पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के गिरफ्तारी वारंट जारी, वारंट तामील नहीं होने पर संपत्ति होगी कुर्क
News In Short
- जल जीवन मिशन घोटाले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के गिरफ्तारी वारंट जारी।
- सुबोध के वारंट जयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोर्ट नंबर-एक ने जारी किए।
- वारंट की तामील नहीं होने पर सुबोध अग्रवाल की संपत्ति हो सकती है अटैच।
- सुबोध अग्रवाल की तलाश के लिए सलमान खान के पनवेल फार्म हाउस पहुंची एसीबी।
- पूर्व आईएएस की तलाश के लिए चार राज्यों में हो रही छापेमारी।
News In Detail
राजस्थान में चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के गिरफ्तारी के लिए एसीबी को वारंट मिल गए हैं। यह वारंट जयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोर्ट नंबर-एक ने जारी किए। ये वारंट सुबोध अग्रवाल के साथ ही इस घोटाले में फरार जीतेंद्र शर्मा, संजीव गुप्ता और मुकेश गोयल के जारी किए गए हैं।
एसीबी की अलग-अलग टीमें इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसी कड़ी में एसीबी की टीम सुबोध अग्रवाल की तलाश में बॉलीवुड स्टार सलमान खान के पनवेल फार्म हाउस तक भी जा पहुंची। गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं हो पाने पर भविष्य में आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं
फर्जी बिल और वित्तीय गड़बड़ियों का मामला
एसीबी ने जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में अनियमितताओं को लेकर हाल ही में बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर छापेमारी की गई।
जांच में फर्जी बिल,फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पेश करने, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
पूर्व मंत्री जा चुके हैं जेल
इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। करीब 8 महीने जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। एसीबी ने 17 फरवरी को इस मामले में जलदाय विभाग के 10 अफसरों को गिरफ्तार किया था। लेकिन, पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल एसीबी टीम के पहुंचने से पहले ही घर से गायब हो गए थे।
ये हो चुके हैं 10 अधिकारी गिरफ्तार
एसीबी ने जिन 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमं चीफ इंजीनियर जयपुर शहर केडी गुप्ता, तत्कालीन मुख्य अभियंता पीएचईडी परियोजना दिनेश गोयल, रिटायर्ड तकनीकी चीफ इंजीनियर डीके गौड, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता निरिल कुमार, तत्कालीन वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित, रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव,रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता महेन्द्र प्रकाश सोनी,तत्कालीन अधिशाषी अभियंता विशाल सक्सेना और छत्तीसगढ़ से मुकेश पाठक शामिल हैं। सुबोध अग्रवाल सहित बाकी तीन आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए सभी के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी करवा दिया है। हालांकि, अब तक चार फरार आरोपियों में से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सुबोध अग्रवाल की तलाशी के लिए चार राज्यों में छापे
एसीबी ने इस घोटाले की जड़ें खोदने के लिए अब तक के सबसे बड़े तलाशी अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। इस हाई प्रोफाइल घोटाले में आरोपियों की तलाशाी के लिए अब तक 188 ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
एसीबी ने इस घोटाले में अब तक 10 बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी की है। घोटाले के मुख्य किरदार सुबोध अग्रवाल और उनके तीन अन्य सहयोगियों की तलाश के लिए 150 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है। सुबोध अग्रवाल के परिवार और 30 करीबी रिश्तेदारों पर नजर रखी जा रही है। पूर्व आईएएस की तलाशी के लिए राजस्थान सहित 4 राज्यों में छापेमारी की जा रही है।
आश्रय दाताओं पर भी गिरेगी गाज
एसीबी का कहना है कि केवल सुबोध अग्रवाल ही नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी कार्रवाई से बचाने और आश्रय देने वाले लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में सुबोध अग्रवाल के आईआरएस बेटे को भी नोटिस जारी किया गया है। जांच टीम का मानना है कि अग्रवाल को छिपने में उनके परिवार और रसूखदार दोस्तों का समर्थन मिल रहा है।
नोएडा के पॉश इलाकों और दिल्ली-एनसीआर के करीब आधा दर्जन फार्म हाउसों की पहचान की गई है, जहां सुबोध अग्रवाल ने फरारी के दौरान वक्त बिताया था। एसीबी उन सभी लोगों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने उन्हें वाहन, पैसा या छिपने की जगह उपलब्ध कराई।
28 फरवरी के बाद जांच को मिली गति
शुरुआत में एसीबी को सुबोध अग्रवाल की लोकेशन ट्रेस करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन, 28 फरवरी के बाद से जांच में महत्वपूर्ण मोड़ आया जब कुछ तकनीकी इनपुट्स और खुफिया मुखबिरों से महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलनी शुरू हुईं।
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि सुबोध अग्रवाल लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। वे बेहद शातिर तरीके से संचार के साधनों का उपयोग कर रहे हैं ताकि पुलिस को गच्चा दे सकें।
एसीबी के एक अधिकारी के अनुसार हम सुबोध अग्रवाल के बहुत करीब हैं। उनके रिश्तेदारों और करीबी मित्रों के 30 ठिकानों को चिन्हित किया गया है। कानून से भागना उनके लिए अब और आसान नहीं होगा।
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