रिश्वत का जाल?
पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। दो भाइयों के बीच जमीन के बंटवारे की फाइल एसडीएम कार्यालय में साल 2022 से लंबित थी। अंतिम फैसला एसडीएम काजल मीणा को ही लेना था। पीड़ित जब काम करवाने पहुंचा तो एक लाख रुपए रिश्वत मांगी गई। सौदा 60 हजार रुपए में तय हुआ। इसमें एसडीएम काजल का हिस्सा 50,000 रुपए और रीडर का हिस्सा 10,000 रुपए था।
पीड़ित ने इसकी शिकायत सवाई माधोपुर एसीबी से की। ब्यूरो ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया और पाया कि शिकायत एकदम सही है। मैडम और उनके रीडर मिलकर खुलेआम वसूली कर रहे थे। शुक्रवार शाम करीब पौने छह बजे जब दफ्तर बंद होने का वक्त था, एसीबी की टीम ने नादौती एसडीएम कार्यालय की घेराबंदी की। पीड़ित 60 हजार रुपये लेकर पहुंचा।
जैसे ही रीडर ने पैसे लिए और एसडीएम काजल मीणा को ग्रीन सिग्नल दिया, एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने रीडर के पास से रिश्वत की रकम बरामद की। साथ ही कार्यालय के वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ के बैग से 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई, जिसका कोई हिसाब नहीं था।
आईआईटी मंडी से बीटेक, फिर भी फिसली नीयत
काजल मीणा का बैकग्राउंड काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। 2024 बैच की RAS अधिकारी काजल ने एसटी (ST) वर्ग में राजस्थान में पहली रैंक हासिल की थी। ऑल राजस्थान उनकी 135वीं रैंक थी। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उनका चयन ईपीएफओ और टेलीकॉम विभाग में भी हुआ था। पहली पोस्टिंग में ही उन्होंने अपने भविष्य पर भ्रष्टाचार का दाग लगा लिया।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा
यह घटना राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह सवाल उठाती है कि क्या उच्च शिक्षा और कड़ी मेहनत से मिली सफलता केवल पैसा कमाने का जरिया है? काजल मीणा का वह मॉक इंटरव्यू आज उन्हें और पूरे सिस्टम को चिढ़ा रहा है।
एसीबी टीम का कहना ह कि फाइल पर निर्णय करने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। हमने मैडम और उनके रीडर के बीच की बातचीत को रिकॉर्ड किया, जिससे मामला पुख्ता हो गया।काजल मीणा और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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