राजस्थान की चिट्ठी: पंचायत का बिगुल, आधी रात लगी कोर्ट और 'बैकुंठ' में धोक

Saurabh Mishra | Sept 26, 2026, 16:43 IST
राजस्थान की चिट्ठी: नितिन नबीन का जयपुर आगमन
राजस्थान में पंचायत की बिसात से आधी रात की अदालती सुनवाई तक, RCA की सियासी पिच से कोटा मेयर की ‘धोक’ तक, इस हफ्ते कई तस्वीरें चर्चा में रहीं। आइए राजस्थान की चिठ्ठी में इन खबरों को विस्तार से जानते हैं।

राजस्थान की चिट्ठी



राजस्थान में इस हफ्ते सियासत ने शहर से गांव की राह पकड़ ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरे से पंचायत चुनाव की बिसात बिछी तो आधी रात न्याय के लिए हाईकोर्ट के दरवाजे भी खुले। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में कुर्सी की नई दौड़ भी शुरू हुई और कोटा की एक तस्वीर ने भाजपा में सत्ता-संगठन के रिश्तों पर सवाल छोड़ दिए। इसी बीच लॉरेंस बिश्नोई गैंग की आहट सियासत तक पहुंची, तो जोधपुर एम्स में रेजिडेंट डॉक्टर की मौत ने सिस्टम को कठघरे में खड़ा किया।



राजस्थान की चिट्ठी में पढ़िए-इस हफ्ते खबरों के पीछे क्या चला, क्या बदला और कौन से सवाल अगले हफ्ते तक साथ चलेंगे। शुरुआत राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों से।



शहर जीते, अब गांव की बारी

राजस्थान में निकाय चुनाव का शोर थमा ही था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जयपुर पहुंचे और सियासी रथ का रुख शहर से गांव की ओर मोड़ गए। मुख्यमंत्री आवास की हाई लेवल बैठक से लेकर दादिया के सम्मेलन तक संदेश साफ रहा कि पंचायत की जंग के लिए अभी से चौपाल पकड़ो, जनता से नाता मजबूत करो और सत्ता-संगठन की कदमताल बिगड़ने मत दो।



निकाय चुनाव के नतीजे अब पंचायत की रणनीति का आधार बनेंगे और जहां शहरों में चूक हुई, वहां गांवों में हिसाब दुरुस्त करने की कोशिश होगी। शहर का नतीजे पक्ष में है, अब गांव की चौपाल पर अगली परीक्षा है।





पंचायत चुनाव से पहले भाजपा को मिला नया सारथी

राजस्थान में निकाय चुनाव के फौरन बाद और पंचायत चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने राजस्थान संगठन में नया पत्ता खोल दिया। हरियाणा के संजय भाटिया को प्रदेश प्रभारी बनाया गया, जबकि कविता पाटीदार और कुलजीत चहल सह-प्रभारी बने।



राधामोहन दास अग्रवाल की जगह आए भाटिया के सामने अब पहला बड़ा इम्तिहान गांवों की चुनावी जमीन पर संगठन को साधने का होगा। प्रभारी नया है, मैदान गांव का है और परीक्षा सामने खड़ी।



पंचायत की आरक्षण पर्चियां खुलीं, गांवों में बिछेगी बिसात

राजस्थान में अब पंचायत चुनाव की चौसर बिछने लगी। 41 जिला प्रमुखों का आरक्षण 13 अगस्त को ही तय हो चुका था। इस हफ्ते जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्य, जबकि 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण प्रक्रिया हुई। पर्चियां खुलीं तो कहीं पुराने दावेदारों का रास्ता खुला, कहीं महीनों से जोड़े समीकरण एक झटके में बदल गए।



लॉटरी सरकारी थी, धड़कनें सियासी खेमों की बढ़ीं। अब दोनों ही पार्टियों की नजर निर्दलीयों की काट ढूंढने पर होगी क्योंकि नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के लिए निर्दलीयों ने ही खतरे की घंटी बजाई और गांव की सियासत में तो इसे साधे बिना नतीजा मिलना लगभग नामुमकिन है।



Panachayat election


आधी रात अदालत जगी

निकाय चुनाव में सियासी खींचतान ऐसी बढ़ी कि कई मामलों में राजस्थान हाईकोर्ट को दखल देना पड़ा और करीब 10 चुनावी याचिकाएं विशेष सुनवाई तक पहुंचीं। बीकानेर के कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद और हनुमानगढ़ के 9 पार्षद गिरफ्तारी की आशंका लेकर कोर्ट पहुंचे तो रविवार आधी रात के बाद तक सुनवाई चली और उन्हें अंतरिम राहत मिली। केकड़ी में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल और कुचेरा में तेजपाल मिर्धा को भी गिरफ्तारी से राहत मिली। दोनों चुनावी मैदान में उतरे और अध्यक्ष बने।



तिजारा का विवाद कोर्ट पहुंचा तो मतदान रोकने के बजाय समय रात 10 बजे तक बढ़ाया गया। इसके बाद कांग्रेस के रामावतार सैनी चुनाव जीते। इस बार निकाय चुनाव में कई सियासी लड़ाइयों का रास्ता मतदान केंद्र से पहले अदालत तक गया-दिन में जोड़-तोड़ और आरोपों की सियासत चली, रात में वोट और चुनावी अधिकारों पर सुनवाई।



