राजस्थान सरकार ने 7 हजार को दी सरकारी नौकरी, 70% को गृह जिले में पहली पोस्टिंग
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान सरकार ने 7903 बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दी है।
- यह भर्ती चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की है।
- करीब 5 हजार अभ्यर्थियों को गृह जिले में ही पोस्टिंग मिली।
- 1630 को नजदीकी जिले में भेजा गया है।
- यह पूरी प्रक्रिया राजहेल्थ पोर्टल से ऑनलाइन हुई।
राजस्थान सरकार के एक आदेश ने हजारों परिवारों में खुशी ला दी। सरकार ने 7 हजार से ज्यादा बेरोजगारों को नौकरी दी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 2024 में निकले सीधी भर्ती पदों पर नियुक्ति हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने राजहेल्थ पोर्टल के जरिए कुल 7903 चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग आदेश जारी किए। इनमें सबसे खास बात यह रही कि करीब 5000 अभ्यर्थियों को उनके अपने गृह जिले में ही पहली पोस्टिंग मिली। वहीं 1630 अभ्यर्थियों को उनके घर के पास के जिले में तैनात किया गया।
7 हजार बेरोजगारों को मिली सरकारी नौकरी
राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के मार्गदर्शन में यह नीति बनाई गई। इस कर्मचारी हितैषी नीति से नए कर्मचारियों को परिवार से दूर रहने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
राजहेल्थ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन हुई पोस्टिंग
चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़ी पूरी पदस्थापन प्रक्रिया में तकनीक का सहारा लिया गया। इससे मानवीय हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म हो गया। निदेशक (अराजपत्रित) राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और तेज रही।
अभ्यर्थियों को बिना किसी सिफारिश के सीधे पोर्टल के जरिए पोस्टिंग मिली। किसी को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े। पोर्टल पर सूची जारी होते ही अभ्यर्थियों को तुरंत जानकारी मिल गई। इससे ऑफलाइन प्रक्रिया में लगने वाला महीनों का समय भी बच गया।
5 हजार युवाओं को मिला गृह जिला
राजस्थान सरकार की इस नीति का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों के युवाओं को मिला। लंबे वक्त के बाद मिली सरकारी नौकरी ने अभ्यर्थियों की खुशी को और बढ़ा दिया।
करीब 5000 नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके गृह जिले में ही पोस्टिंग मिली। इससे वे परिवार के साथ रहकर सेवाएं दे सकेंगे। वहीं 1630 कर्मचारियों को उनके गृह जिले से सटे पड़ोसी जिलों में तैनात किया गया। बाकी अभ्यर्थियों को नजदीकी संभाग क्षेत्र में जगह दी गई। इससे किसी को भी राज्य के दूसरे छोर पर नहीं जाना पड़ा।
अस्पतालों को मिलेगा नया स्टाफ
यह नियुक्ति राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। राजस्थान के सरकारी अस्पतालों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों, पीएचसी ( Primary Health Centre) और सीएचसी (Community Health Centre) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी थी। इस कमी की वजह से सफाई और प्रशासनिक कामकाज में दिक्कतें आ रही थीं।
अब 7903 नए कर्मचारियों के जुड़ने से प्रदेश भर में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर तरीके से पहुंच सकेंगी। कर्मचारी नए उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे।
जैसे ही पोर्टल पर पदस्थापन सूची अपलोड हुई, अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी छा गई। कई अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया। जल्द ही सभी नए कर्मचारी अपने आवंटित जिलों के सीएमएचओ (Chief Medical and Health Officer) कार्यालयों में उपस्थिति देकर काम शुरू करेंगे।
FAQ
- राजस्थान में कितने बेरोजगारों को नौकरी मिली?
राजस्थान सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कुल 7903 अभ्यर्थियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नियुक्ति दी है। यह भर्ती सीधी भर्ती-2024 के तहत हुई। - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तहत हुई नियुक्त में कितने अभ्यर्थियों को गृह जिले में पोस्टिंग मिली?
करीब 5000 अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले में ही पहली पोस्टिंग दी गई है। वहीं 1630 अभ्यर्थियों को नजदीकी जिले में तैनात किया गया है। - स्वास्थ्य विभाग के तहत चुने गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदस्थापना कैसे की गई?
राजहेल्थ पोर्टल के जरिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। इसमें किसी भी तरह की सिफारिश या मानवीय हस्तक्षेप नहीं हुआ।
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