ओएमआर शीट फर्जीवाड़ा: सिपाही ने परिवार व दोस्तों की दिलवाई नौकरी, हुआ गिरफ्तार
News In Short
1. आरएसएसबी में सिपाही अनिल चौधरी और राभव लिमिटेड फर्म ने पेपर लीक और नंबर बढ़ाने का फर्जीवाड़ा किया।
2. सिपाही अनिल चौधरी ने ओएमआर शीट्स में परिवार के सदस्यों और दोस्तों के नंबर बढ़वाए।
3. जेईएन भर्ती 2020 और 2021 में पेपर लीक हुए, जिसमें कई आरोपी शामिल थे।
4. एसओजी ने इस फर्जीवाड़े में शामिल राभव लिमिटेड के पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
5. पुलिस जांच में ओएमआर शीट में छेड़छाड़ और पेपर लीक के कई मामले सामने आए।
News In Detail
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) में नौ साल से नंबर बढ़ाने का फर्जीवाड़ा चल रहा था। एसओजी ने इस फर्जीवाड़े की परतें खोलेकर एक सिपाही और परीक्षा कराने वाली आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस जांच में यह सामने आया कि फर्म के कर्मचारियों और सिपाही अनिल चौधरी ने मिलकर उम्मीदवारों के ओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाए थे।
फर्जीवाड़े में अनिल चौधरी की भूमिका
एसओजी के अनुसार सिपाही अनिल चौधरी ने फर्म राभव लिमिटेड के साथ मिलकर कई भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने महिला सुपरवाइजर भर्ती और जेईएन भर्ती जैसे मामलों में उम्मीदवारों के नंबर बढ़वाए थे। इसमें उनके परिवार के सदस्य, दोस्त और अन्य लोग भी शामिल थे। अनिल चौधरी ने इन उम्मीदवारों के नाम पर नंबर बढ़वाने का काम किया।
जेईएन भर्ती पेपर लीक
2020 में जेईएन भर्ती के पेपर लीक होने की घटना में फर्म राभव लिमिटेड और अनिल चौधरी का नाम सामने आया था। बाद में, उसी भर्ती की परीक्षा 2021 में फिर से हुई थी, लेकिन इस बार भी पेपर लीक हुआ। जांच में यह पाया गया कि जगदीश उर्फ गुरु, शेरसिंह मीणा और भूपेंद्र सारण ने पेपर लीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद से इस घोटाले की जांच तेज हो गई।
अन्य पेपर लीक में शामिल आरोपी
कई अन्य भर्ती परीक्षाओं रीट 2021 और एसआई भर्ती 2021 के पेपर लीक होने की जानकारी भी मिली। इन मामलों में कई आरोपी शामिल थे, जिनमें भूपेंद्र सारण, अनिल चौधरी और उनके सहयोगी थे। इन आरोपियों ने कई बार पेपर लीक करने में मदद की और उम्मीदवारों को फायदा पहुँचाया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
एसओजी ने इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। फर्म राभव लिमिटेड के पांच कर्मचारियों को 2019 में यूपी एसटीएफ ने 62 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा था। इसके बाद यह मामला खुला और कई गिरफ्तारियां हुईं।
ओएमआर शीट में छेड़छाड़
फर्म के कर्मचारियों ने 2019 में प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा 2018 के उत्तर-पत्रकों में भी छेड़छाड़ की थी। इसके बाद से फर्म के कर्मचारियों के खिलाफ और भी मामले सामने आए हैं।
ये भी खबर पढ़े:-
मध्यप्रदेश में ठंड बरकरार, राजस्थान में पड़ रहा घना कोहरा, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी सर्द
भोपाल RKDF यूनिवर्सिटी पर राजस्थान STF का छापा: संचालक सुनील कपूर के घर भी छानबीन
हैपी कुमारी बनीं राजस्थान की पहली महिला डब्लूपीएल क्रिकेटर, लड़कों के साथ खेलकर बनाई पहचान