पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर, संयम लोढ़ा बोले—पहले उन्हें भी सुना जाए
News In Short
- राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर।
- यह कैविएट पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शीर्ष कोर्ट में लगाई है।
- ल़ोढ़ा ने कहा, हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर उन्हें भी सुना जाए।
- हाई कोर्ट ने हाल ही में 31 जुलाई तक चुनाव कराने का आदेश दिया था।
- सरकार और राज्य चुनाव आयोग इस फैसले के खिलाफ दायर कर सकते हैं अपील।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव पर हाई कोर्ट के आए फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर हो गई हैं। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता रहे पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सुप्रीम कोर्ट में यह कैविएट दायर की हैं।
ल़ोढ़ा ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि अगर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार और राज्य चुनाव आयोग अपील करते है तो पहले उन्हें सुना जाए। उनका पक्ष सुनने के बाद ही मामले में कोई आदेश पारित किया जाए।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सरकार और चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट से दिसंबर तक का समय मांगा था। लेकिन कोर्ट ने 22 मई को फैसला सुनाते हुए 31 जुलाई तक चुनाव कराने का आदेश दिया था।
ऐसे में संभावना है कि सरकार अथवा राज्य चुनाव आयोग हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं।
तय समय में नहीं कराए चुनाव
हाई कोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार ने तय समय सीमा में चुनाव नहीं कराए और हाई कोर्ट में चुनाव टालने का प्रार्थना पत्र लगा दिया।
सरकार ने सुनवाई के दौरान ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट नहीं आने और अन्य परिस्थितियों के चलते अभी चुनाव नहीं कराया जाना बताया था। इधर, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा का कहना था कि सरकार जानबूझकर पिछले डेढ़ साल से चुनाव टाल रही है।
नई डेडलाइन 31 जुलाई तय की
हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा है कि राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने होंगे। वहीं, ओबीसी कमीशन से कहा कि वह 20 जून तक अपनी रिपोर्ट सबमिट करे।
राजस्थान हाई कोर्ट ने आदेश में कहा, हमने जो समय चुनाव के लिए दिया था, उसमें भी 1 महीने से अधिक का समय बीत चुका है। ओबीसी आयोग के गठन को 1 साल से ज्यादा का समय हो चुका हैं। आयोग के इस ढुलमुल रवैये को पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के संचालन में बाधा नहीं बनने देंगे।
कोर्ट ने कहा कि बारिश और भीषण गर्मी जैसे बहाने राजस्थान राज्य में मान्य नहीं हैं, क्योंकि यहां ऐसी कोई चरम मौसम स्थिति नहीं है, जिसे नागरिक सहन न कर सकें। राज्य सरकार या उसके अधिकारियों का कामकाज मौसम की स्थिति के कारण नहीं रुकता। चुनाव कराना सरकार का वैधानिक और अनिवार्य कर्तव्य है।
FAQ
- पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट क्यों दायर किया गया?
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर किया ताकि हाई कोर्ट फैसले के खिलाफ अपील होने पर उनका पक्ष भी सुना जाए। - हाई कोर्ट ने चुनाव की नई डेडलाइन क्या तय की?
हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक कराए जाएं। - सरकार ने चुनाव नहीं कराने का क्या कारण बताया?
सरकार ने ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट न आने और अन्य परिस्थितियों का हवाला देकर चुनाव टालने की बात कही।
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