मीणा-बेनीवाल जुबानी जंग के बाद पसीजे दिल, किरोड़ी ने मांगी माफी, हनुमान बोले-किरोड़ी मेरे बड़े भाई

राजस्थान के दो कद्दावर नेताओं के बीच हुई जुबानी जंग अब माफी में बदल चुकी है। कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और हनुमान बेनीवाल के बीच की बहस ने नया मोड़ लिया और अब दोनों नेताओं के बीच सुलह हो गई है।

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Nitin Kumar Bhal
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Photograph: (The Sootr)

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राजस्‍थान की राजनीति के दो कद्दावर नेताओं के बीच हुई जुबानी जंग अब माफीनामे में बदल गई है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और राष्‍ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने एक-दूसरे की जमकर पोल खोली, लेकिन अब पहले तो मीणा ने माफी मांगी और उसके बाद बेनीवाल ने भी मीणा को अपना बड़ा भाई बताया। दरअसल, 28 अगस्त को राजस्‍थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर द‍िया। इसके बाद एक चैनल पर दोनों नेताओं के बीच बहस ने इतना तूल पकड़ा कि बात व्‍यक्तिगत आरोप-प्रत्‍यारोपों तक पहुंच गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए और व्यक्तिगत हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब किरोड़ी लाल मी‍णा ने हनुमान बेनीवाल से माफी भी मांग ली है। 

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किरोड़ीलाल मीणा ने हनुमान बेनीवाल से माफी क्यों मांगी?

किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी ओर से हनुमान बेनीवाल से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और किसी भी गलत कार्य में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बेनीवाल को उनकी बातों से आघात पहुंचा है तो वह मीडिया के सामने उनसे माफी मांगते हैं। मीणा ने यह भी कहा कि अगर कहीं भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई प्रमाण मिलता है, तो वह फांसी के फंदे पर लटकने के लिए तैयार हैं।

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हनुमान बेनीवाल ने मीणा की माफी पर क्या प्रतिक्रिया दी?

हनुमान बेनीवाल ने मीणा की माफी को स्वीकार करते हुए कहा कि किरोड़ी उनके बड़े भाई हैं और माफी का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ समय बाद हो सकता है कि वह और मीणा एक साथ दिखाई दें। बेनीवाल ने कहा कि मीणा सरकार में मंत्री हैं और उन्हें हनुमान बेनीवाल के द्वारा किए गए सही कामों को आगे बढ़ाना चाहिए।

किरोड़ी-बेनीवाल के बीच लाइव भिड़ंत कैसे हुई?

किरोड़ीलाल मीणा: जहां तक पर्दा डालने की बात है, सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी बैठाई थी। पर्दा डालने वाली कोई बात नहीं थी। मैंने कह दिया था कि रद्द करो, आगे तो मेरी सीमाएं, मर्यादाएं हैं। इतना बोल रहा हूं, वही काफी है। कांग्रेस राज में कोई सड़क पर नहीं आया, हम ही सड़क पर आए।

हनुमान बेनीवाल: डॉक्टर साहब खुद की ही खबर पढ़ते हैं, दूसरे की नहीं। हम तो पूरे पांच साल सड़क पर ही थे। पर्दा भजनलाल शर्मा की सरकार डाल रही है, ये नहीं डाल रहे हैं। ये थोड़ी डालेंगे पर्दा।

किरोड़ी: राजस्थान में अगला परिवर्तन यही करेंगे, और तो कोई है ही नहीं।

बेनीवाल: कोई नहीं है डॉक्टर साहब, परिवर्तन हम ही करेंगे, आपकी उम्र ज्यादा हो गई, अब 60 साल उम्र हो गई।

किरोड़ी: राजस्थान में तो यही क्रांति करेंगे और तो कोई क्रांति करने वाला है ही नहीं।

बेनीवाल: अब इनकी उम्र 60 साल हो गई, क्रांति हम ही करेंगे।

किरोड़ी: मेरी उम्र तो कितनी ही हो गई, लेकिन मेरे बराबर संघर्ष करना सीखो। आपकी आरएलपी पार्टी की महिला नेता पेपर लीक में शामिल थी।

बेनीवाल: आपको मेरे से ज्यादा कौन जानता है डॉक्टर साहब, आप मेरे को छोड़कर चले गए थे। आपको पूरा देश जानता है।

किरोड़ी: मैं गांजा पीता हूं क्या, छिपाता थोड़े हूं।

बेनीवाल: आपको पूरा देश जानता है। आप भर्ती रद्द करवा देते फिर...

किरोड़ी: पेपर लीक में तुम्हारी पार्टी की महिला नेता शामिल थी।

बेनीवाल: वो आपके टच में थी।

किरोड़ी: पेपर लीक में आरएलपी की महिला नेता थी, ज्यादा मत बोलो वरना तुम्हारा कनेक्शन जुड़ जाएगा।

बेनीवाल: मैं आपको जानता हूं, अच्छी तरह जानता हूं। छोड़ो आप, काहे के राजस्थान के नेता हो आप।

किरोड़ी: राजस्थान के नेता तुम हो क्या? वहां तूफान खड़ा कर दिया, यहां तूफान खड़ा कर दिया, क्या कर दिया? फालतू की बकवास बाजी कर रहे हो।

बेनीवाल: कुछ नहीं, अब गया जमाना आपका।

किरोड़ी: तू दौसा में आया था। पुलिस ने लाठी चलाई, तुम वहां मैनेजर के सामने टेबल के नीचे घुस गए थे।

बेनीवाल: आप घुस गए थे। मैंने आपको देखा था भागते ​हुए।

किरोड़ी: बकवास कर रहे हो, क्या देखा था?

