विधायक निधि में भ्रष्टाचार : सदाचार कमेटी के सामने तीनों विधायक पेश, कमीशन मांगने के नहीं दे पाए सबूत

Mukesh Sharma | Dec 19, 2025, 18:11 IST
Photograph: (the sootr)
तीनों विधायक विधायक निधि में भ्रष्टाचार के मामले में राजस्थान विधानसभा की सदाचार कमेटी के समक्ष पेश हुए। ऋतु बनावत ने सीबीआई जांच की मांग की, जबकि अन्य दो विधायकों ने चुप्पी साधे रखी।

Jaipur. विधायक निधि से अनुशंषा करने के बदले 40 फीसदी कमीशन मांगने वाले तीन विधायक शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा की सदाचार कमेटी के समक्ष पेश हुए। कमेटी ने बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा से पूछताछ की। कमेटी ने तीनों से कमीशन मांगने पर सवाल किया तो तीनों ने ही इनकार कर दिया, लेकिन अपने निर्दोष होने का कोई सबूत नहीं दे पाए।



राजस्थान में अप्रैल तक ही होंगे पंचायत-निकाय चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पूर्व विधायक की याचिका



सबूत पेश करने के लिए मांगा समय

कमेटी ने तीनों विधायकों से सीधा सवाल ​किया कि क्या उन्होंने विधायक निधि से काम देने के बदले कमीशन मांगा था? तीनों ही विधायकों ने स्वयं को निर्दोष बताया और सबूत पेश करने के लिए समय मांगा। रेवंतराम डांगा ने स्वंय को बीमार बताते हुए 15 दिन का समय मांगा, तो अनीता जाटव ने सात दिन और ऋतु बनावत ने 10 दिन का समय मांगा। ऐसे में अब कमेटी तीनों विधायक की अलग-अलग सुनवाई करेगी।



बनावत ने कहा-वीडियो एडिट किया

बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने कमेटी को बताया कि वीडियो को एडिट किया है। उन्होंने वीडियो की सीबीआई जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि यह ब्लैकमेलिंग का मामला है। इसके लिए पत्रकार की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दो साल में विधायक फंड से जो भी पैसा रिलीज हुआ है, उसकी भी जांच करवाने की मांग की।



अनीता और डांगा की चुप्पी

वहीं निर्दलीय विधायक अनीता जाटव और भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने कमेटी के समक्ष पेश होने के बाद मीडिया से कोई बात नहीं की और चुपचाप प्रस्थान कर गए। दोनों विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया और अपना पक्ष रखा, लेकिन मीडिया से कोई संवाद नहीं किया। वे विधानसभा के बाहर मीडिया से बिना बात किए निकल गए।



राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा का परिणाम जारी, 28 महिलाएं बनीं RJS, मधुलिका यादव टॉप पर रही



सड़क हादसे में राजस्थान हाईकोर्ट के जज घायल, अजमेर के निजी अस्पताल में चल रहा इलाज



अनीता से 7 दिन बाद पूछताछ

कमेटी अध्यक्ष कैलाश वर्मा के अनुसार, विधायक अनीता जाटव ने कहा कि न तो उनका पत्र से और ना ही उसमें लिखी गई राशि पर जो भी स्टिंग हुआ है, उससे कोई लेना-देना है और ना ही पत्र पर मोहर व दस्तखत उनके हैं। अनीता ने कहा वह जांच के लिए तैयार हैं और कमेटी इसकी जांच करवा ले। अनीता ने कुछ दस्तावेज पेश किए हैं और 7 दिन का समय मांगा है। इसलिए अब 7 दिन बाद ही उनसे पूछताछ होगी।



राजस्थान में अब वार्डों का होगा पुनर्गठन, सवा लाख हो जाएगी वार्डों की संख्या, कलेक्टरों को दिए गए निर्देश



पुन: पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार करेंगे

कमेटी के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने बताया कि यदि आवश्यक हुआ तो विधायक बनावत के पति को भी नोटिस जारी कर बुलाया जा सकता है। कमेटी ने तीनों विधायकों को समय दिया है। समय पूरा होने पर उन्हें नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार से भी पूछताछ होगी। इसके बाद ही रिपोर्ट तैयार करके विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।



स्टिंग में पकड़े गए थे तीनों विधायक

एक मीडिया हाउस ने तीनों विधायकों को स्टिंग ऑपरेशन में विधायक निधि से काम दिलवाने के बदले 40 फीसदी कमीशन मांगते हुए वीडियो में कैद किया है। खुलासा होते ही विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को ही मामले को विधानसभा की सदाचार कमेटी को भेज दिया था।



सदाचार कमेटी के सामने तीनों विधायक पेश

विधायक : ऋतु बनावत, अनीता जाटव, रेवंतराम डांगा


मुख्य आरोप : विधायक निधि में भ्रष्टाचार


सीबीआई जांच की मांग : बनावत ने सीबीआई जांच की मांग की


समय की मांग : विधायकों ने अतिरिक्त दस्तावेजों के लिए समय मांगा


गोपनीयता : कमेटी की कार्यवाही को गोपनीय रखा गया



राजस्थान में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, ED के खिलाफ खोला मोर्चा, डोटासरा और जूली पुलिस हिरासत में



मुख्य बिंदु

  • तीनों विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया है। हालांकि ऋतु बनावत ने सीबीआई जांच की मांग की है।
  • सदाचार कमेटी ने विधायकों से सवाल पूछे और उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया। अब सभी तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
  • बनावत का कहना है कि सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यदि कोई गलत रिपोर्ट है, तो पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान विधानसभा
  • विधायक निधि में भ्रष्टाचार
  • विधानसभा की सदाचार कमेटी
  • सदाचार कमेटी के सामने तीनों विधायक पेश