राजस्थान में पूर्व मंत्री की सरपंच पत्नी ने 100-100 रुपए में बांट दिए पट्टे! अब कसा एसीबी का शिकंजा, जानें पूरा मामला
राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग ने पूर्व मंत्री और सांगोद के पूर्व विधायक भरतसिंह की पत्नी तत्कालीन सरपंच मीना कंवर और ग्राम विकास अधिकारी रामबाबू शर्मा को दोषी ठहराया है। यह मामला कुंदनपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में चरागाह भूमि पर अवैध पट्टे जारी करने से संबंधित है, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों को महज 100-100 रुपए में पट्टे दिए गए।
मामला कैसे सामने आया?
यह मामला तब उजागर हुआ जब सांगोद के उप प्रधान ओम नागर अडूसा ने तत्कालीन सरपंच मीना कंवर के खिलाफ राज्य सरकार से जांच की मांग की। उनका आरोप था कि मीना कंवर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने चहेतों को अनुचित तरीके से पट्टे जारी किए। इसके बाद, सरकार ने विस्तृत जांच का आदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप मीना कंवर को दोषी ठहराया गया।
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एसीबी की कार्रवाई
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त आयुक्त IAS इन्द्रजीत सिंह ने कोटा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को यह निर्देश दिया कि उक्त पट्टों को निरस्त किया जाए और तत्कालीन सरपंच मीना कंवर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके बाद, सांगोद पंचायत समिति के खण्ड विकास अधिकारी कुशलेश्वर सिंह ने एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को परिवाद भेज दिया है।
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कुंदनपुर ग्राम पंचायत में अन्य गड़बड़ियों की पहचान
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुंदनपुर ग्राम पंचायत में अन्य कई गड़बड़ियां की गई हैं। ग्राम अडूसा में खसरा नंबर 317 की भूमि पर विधायक कोष से गलत स्वीकृति लेकर निर्माण कार्य किया गया। इसके अलावा, सांगोद-पलायथा मेन रोड पर नर्सरी भवन का निर्माण आबादी भूमि और निजी खातेदारी भूमि पर पाया गया। पुराने नर्सरी परिसर की चारदीवारी और एक कमरा, जो 35-40 वर्ष पहले बना था, उसे तोड़कर सामुदायिक उपयोग में ले लिया गया।
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पट्टे जारी करने में अनियमितताएं
कुंदनपुर में ग्राम पंचायत द्वारा चरागाह भूमि को आबादी में परिवर्तित कर दिया गया और 2021 में एक ही परिवार के 3 सदस्यों और 4 अन्य लोगों को महज 100-100 रुपए की दर पर पट्टे दिए गए। जबकि इस भूमि पर पट्टे डीएलसी दर पर जारी किए जाने चाहिए थे। इन पट्टों को जारी करने के बाद, पट्टाधारियों ने भूमि पर अतिक्रमण कर मकान और दुकानें बना लीं, जो पहले मौजूद नहीं थीं।
पंचायत समिति और एसीबी की भूमिका
पंचायत समिति सांगोद के कुंदनपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में100-100 रुपए में पट्टे जारी किए गए थे, जबकि इन पट्टों को डीएलसी दर पर या नीलामी के द्वारा जारी किया जाना चाहिए था। जयपुर से पंचायती राज विभाग की टीम ने इस मामले की जांच की और रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर विभाग ने एसीबी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया, और अब एसीबी आगे की कार्रवाई करेगी।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
सांगोद के प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं और उप प्रधान ओम नागर अडूसा ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कड़ी कार्रवाई की जाएगी, तो भविष्य में ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि मीना कंवर ने पद का दुरुपयोग किया और चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुचित पट्टे जारी किए।
FAQ
- 1. राजस्थान के कुंदनपुर ग्राम पंचायत के मामले में क्या हुआ?
कुंदनपुर ग्राम पंचायत में पूर्व मंत्री भरत सिंह की पत्नी तत्कालीन सरपंच मीना कंवर ने अवैध रूप से चहेतों को 100-100 रुपए में पट्टे जारी किए थे। यह मामला सामने आने के बाद एसीबी द्वारा जांच की गई और कार्रवाई की गई है। - 2. कुंदनपुर ग्राम पंचायत अवैध पट्टे मामले में एसीबी ने क्या कदम उठाए हैं?
एसीबी ने कुंदनपुर ग्राम पंचायत की सरपंच मीना कंवर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। - 3. पूर्व मंत्री भरत सिंह की पत्नी मीना कंवर के खिलाफ किसने शिकायत की थी?
सांगोद के उप प्रधान ओम नागर अडूसा ने राज्य सरकार से मीना कंवर के खिलाफ जांच की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने विस्तृत जांच का आदेश दिया। - 4. क्या पूर्व मंत्री भरत सिंह की पत्नी मीना कंवर ने अपने पद का दुरुपयोग किया?
हां, जांच में यह पाया गया कि मीना कंवर ने अपने पद का दुरुपयोग किया और अपने चहेतों को अवैध रूप से पट्टे जारी किए। - 5. कुंदनपुर ग्राम पंचायत अवैध पट्टे मामले में एसीबी की जांच कब शुरू हुई?
एसीबी की जांच तब शुरू हुई जब राज्य सरकार ने ओम नागर अडूसा की शिकायत पर विस्तृत जांच का आदेश दिया। एसीबी ने अब तक इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
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