बेनीवाल: आप मुझे छोड़कर भागे थे, वसुंधराजी के पास। मैं आपको छोड़कर नहीं भागा।

किरोड़ी: खड़ा करने वाला, आगे बढ़ाने वाला मैं। तुम तो जाटों के लड़कों पर लाठी चली तब अस्पताल पूछने तक नहीं गए।

बेनीवाल: आप चोरों की मदद करते हो, आप सारे चोरों की मदद करते हो।

किरोड़ी: अपनी सीमा में रहो, सब नेतागिरी भुला दूंगा।

बेनीवाल: सीमा में रहो, ठीक है न।

किरोड़ी: तू तेरे क्वार्टर में छुपकर चुप होकर बैठ गया था, तभी मैंने टोडाभीम से भाग कर आकर तेरे को बचाया था।

बेनीवाल: क्या तेरे-तेरे लगा रखा है, क्या है आपके पास?

किरोड़ी: तू तो जाट है न, किसान का बेटा है न, तेरे को शर्म आनी चाहिए।

बेनीवाल: छोड़ो, आप जैसा तो फर्जी आदमी मैंने देखा ही नहीं।

किरोड़ी: चोर कहीं के, पैसे मैंने मेरे हाथ से दिए थे।

बेनीवाल: आपके पास क्या सामान है? क्या दिए थे?

किरोड़ी: कहता था मुझे पैसे दिलाओ, पैसे दिलाओ।

बेनीवाल: आप बिकाऊ हो।

किरोड़ी: तू ही ले ले न। मैंने इकट्ठे पैसे दिलवाए हैं, बता और दूंगा।

बेनीवाल: आप इससे ज्यादा कुछ नहीं बनोगे। आप तो बहज बांटते रहो, फैक्ट्री पर छापे मारो और उनसे पैसे ले लो और आप कुछ नहीं कर पाओगे। इससे ज्यादा कुछ नहीं होने वाला।

किरोड़ी: तूने जाटों के चोरों को बिगाड़ दिया।

बेनीवाल: आपको जलन क्यों हो रही है, आपने जाटों का ठेका ले रखा है क्या?

किरोड़ी: मैंने पूरे राजस्थान का ठेका ले रखा है।

मीणा और बेनीवाल का झगड़ा कहां से शुरू हुआ?

किरोड़ीलाल मीणा और हनुमान बेनीवाल विवाद तब शुरू हुआ जब 28 अगस्त 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द कर दिया था। इसके बाद दोनों नेता एक टीवी चैनल के लाइव शो में फोन के माध्यम से बहस करने लगे। इस बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को चोर और लुटेरा तक कह डाला। मीणा ने बेनीवाल से कहा कि तुम लुटेरे हो, चोर हो, और मैंने खुद अपने हाथों से पैसे दिए हैं। इसके जवाब में बेनीवाल ने कहा कि लुटेरे तुम हो, तुम चोरों को बचाते हो, और तुम्हें अपनी सीमा में रहकर बात करनी चाहिए।

यह जुबानी जंग काफी तूल पकड़ी और दोनों नेताओं के बीच की व्यक्तिगत लड़ाई में तब्दील हो गई। लेकिन अब दोनों ने माफी मांगी और सुलह की ओर बढ़ने का निर्णय लिया है।

FAQ

1. किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल के बीच विवाद क्यों हुआ?
यह विवाद राजस्थान हाईकोर्ट के एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के फैसले के बाद शुरू हुआ। दोनों नेताओं के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिसके बाद यह विवाद बढ़ गया।
2. किरोड़ी लाल मीणा ने हनुमान बेनीवाल से क्यों माफी मांगी?
किरोड़ी लाल मीणा ने हनुमान बेनीवाल से माफी मांगी क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बेनीवाल पर आरोप लगाए थे। मीणा ने कहा कि अगर उनके शब्दों से बेनीवाल को आघात पहुंचा है, तो वह माफी मांगते हैं।
3. हनुमान बेनीवाल ने मीणा से माफी क्यों स्वीकार की?
हनुमान बेनीवाल ने मीणा से माफी स्वीकार करते हुए कहा कि मीणा उनके बड़े भाई हैं और माफी का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एक साथ नजर आ सकते हैं।
4. क्या मीणा और बेनीवाल की सुलह राज्य की राजनीति पर असर डालेगी?
हां, मीणा और बेनीवाल की सुलह राज्य की राजनीति पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि दोनों नेता मिलकर राज्य के विकास में योगदान दे सकते हैं।
5. क्या किरोड़ी लाल मीणा-हनुमान बेनीवाल विवाद का कोई दीर्घकालिक असर होगा?
यह विवाद फिलहाल सुलझ चुका है, लेकिन राजनीति में हमेशा ही तनाव और विवाद रहते हैं। यदि दोनों नेता एकजुट होकर काम करते हैं, तो यह राज्य की राजनीति के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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एसआई भर्ती 2021 किरोड़ीलाल मीणा और हनुमान बेनीवाल विवाद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा हनुमान बेनीवाल