राजस्थान: उजागर हो रही है पुलिस की अपराधियों से सांठगांठ, फिर कैसे होगा अपराधों पर नियंत्रण?
राजस्थान के नए पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने हाल ही में पदभार संभाला है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य राज्य में अपराधों पर नियंत्रण रखना होगा। हालांकि, इसके लिए सबसे बड़ी चुनौती उन पुलिसकर्मियों से निपटना है, जिनकी अपराधियों से सांठगांठ है। जब तक इस समस्या पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक अपराधों को नियंत्रित करना कठिन होगा।
जयपुर में पुलिसकर्मियों का क्या था खेल ?
राजधानी जयपुर में, जहां पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन करती है, वहीं कुछ पुलिसकर्मी ही इन अपराधियों से मिलीभगत करने में लिप्त पाए गए हैं। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस और पुलिस थानों में गठित की गई सीएसटी (कमिश्नरेट स्पेशल टीम) और डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) टीमों के कुछ पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने अपराधियों से पैसे के लालच में सांठगांठ की है ।
पिछले 7 महीनों में, जयपुर में 9 कांस्टेबल पकड़े गए हैं। इनमें से 3 कांस्टेबल पिछले तीन महीनों से फरार हैं। इन कांस्टेबल्स में से 5 सीएसटी, 3 डीएसटी साउथ और 1 डीएसटी ईस्ट का हिस्सा थे।
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अपराधियों से सांठगांठ
राजस्थान के अन्य इलाकों में भी पुलिसकर्मियों और अपराधियों के बीच सांठगांठ की खबरें आ रही हैं।
जोधपुर में, जहां बजरी माफिया से मिलीभगत के मामलों का खुलासा हुआ, दो एएसआई और तीन हेड कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया गया।
अफीम की तस्करी में शामिल होने के आरोप में 2 कांस्टेबल निलंबित किए गए थे। जोधपुर ग्रामीण पुलिस की जिला विशेष टीम (DST) को भी भंग कर दिया गया था।
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क्या होती हैं सीएसटी और डीएसटी टीमें? सीएसटी जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में काम करती है। यह टीम संगठित अपराधों, जैसे कि डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों पर नियंत्रण रखती है। सीएसटी को विशेष रूप से उच्च-प्रोफाइल अपराधियों और संगठित गिरोहों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यह टीम कमिश्नरेट के भीतर विभिन्न जिलों में काम करती है और अपराधियों को पकड़ने के लिए अन्य पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय करती है। | |||||||||
FAQ
- 1. क्या राजस्थान में पुलिसकर्मियों की अपराधियों से सांठगांठ की समस्या बढ़ रही है?
हां, राजस्थान में कई पुलिसकर्मियों द्वारा अपराधियों से सांठगांठ की घटनाएं सामने आई हैं। पिछले कुछ महीनों में जयपुर और जोधपुर में इस तरह के मामले बढ़े हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। - 2. सीएसटी और डीएसटी की क्या भूमिका है?
सीएसटी और डीएसटी राजस्थान पुलिस की विशेष टीमें हैं जो संगठित अपराधों से निपटने के लिए बनाई गई हैं। सीएसटी जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में कार्य करती है, जबकि डीएसटी राज्य भर में काम करती है। - 3. क्या राज्य पुलिस अधिकारियों ने इस स्थिति पर कार्रवाई की है?
हां, पुलिस अधिकारियों ने ऐसे भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कई कांस्टेबलों को निलंबित किया गया है और कुछ को लाइन हाजिर भी किया गया है। इसके बावजूद, इस समस्या पर पूर्ण नियंत्रण अभी बाकी है।
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