राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र से अगवा दो बिजनेसमैन को कोटा में बचाया, बदमाशों के नेटवर्क का खुलासा
राजस्थान पुलिस ने कोटा शहर में एक बड़े अपहरण मामले का खुलासा किया है, जिसमें दो व्यापारियों को महाराष्ट्र से अगवा किया गया था। उन्हें दिल्ली ले जाते वक्त राजस्थान पुलिस ने कोटा में बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया। बदमाशों के कब्जे से दो देसी पिस्टल, एक कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद जुनैद और नेहाल अहमद शामिल हैं।
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 : आंसर की जारी, ऐसे करें डाउनलोड
अगवा व्यापारियों को मिली राहत
गुजरात के पोरबंदर और भावनगर से संबंधित दो व्यापारी जयेश दत्ताणी और हिम्मत भाई को बदमाशों ने महाराष्ट्र से अगवा किया था। पुलिस ने उन्हें बचाया और बदमाशों को गिरफ्तार किया। यह बदमाशों का एक संगठित गिरोह था, जो प्रतिष्ठित लोगों का अपहरण कर उनसे पैसे ऐंठता था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन अपराधों का खुलासा किया है, जिनमें से एक वारदात जयपुर के एक युवक से जुड़ी थी, जिसमें आठ लाख रुपए की ठगी की गई थी।
कैसे हुआ अपहरण
18 सितंबर को महाराष्ट्र के मलकापुर में जब दोनों व्यापारी घर पर चाय पी रहे थे, पांच बदमाशों ने घर में घुसकर उन्हें चाकू दिखाया और पिस्टल तान दी। दोनों व्यापारियों को धमकी देकर उनके हाथ और मुंह रस्सी और कपड़े से बांध दिए। फिर बदमाश उन्हें अपनी कार में डालकर अमरावती के एक सुनसान खेत में ले गए। यहां उन्हें डराया-धमकाया गया और उनका अपहरण किया।
राजस्थान पुलिस ने पकड़े फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी पाने वाले, जानें कैसे होगी वसूली
सोशल मीडिया का इस्तेमाल और शातिर तरीका
इन बदमाशों ने सोशल मीडिया कॉल्स का इस्तेमाल किया। व्यापारियों के मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर अपने नंबर से वाई-फाई का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया के जरिए कॉल करते रहे। इस शातिर तरीके से वे अपनी पहचान छिपाकर पीड़ितों को धमका रहे थे।
राजस्थान पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: इंस्पेक्टरों की नियुक्ति और प्रमोशन
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मोहम्मद जुनैद और नेहाल अहमद ने दोनों व्यापारियों को कार में डालकर कोटा की तरफ ले जाया गया था। कोटा पुलिस को सूचना मिलने के बाद रेलवे कॉलोनी में नाकाबंदी की गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ के दौरान यह पता चला कि मोहम्मद जुनैद और उनके साथी पहले भी कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुके थे। इन बदमाशों ने जयपुर के एक युवक से महिला मित्र के नाम पर 8 लाख रुपए वसूले थे। इसके अलावा, उन्होंने नांदुरा (महाराष्ट्र) के एक पार्टी के नेता का भी अपहरण किया था और 27 लाख रुपए वसूले थे।
राजस्थान पुलिस में नया बवाल, बाड़मेर में हेडकांस्टेबल को डीएसपी ने मार दिया थप्पड़!
खबर का निष्कर्ष
राजस्थान पुलिस की यह कार्रवाई साबित करती है कि बदमाशों के नेटवर्क को तोड़ने में उनकी तत्परता और प्रभावशीलता बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुलिस ने अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके संदिग्ध खातों की जांच शुरू कर दी है।
FAQ
- 1. राजस्थान पुलिस ने किस तरह से व्यापारियों को बचाया?
राजस्थान पुलिस ने कोटा में नाकाबंदी करके, महाराष्ट्र से अगवा किए गए दो व्यापारियों को बचाया। - 2. बदमाशों का तरीका क्या था?
बदमाश सोशल मीडिया कॉल्स का इस्तेमाल कर रहे थे और अपने शिकार से पैसे ऐंठते थे। - 3. इन बदमाशों ने कितनी वारदातों को स्वीकार किया?
इन बदमाशों ने कुल तीन वारदातों को स्वीकार किया, जिनमें व्यापारियों से पैसे वसूले गए थे।