हैपी कुमारी बनीं राजस्थान की पहली महिला डब्लूपीएल क्रिकेटर, लड़कों के साथ खेलकर बनाई पहचान

झुंझुनूं की हैपी कुमारी खीचड़ राजस्थान की पहली महिला क्रिकेट खिलाड़ी बन गई हैं। वह विमेंस प्रीमियर लीग (डब्लूपीएल) में पहली बार खेलेगी। वह अंडर-19 में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

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Ashish Bhardwaj
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News In Short

  • राजस्थान की हैपी कुमारी खीचड़ डब्लूपीएल में खेलने वाली राजस्थान की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं।
  • हैपी पहले एथलेटिक्स में कांस्य पदक विजेता रही हैं और बाद में क्रिकेट में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया।
  • स्थानीय स्तर पर लड़कों के साथ क्रिकेट खेलते हुए हैपी ने अपनी पहचान बनाई और फिर आगे बढ़ती गईं।
  • हैपी कुमारी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंडर-19 ट्राएंगुलर सीरीज़ में भी प्रदर्शन किया है।
  • हैपी का चयन गुजरात जायंट्स द्वारा किया गया है, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

News In Detail

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के कुमावास गांव की रहने वाली हैपी कुमारी खीचड़ ने अपनी मेहनत और लगन से क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा है।  वह विमेंस प्रीमियर लीग (डब्लूपीएल) में खेलने वाली राजस्थान की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें गुजरात जायंट्स ने अपनी टीम में शामिल किया है। 

हैपी कुमारी का एथलेटिक्स से क्रिकेट तक का सफर

हैपी का शुरूआत में खेलों के प्रति झुकाव एथलेटिक्स से था। उन्होंने 2023 में राज्य एथलेटिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उनकी तेज रफ्तार दौड़ को देखकर क्रिकेट कोच अजय कुमार ने उन्हें क्रिकेट में अपनी किस्‍मत आज़माने की सलाह दी। हालांकि, शुरुआत में उनका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था, लेकिन बाद में उन्होंने परिजनों को समझाकर क्रिकेट को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया।

लड़कों के साथ खेलकर बनाई पहचान

हैपी कुमारी का क्रिकेट सफर स्थानीय स्तर पर लड़कों के साथ अभ्यास करने से शुरू हुआ। उनकी मध्यम तेज गेंदबाजी इतनी धारदार थी कि वह अक्सर बल्लेबाजों की गिल्लियां गिरा देती थीं। इस खेल में उनकी रफ्तार और तकनीक को देखकर उन्हें तेजी से पहचान मिली और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुभव

हैपी कुमारी ने अब तक कई बड़े मंचों पर अपनी क्रिकेट प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंडर-19 ट्राएंगुलर सीरीज़ में भी खेला और अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया। उनके खेल को देखते हुए उन्हें डब्लूपीएल में खेलने का मौका मिला, जो एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है।

राजस्थान में एक नई मिसाल

हैपी कुमारी खीचड़ का नाम अब राजस्थान में एक प्रेरणा बन चुका है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसी के पास मेहनत करने की लगन और प्रतिभा हो, तो वह किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। उनके इस सफर से राजस्थान की युवा लड़कियों को प्रेरणा मिल रही है कि वे भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए क्रिकेट जैसी चुनौतीपूर्ण खेलों में अपनी जगह बना सकती हैं।

हैप्पी की लाइफ 

हैपी कुमारी की खेल में शुरुआत एक क्रिकेटर से नहीं बल्कि एक एथलेटिक्स के रूप में की थी। लेकिन बाद में क्रिकेट को अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने स्थानीय अभ्यास में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलकर अपनी पहचान बनाई। हैपी ने वुमेंस प्रीमियर लीग (डब्लूपीएल) में गुजरात जायंट्स से खेलना शुरू किया है। स्थानीय स्तर पर लड़कों के साथ क्रिकेट खेलते हुए हैपी ने अपनी पहचान बनाई और फिर आगे बढ़ती गईं। हैपी कुमारी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंडर-19 ट्राएंगुलर सीरीज़ में हिस्सा लिया है और अपनी गेंदबाजी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ी है। वह राजस्थान की वुमेंस प्रीमियर लीग में खेलने वाली राजस्थान की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।

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