भजनलाल के दावों को गहलोत ने दी चुनौती, 5 साल बनाम 2 साल के बयानों पर किया पलटवार

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में अपनी सरकार के 2 साल के कार्यकाल को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के 5 वर्षों से बेहतर बताया था। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखा पलटवार किया है और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए हैं।

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Purshottam Kumar Joshi
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ashok gahlot

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के '5 साल बनाम 2 साल' के दावों पर गहलोत का पलटवार।

  • पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 800 करोड़ रुपये के बकाये की ओर ध्यान आकर्षित किया, जो RGHS योजना से जुड़े हैं।

  • बुजुर्गों और पेंशनर्स को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल रहा, दवा विक्रेताओं का भुगतान लटक रहा।

  • गहलोत ने 'सुशासन' के दावे को 'बदहाली' के रूप में तोड़ा।

  • राजनीतिक रूप से यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में हॉट टॉपिक बन सकता है।

News in Detail

राजस्थान विधानसभा में हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने दो साल के कार्यकाल को कांग्रेस की सरकार के पांच साल से बेहतर बताते हुए विभिन्न विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान, उन्होंने सड़क, बिजली और कृषि में हुए विकास कार्यों को प्रमुखता से पेश किया। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बयान पर पलटवार करते हुए इसे केवल आंकड़ों तक सीमित न रखने की बात की और जनता को मिलने वाली सुविधाओं की निरंतरता पर जोर दिया।

800 करोड़ का बकाया, बुजुर्गों के लिए संकट

गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार की प्रमुख योजना 'आरजीएचएस' के तहत दवा विक्रेताओं का 800 करोड़ रुपये का बकाया है। इससे बुजुर्ग पेंशनर्स और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सरकारी कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गहलोत ने कहा कि 'योजना के तहत दवाइयों की आपूर्ति में अड़चन आ रही है, क्योंकि फाइलें पिछले 6 महीनों से सचिवालय में अटकी पड़ी हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का कुप्रबंधन सीधे तौर पर जनता की सेहत पर असर डाल रहा है।

बुजुर्ग पेंशनर्स की बढ़ती परेशानियां

गहलोत के अनुसार, बुजुर्ग पेंशनर्स को अब अपनी दवाइयां खुद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और दवा विक्रेताओं ने आरजीएचएस कार्ड के तहत दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है, जिससे लाखों पेंशनर्स को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

गहलोत का निशाना, 'सुशासन' के दावे की हवा निकली

गहलोत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जो 'सुशासन' का दावा किया है, वह केवल भाषणों तक ही सीमित रह गया है, जबकि असलियत यह है कि आज प्रदेश में बुजुर्गों और पेंशनर्स को अपनी दवाइयों के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की और सरकार से तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

राजनीतिक गरमाहट बढ़ने की संभावना

गहलोत का यह हमला भाजपा सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर जब विपक्ष सदन के भीतर इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहा है। राजस्थान में स्वास्थ्य योजनाओं के बजट आवंटन और पुराने योजनाओं के स्वरूप में बदलाव को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। आगामी दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा सकता है।

'5 साल बनाम 2 साल' के दावों पर फिर से बहस

मुख्यमंत्री के दावों के बावजूद, गहलोत का कहना है कि सच्चा विकास केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली सुविधाओं की निरंतरता में दिखना चाहिए। गहलोत ने यह भी संकेत दिया कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है, जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है।

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