/sootr/media/media_files/2026/03/02/march-2026-03-02-11-35-02.jpg)
Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान में मार्च के शुरुआत में सूरज ने दिखाए तीखे तेवर।
- कई शहरों में तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री तक अधिक।
- मार्च के आखिर में हीटवेव यानी लू की स्थिति का अलर्ट।
- मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति के लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार।
- पश्चिमी विक्षोभ जल्द सक्रिय नहीं हुआ तो अधिक बढ़ेगा पारा।
News In Detail
जयपुर। राजस्थान में इस साल होली से ही सूरज ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए। मार्च महीने के शुरुआत में जिस तरह से पारे में उछाल देखा गया है, उसने मौसम वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को चिंता में डाल दिया है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की कमी और पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण राजस्थान के कई शहरों में तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने प्रदश में मार्च के आखिर में हीटवेव यानी लू का अलर्ट जारी किया है।
​मार्च में ही मई जैसी गर्मी का अहसास
​आमतौर पर मार्च की शुरुआत में मौसम सुहावना रहता है, लेकिन इस बार हवाओं का रुख बदलते ही राजस्थान के अधिकांश शहरों में दिन और रात दोनों के तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। रविवार को राज्य के तापमान ने सभी को चौंका दिया। बाड़मेर में सबसे अधिक 36.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। वहीं, सीकर में सबसे कम 31 डिग्री तापमान रहा, जो कि पहाड़ी इलाकों के करीब होने के बावजूद सामान्य से अधिक है। ​विशेषज्ञों का कहना है कि जो तापमान 1 मार्च को दर्ज किया गया, वह 15 मार्च के आसपास दर्ज किया जाता था। यानी इस साल गर्मी ने अपने आगमन का समय 15 दिन पहले ही तय कर लिया है।
​जलवायु परिवर्तन और बर्फबारी की कमी का असर
​मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च के शुरुआत में ही गर्मी की इस स्थिति के पीछे बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन है। पिछले कुछ साल के ट्रेंड को देखें तो सर्दी अपने समय से पहले ही खत्म हो रही है और गर्मी जल्दी दस्तक दे रही है।
इस साल उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में उम्मीद के मुताबिक बर्फबारी नहीं हुई है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने की वजह से ठंडी हवाओं का प्रवाह रुक गया है। पश्चिमी गर्म हवाओं ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण मार्च के पहले ही दिन तापमान ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
रात का तापमान भी रहा गर्म
सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि मार्च के शुरुआतमें रातें भी गर्म होने लगी हैं। फलोदी में रात का पारा सामान्य से 7.4 डिग्री अधिक रहा, जबकि बाड़मेर में यह 7.1 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ दर्ज किया गया। माउंट आबू जैसे ठंडे इलाकों में भी रात का तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक पाया गया।
​पिछले साल के मुकाबले बहुत अधिक तपन
पिछले साल 1 मार्च 2025 से तुलना करें तो अंतर स्पष्ट और डराने वाला है। पिछले साल इसी दिन जयपुर का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री था, जो इस बार बढ़कर 32.2 डिग्री हो गया है। इसी तरह बाड़मेर में पिछले साल 30.4 डिग्री के मुकाबले इस बार पारा 36.5 डिग्री तक जा पहुंचा है।
आगे क्या
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि पश्चिमी विक्षोभ जल्द सक्रिय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और भी तीखे हो सकते हैं। मार्च के आखिर तक पारा हीटवेव की स्थिति पैदा कर सकता है।
ये भी पढे़:-
तीन मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें भारत में सूतक काल का समय
होली 2026 पर भद्रा और ग्रहण का साया, भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां
होली से पहले गर्मी ने पकड़ ली रफ्तार, एमपी, सीजी और राजस्थान में सूरज की तपिश ने बढ़ाया पारा
एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us