RCA की पिच पर चुनावी मैच

ढाई साल के इंतजार के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में फिर चुनावी मैच शुरू हो गया । 29 सितंबर को 38 वोटर नई टीम चुनेंगे। अध्यक्ष की कुर्सी पर पराक्रम सिंह राठौड़, धनंजय सिंह खींवसर और मोहित यादव जैसे सियासी परिवारों से जुड़े नाम चर्चा में हैं, वहीं शोभना गुर्जर ने कार्यकारिणी सदस्य के लिए नामांकन कर महिला भागीदारी का नया अध्याय जोड़ दिया।



मैदान क्रिकेट का है, लेकिन फिलहाल रन से ज्यादा सियासी रसूख का स्कोर गिना जा रहा। देखना होगा कि अगले हफ्ते RCA का नया किंग कौन बनता?



rca rajasthan


रेंजर की मौत सुप्रीम कोर्ट पहुंची

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में डंपर की चपेट में आने से वन रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की मौत की गूंज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची। शीर्ष अदालत ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार से जवाब मांगा और अगली सुनवाई 6 अक्टूबर रखी।



राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि घटना अवैध मिट्टी खुदाई से जुड़ी थी और चंबल के अवैध रेत खनन मामले से इसका संबंध नहीं था। जमीन बचाने निकला पहरेदार चला गया, अब जवाब सरकार को देना है।



फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत हत्या


जोधपुर एम्स में सफेद कोट का गुस्सा

जोधपुर AIIMS में फस्ट ईयर के एनेस्थीसिया रेजिडेंट डॉ राज नरेश यादव की मौत ने सफेद कोट के पीछे छिपे दबाव और दर्द को फिर चर्चा में ला दिया। घटना के बाद तीन दिन रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहे और OPD सेवाएं प्रभावित हुईं।



डॉक्टर सार्वजनिक माफी, परिवार को आर्थिक मदद, डायरेक्टर के इस्तीफे और काम के बेहतर माहौल की मांग पर अड़े हैं। विडंबना देखिए कि जिस अस्पताल में हर रोज दूसरों का दर्द बांटा जाता है, उसी की चौखट पर आज डॉक्टर अपना दर्द लेकर बैठे हैं।



जोधपुर एम्स में डॉक्टर की सुसाइड को लेकर हड़ताल, रेजिडेंट डॉक्टरों ने डायरेक्टर का मांगा इस्तीफा -


पूर्व विधायक तक पहुंची लॉरेंस लैंग की नजर

सिरोही के पूर्व कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश ने सियासत के बीच अपराध की स्याह लकीर खींच दी। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी AGTF और जोधपुर पुलिस ने लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े दो इनामी शूटर गिरफ्तार किए।



पुलिस के मुताबिक उनके मोबाइल में लोढ़ा की तस्वीरें और रेकी से जुड़े सबूत मिले। साथ ही हथियार भी बरामद कर लिए गए। अब जांच इस साजिश की अगली कड़ियों तक पहुंचने की है। राजनीति में विरोध सुना था, बंदूक की रेकी डराने वाली है।



Rajasthan : गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा का छलका दर्द...बोले, मैंने हर दगाबाज के साथ महबूब देखे हैं


मेयर की कुर्सी, 'बैकुंठ' में धोक

कोटा में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी 65 वोट लेकर महापौर बनीं, लेकिन जीत के बाद एक तस्वीर ने नतीजे से ज्यादा सुर्खियां बटोर लीं। वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निजी निवास 'बैकुंठ' पहुंचीं और चौखट पर झुककर धोक लगाई। कांग्रेस ने तस्वीर को जनादेश और व्यक्ति-केंद्रित राजनीति से जोड़कर सवाल उठाए, तो सियासत में बहस छिड़ गई कि यह बड़ों के सम्मान की परंपरा है या सत्ता की चौखट पर नतमस्तक होती राजनीति? जनता ने कुर्सी तक पहुंचाया, एक 'धोक' ने सियासत को नई बहस का मौका दे दिया।



इस हफ्ते राजस्थान में शहर की सियासत गांव की तरफ बढ़ी, अदालत आधी रात तक जागी और क्रिकेट से लेकर सत्ता की चौखट तक कई तस्वीरें सवाल छोड़ गईं। फिलहाल राजस्थान की इस चिट्ठी में इतना ही...सियासत का अगला पन्ना लेकर अगले हफ्ते फिर होगी मुलाकात।



अनुसुईया गोस्वामी


यह खबरें भी पढ़ें...



राजस्थान की चिट्ठी: वोट, नोट और आग की चोट; मेहंदी के पीछे उमड़ा मेला



RCA चुनाव में पेच: 3 जिलों की मान्यता रद्द, फिर भी वोटर लिस्ट में नाम



संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की साजिश का खुलासा, दो शूटर गिरफ्तार



संजय भाटिया राजस्थान भाजपा के नए प्रभारी बने, करनाल से रह चुके हैं सांसद



Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान हाईकोर्ट
  • लॉरेंस बिश्नोई
  • राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन
  • नितिन नवीन
  • RCA
  • जोधपुर एम्स
  • संजय भाटिया