डोटासरा का आरोप, शाह और संतोष ने बनाया एसआईआर में फर्जीवाड़े का प्लान
News In Short
- कांग्रेस का आरोप,अमित शाह व बीएल संतोष ने बनाया एसआईआर में नाम काटने का प्लान
- राजस्थान में एसआईआर नहीं, बल्कि सीवीआर यानी कांग्रेस वोट रिमूवल अभियान
- गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, भाजपा संस्थागत रूप से कर रही है फर्जीवाड़ा
- डोटासरा बोले, एसडीएम दफ्तर में कोई बताने वाला नहीं कि थोक में फार्म दिए किसने
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एसडीएम दफ्तरों में पहुंचकर लिस्ट लेने का आह्रान
News In Detail
राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को आरोप लगाया है कि एसआईआर में नाट काटने का प्लान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने तैयार किया। इसके लिए तीन जनवरी को दोनों भाजपा नेताओं ने जयपुर में बैठक ली। बैठक में एसआईआर के दौरान फर्जी वोट जोड़ने और घटाने का प्लान तय हुआ। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस में ये गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस का आरोप, ऐसे चला खेल
डोटासरा ने कहा कि 13 जनवरी को अमित शाह सीएमआर में रुकते हैं। तीन से 13 जनवरी के बीच भाजपा में गुप्त खेल चलता है। इसके तहत फर्जी कम्प्यूटराइज्ड फॉर्म हर विधानसभा क्षेत्र के लिए तैयार होते हैं। फिर सभी विधायक और पराजित विधायक उम्मीदवारों को पैन ड्राइव दिया गया। इसके बाद 13 जनवरी की शाम से लेकर 15 जनवरी तक कहीं 10 हजार तो कहीं 20 हजार फार्म देकर नाम काटने का षडयंत्र चला। कांग्रेस की जीती हुई विधानसभा में वर्ग विशेष के नाम काटे जाने के फॉर्म दिए गए।
ऐसा क्या हुआ जो तेजी आई-जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि 9 जनवरी को भाजपा के 126 बीएलए ने केवल चार नाम काटने की अर्जी दी थी। इसके बाद 16 जनवरी को अचानक यह आंकड़ा हजारों में पहुंच गया। भाजपा के 2133 लोगों ने 18,896 नाम काटने की अर्जी पेश कर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि अमित शाह के दौरे के बाद नाम काटने की अर्जी बड़ी संख्या में आ गई! यह अपराध किया जा रहा है। भाजपा ने एजेंसी हायर की है। वहीं से फॉर्म कंप्यूटराइज्ड भरकर भेज गए हैं। लाखों फॉर्म तैयार करके नाम कटवाने भेजे हैं।
हमने 14 जनवरी को ही कहा था
डोटासरा ने कहा कि बीएलए के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। हमने 14 जनवरी को कहा था कि ये फर्जीवाड़ा करने के लिए तारीख बढ़ाएंगे और वही हुआ। उन्होंने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में दो हजार से ज्यादा फर्जी फार्म लेकर गए थे । लेकिन एसडीएम ने मना कर दिया। बीएलए के फर्जी हस्ताक्षर करके खेला खेला गया। बीएलए ने स्वयं कहा कि उनके फर्जी हस्ताक्षर है।
डोटासरा के अनुसार 15 जनवरी को हमने जब निर्वाचन आयोग में जाकर हमने निवेदन किया कि मंत्री तक एसडीएम को फोन करके बड़ी संख्या में फर्जी फॉर्म लेने का दबाब बना रहे हैं तो उन्होंने ऐसा नहीं होने का आश्वासन दिया था। भाजपा वालों ने एक लाख 40 हजार के आसपास 15 जनवरी तक नए वोटर रजिस्टर्ड करवा लिए थे। उन्होंने कहा कि हमने 14 जनवरी को ही कह दिया था कि ये लोग फर्जीवाड़ा करने के लिए दावे व आपत्तियां पेश करने की तारीख बढ़ाएंगे। इसलिए ही कांग्रेस नेता एसडीएम और कलेक्टरों के दफ्तरों में बैठ गए थे।
एसडीएम दफ्तर बताने को तैयार नहीं: कांग्रेस
