RTE के तहत पैन कार्ड को किया अनिवार्य, फर्जी आय प्रमाण पत्र पर होगी सख्त कार्यवाई

Ashish Bhardwaj | Feb 21, 2026, 15:08 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान सरकार ने RTE के तहत एडमिशन के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया है। फर्जी आय प्रमाण पत्र पर कार्रवाई के लिए स्कूलों को जिम्मेदारी दी गई है।

News In Short

  • राजस्थान में RTE के तहत फर्जी आय प्रमाण पत्र पर सख्त कार्रवाई का आदेश।
  • पैन कार्ड की जानकारी अब RTE एडमिशन के लिए अनिवार्य।
  • फर्जीवाड़े की स्थिति में दोगुना फीस वसूली और एफआईआर दर्ज होगी।
  • स्कूलों को पैन कार्ड की जांच करने और फर्जीवाड़े की रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी दी गई।
  • इस सख्ती का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सही लाभ दिलाना है।

News In Detail

राजस्थान सरकार ने राज्य के प्राइवेट स्कूलों में RTE (राइट टू एजुकेशन) के तहत फ्री एडमिशन के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र पर सख्त कार्यवाई के निर्देश दिए है। इस निर्णय में पैन कार्ड को अनिवार्य किया गया है। किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े करने पर दोगुनी फीस वसूली जाएगी और साथ ही एफआईआर भी दर्ज होगी।



RTE के तहत आवेदन प्रक्रिया

राज्य में RTE के तहत एडमिशन के लिए आवेदन 20 फरवरी से शुरू हो कर 4 मार्च तक चलेंगे। इसके बाद, 6 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। इस बार की प्रक्रिया में 13 फरवरी को जारी आदेशों के अनुसार, पैन कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।



पैन कार्ड का महत्व

इस बार पैन कार्ड की जानकारी लेने की शुरुआत की गई है ताकि शिक्षा विभाग या प्राइवेट स्कूल विद्यार्थी के परिजनों आय की जांच कर सकें। जिन अभिभावकों के पास पैन कार्ड नहीं है। उन्हें अतिरिक्त जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन जिनके पास पैन कार्ड है, उन्हें यह जानकारी आवेदन में भरनी होगी। यदि जांच में कोई भी फर्जीवाड़ा पाया गया, तो एडमिशन रद्द किया जा सकता है और दोगुना फीस भी वसूली जा सकती है।



जांच की प्रक्रिया

प्रारंभ में, स्कूलों में पैन कार्ड की जांच की जाएगी। अगर किसी अभिभावक की आर्थिक स्थिति पर शक हुआ, तो स्कूल उसे और अधिक दस्तावेज जैसे आयकर रिटर्न (ITR) की जांच के लिए कहेगा। यदि ITR में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी।



स्कूलों पर कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी

नए आदेशों के अनुसार अब स्कूलों को फर्जीवाड़े की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की जिम्मेदारी दी गई है। पहले की प्रक्रिया में यह जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर थी, लेकिन अब इसे स्कूलों पर छोड़ दिया गया है। इससे संबंधित स्कूल संचालकों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।



सख्ती से लाभ

इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सही तरीके से लाभ मिल सके। फर्जी एडमिशन के चलते कई योग्य बच्चों को सीट नहीं मिल पाती थी, लेकिन अब इस सख्ती के कारण इन बच्चों को प्राथमिकता मिल सकेगी। इससे गरीब परिवारों को फायदा होगा और उन्हें कोई कठिनाई नहीं होगी।



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