थानों में मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सीसीटीवी कैमरों का सही काम करना भी जरुरी

राजस्थान में पुलिस थानों में हिरासत पर मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने थानों में सीसीटीवी को लेकर जवाब पेश किया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाना ही पर्याप्त नहीं उनका सही प्रकार से काम करना भी जरुरी है।

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Mukesh Sharma
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Photograph: (the sootr)

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News in Short

  • राजस्थान में पुलिस हिरासत में हुई 11 मौतों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीसीटीवी कैमरे के सही तरीके से काम करने पर जोर दिया।

  • राज्य सरकार ने बताया कि 1050 पुलिस थानों में से 915 में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, 135 में अभी काम बाकी है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने सभी पुलिस थानों के सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए एक सेंट्रल सर्वर सिस्टम की आवश्यकता जताई।

  • राजस्थान, मध्यप्रदेश और केरल के सीसीटीवी मॉडल की सुप्रीम कोर्ट ने सराहना की और अन्य राज्यों को इसे अपनाने की सलाह दी।

  • सुप्रीम कोर्ट ने 21 फरवरी को सभी राज्यों के डीजीपी और गृह सचिवों के साथ वर्चुअल कांफ्रेंस आयोजित करने का निर्णय लिया है।

News in Detail

राजस्थान में पुलिस हिरासत में 11 मौतों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। राजस्थान सरकार ने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की कोर्ट को बताया कि राजस्थान के 1050 पुलिस थानों में से 915 थानो में सीसीटीवी लग चुके हैं व 135 थानों में लगने बाकी हैं। 10 पुलिस थानों की बिल्डिंग निर्माणाधीन है। कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र पर कहा कि कैमरे लगाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनका सही ढंग से काम करना भी जरुरी है।

पुलिस हिरासत में मौत पर लिया है स्व:प्रेरित प्रसंज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में हिरासत में मौत होने 11 मामलों के सामने आने के बाद स्व:प्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था। अदालती निर्देश पर राजस्थान सरकार ने हर थाने में सीसीटीवी कैमरे लगाने शुरु किए हैं। हर थाने में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए 75.12 करोड़ रुपए का बजट दिया है। 

सेंट्रल सर्वर सिस्टम जरुरी

सुप्रीम कोर्ट ने सभी थानो की निगरानी के लिए एक सेंट्रल सर्वर सिस्टम की आवश्यकता जताई है। इससे सभी पुलिस थानों के सीसीटीवी कैमरे एक जगह से जुड़ सकेंगे। इससे कैमरों की निगरानी,डेटा सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। 

सीसीटीवी कैमरे की स्थिति और सरकार का कदम

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में 135 पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इन 135 थानों में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा, 10 पुलिस थानों की बिल्डिंग अभी निर्माणाधीन हैं। सरकार ने इन पुलिस थानों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए छह से बढ़ाकर 16 कैमरे लगाने का निर्णय लिया है।इससे थाने में बेहतर निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

राजस्थान व एमपी मॉडल को मिली प्रशंसा...

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान,मध्यप्रदेश और केरल के मॉडल के रूप में प्रशंसनीय बताया है। कोर्ट ने कहा है कि इन राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में सकारात्मक कदम उठाए हैं। कोर्ट ने अन्य राज्यों को इनका अनुसरण करने की सलाह दी है। इसके लिए 21 फरवरी को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और गृह सचिवों के साथ वर्चुअल कांफ्रेंस आयोजित की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता और निगरानी

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगाने को पर्याप्त नहीं माना। कोर्ट ने यह भी कहा कि इन कैमरों का सही तरीके से काम करना भी जरूरी है। इसके अलावा, एक केंद्रीय सर्वर सिस्टम की आवश्यकता जताई गई, जो सभी पुलिस थानों के सीसीटीवी कैमरों को एक जगह से जोड़ सके। इससे कैमरों की निगरानी, डेटा सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।

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