जूली ने कहा कि भाजपा ने नाम कटवाने के लिए हजारों फॉर्म एक साथ जमा करवाए हैं। इनमें फर्जी हस्ताक्षर हैं। कई जगह न हस्ताक्षर हैं और न मोबाइल नंबर हैं। एसडीएम दफ्तरों में कोई अफसर यह बताने को तैयार नहीं है कि इतने फॉर्म देकर कौन गया? ऐसा कैसे संभव है? उन्होंने कहा कि राजस्थान में एसआईआर नहीं सीवीआर यानी कांग्रेस वोट रिमूवल अभियान चल रहा है। जब एसआईआर से कांग्रेस को नुकसान नहीं हुआ तो फर्जीवाड़े से नाम काटने की साजिश रची गई।
एसआईआर नहीं कांग्रेस वोट रिमूवल अभियान
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि बिहार में नाम काटे गए तो राजस्थान में हम मुस्तैद थे। हर बूथ पर बीएलए था। जब एसआईआर हुई तो राजस्थान में कोई शिकायत नहीं आई। हमारे बीएलए ने बीएलओ के साथ मिलकर हर वोटर की लिस्ट बनवाई। जब ड्राफ्ट लिस्ट आई तो बीजेपी को लगा कि कांग्रेस का तो कोई नुकसान हुआ ही नहीं। इसके बाद अमित शाह, बीएल संतोष,राधा मोहनदास अग्रवाल का दौरा हुआ और यहीं से साजिश की शुरुआत हुई।
फर्जीवाड़ा करके हजारों फार्म जमा करवाए
डोटासरा ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के हिसाब से ड्राफ्ट रोल से पहले तक बीएल 50 फॉर्म रोज जमा करवा सकता है। ड्राफ्ट रोल के बाद एक बीएलए 10 फार्म ही जमा करवा सकता है। 13 जनवरी को चुनाव विभाग ने राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक बुलाई थी। इसमें भाजपा ने विशेष रुप से सांसद राव राजेंद्र सिंह और पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे को भेजा। इस बैठक में भाजपा नेताओं ने थोक में फार्म जमा करवाने व 10 फार्म की सीमा हटाने की मांग की थी। हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने यह छूट देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने एसडीएम कलेक्टरों को भी थोक में फॉर्म नहीं लेने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बीजेपी ने बड़ी तादाद में फर्जीवाड़ा करके थोक में फार्म जमा करवाए।
डोटासरा का दावा फर्जीवाडे के सबूत
डोटासरा ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के थोक में फॉर्म नहीं लेने के निर्देश के बावजूद अनेक स्थान पर हजारों फॉर्म लिए गए। झुंझुनू में 13,882 ,मंडावा में 16,276 और खेतडी में 1,478 फार्म लिए गए। इन्होंने 1.40 लाख फॉर्म तो 15 जनवरी तक ही रजिस्टर्ड करवा दिए। जबकि बीजेपी के बीएलए हस्ताक्षर करने से इंकार कर रहे है। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी नेता बीएलओ से ओटीपी मांग रहे हैं। ताकि वे फर्जी नाम जोड़ सकें और कांग्रेसी विचारधारा वालों के नाम फर्जी तरीके से काट सकें। उन्होंने बीएलओ के ओटीपी मांगे जाने का सबूत होने का दावा किया।
मुकदमे दर्ज करवा रहे
डोटासरा ने कहा कांग्रेस ने भाजपा की साजिश को बहुत पहले भांप लिया था। कांग्रेस ने सब बूथों पर बूथ लेवल एजेंट व बीएलए बना दिए थे। हमारे नेताओं और बीलए ने सब जगह ध्यान रखा। जहां जहां बीजेपी ने गड़बड़ी की वहां हमने एक्सपोज किया। हमारे बीएलए सजग हैं। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं।
डोटासरा ने राजस्थान के अफसरों से भाजपा नेताओं के दबाव नहीं आने का तथा कानून के अनुसार काम करने का आग्रह किया है। डोटासरा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्रान किया है कि वे कल एसडीएम की टेबल पर बैठ जाएं और उनसे दावे व आपत्तियों की सूची लें। नोटिस बोर्ड पर चिपकाने को बाध्य करें। राहुल गांधी हमेशा कहते हैं कि वोट चोरी से तीसरी बार मोदी सरकार बनी है। अब उसी तरह एसआईआर से डाका डालने की साजिश कर रहे हैं लेकिन,राजस्थान में बीजेपी की साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
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