दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वालों पर एसओजी की बड़ी कार्रवाई, 37 कर्मचारियों पर एफआईआर

एसओजी ने दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले 37 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर चयनित 38 लोग अपात्र पाए गए हैं।

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Ashish Bhardwaj
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SOG jaipur

Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • एसओजी ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वाले 37 अधिकारियों और कर्मचारियों पर किया केस दर्ज।
  • विधायक पुत्री कंचन चौहान के मामले में दिव्यांगता 40% से कम पाए जाने पर जांच जारी।
  • पहले चरण में 60 कर्मचारियों को मेडिकल के लिए बुलाया गया, जिनमें से 44 ने लिया हिस्सा।
  • 150 शिकायतों पर एसओजी ने की कार्रवाई, इनमें फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने वाले है शामिल ।
  • एसओजी ने संबंधित जिलों में जांच के लिए एसओपी भेजी, स्थानीय पुलिस से कार्रवाई की मांग।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान में दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले 37 कर्मचारियों और अधिकारियों पर एसओजी  ने केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।

फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट का मामला 

यह मामला तब सामने आया जब एसओजी ने पाया कि कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाई हैं। इन लोगों ने 40% से अधिक दिव्यांग होने का दावा किया था, जबकि जांच में उनकी दिव्यांगता 8% से कम पाई गई। एसओजी ने अब तक 44 मामलों की जांच की है। इसमें से 38 लोग अपात्र पाए गए है।

कंचन चौहान का मामला 

एसओजी ने विधायक की पुत्री कंचन चौहान के मामले की भी जांच की। कंचन चौहान ने 40% से अधिक दिव्यांगता का दावा कर आरएएस भर्ती में सफलता प्राप्त की थी। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में उनकी दिव्यांगता केवल 8% पाई गई है। एसओजी ने अभी इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

पहले चरण की कार्रवाई 

एसओजी को 150 से ज्यादा शिकायतें मिली थीं। इनमें फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। पहले चरण में, एसओजी ने 60 कर्मचारियों को मेडिकल के लिए बुलाया था। इनमें से 44 लोग ही उपस्थित हुए। इन सभी का मेडिकल एसएमएस अस्पताल में कराया गया। इसमें केवल 6 कर्मचारी दिव्यांग कोटे के तहत पात्र पाए गए।

फर्जी कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई 

एसओजी के पास अभी भी 150 से अधिक शिकायतें लंबित हैं। इन शिकायतों को एसओजी ने संबंधित जिलों में भेज दिया है, और अब स्थानीय पुलिस से मामले की जांच करने को कहा है। एसओजी ने सभी जिला एसपी को एक एसओपी भेजी है, जिसमें बताया गया है कि इन मामलों की जांच के लिए उप-अधीक्षक स्तर के अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी।

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