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Photograph: (The Sootr)
योगेन्द्र योगी@जयपुर।
राजस्थान में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस मुश्किल दौर से गुजर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बाद राजस्थान में भी यह फेहरिस्त बढ़ती जा रही है।
कांग्रेस के करीब आधा दर्जन नेता या उनके परिजन भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ रियायत बरतने के मूड में नहीं है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाया था। अब मौजूदा भाजपा सरकार एक-एक करके हिसाब चुकता करने में लगी है।
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पूर्व मंत्री जोशी का सजा से बचना मुश्किल
पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के खिलाफ 900 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन घोटाले में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी। हाल ही में जेल से बाहर आए जोशी पर अब धन शोधन अधिनियम के तहत केस चलेगा। महेश जोशी के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित माना गया है।
राज्यपाल की ओर से अभियोजन स्वीकृति दिए जाने पर अब ईडी और एसीबी, दोनों की ओर से दर्ज मुकदमों में अलग-अलग केस चलेगा। जल जीवन मिशन योजना में पात्र कंपनियों को दरकिनार करते हुए चहेती और ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को हजारों करोड़ रुपए टेंडर दे दिए गए। बिना काम किए ही कई फर्मों को करोड़ों रुपए का एडवांस भुगतान कर दिया गया।
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पूर्व मंत्री के पुत्रों पर हजारों करोड़ घोटाले का केस
गहलोत सरकार के कार्यकाल से जुड़े 2000 करोड़ रुपये के मिड-डे मील घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो की एफआईआर में पूर्व गृह राज्यमंत्री रहे राजेन्द्र यादव के दोनों बेटे मधुर यादव और त्रिभुवन यादव भी नामजद आरोपियों में हैं। आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत खाद्यान्न आपूर्ति में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं।
खास बात यह है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजेंद्र यादव का भाजपा में प्रवेश हुआ था, जिसे लेकर उस समय भी राजनीतिक चर्चाएं तेज रही थीं। इससे पहले सितंबर 2023 में राजेन्द्र यादव से जुड़े ठिकानों पर इनकम टैक्स और ईडी की कार्रवाई हो चुकी है। ईडी ने कोटपूतली और बहरोड़ में उनके निवास और फैक्ट्री पर छापे मारे थे, जिससे यह मामला पहले ही सुर्खियों में आ गया था।
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धारीवाल पर भी लटक रही है तलवार
बहुचर्चित एकल पट्टा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री शांति धारीवाल की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को सुनने से इनकार कर दिया। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए 1 नवंबर के आदेश को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि मामला एसीबी कोर्ट जयपुर में लंबित प्रोटेस्ट पिटीशनों के निपटारे तक शांति धारीवाल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई/गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। दरअसल, 29 जून 2011 को जयपुर विकास प्राधिकरण ने गणपति कंस्ट्रक्शन के मालिक शैलेन्द्र गर्ग के नाम पट्टा जारी किया था। आरोप लगाया गया कि इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और पुराने रिजेक्शन की जानकारी जुटाए बिना नया पट्टा जारी किया गया है।
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दिवंगत मंत्री की पत्नी भी आई चपेट में
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ईमानदारी की मिसाल रहे पूर्व पंचायती राज मंत्री भरत सिंह की पत्नी पूर्व सरपंच मीना कुमारी के खिलाफ एसीबी ने केस दर्ज किया है। इस केस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी सहित कई धाराएं शामिल हैं। यह कार्रवाई पंचायत राज विभाग की अनुशंसा पर की गई। मीना कुमारी और तत्कालीन सचिव पर बेशकीमती जमीन को डीएलसी दर की जगह सिर्फ 100 रुपये में पट्टे आवंटित करने का आरोप है। उक्त केस में जयपुर के निर्देश पर एक जांच कमेटी बनी थी। कमेटी की जांच रिपोर्ट में मीना कुमारी और तत्कालीन ग्राम सचिव पर आरोप लगा कि उन्होंने चार आवंटियों को बेशकीमती जमीन पर डीएलसी दर की जगह 100 रुपए में पट्टे आवंटित कर दिए थे।
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कांग्रेस विधायक अनिता पर गिरफ्तारी की तलवार
विधायक निधि से काम की एवज में कमीशन मांगने के स्टिंग आपरेशन में फंसी हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव के खिलाफ कार्रवाई विचाराधीन है। इस आपरेशन में भाजपा के रेवंतराम डांगा और निर्दलीय ऋतु बनावत भी फंसी हुई हैं। अनीता जाटव का लेटर 80 लाख रुपए के वर्क ऑर्डर का था। इस पर आरोप लगा कि अनीता जाटव ने इसके लिए 50 हजार रुपए का कमीशन लिया है। अनीता जाटव के लेटर पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 10% पर डील पक्की की। डीईओ प्राथमिक पुष्पेंद्र शर्मा को पत्र दिखाए, तो उन्होंने कहा कि वो बस इतना बताएं कि लिखना क्या है, जब उन्हें बताया कि उन्हें वर्क ऑर्डर समेत कई कामों में हेल्प करनी है, तो उनका कहना था कि वो कर देंगे। इसके बाद 10 प्रतिशत कमीशन पर ये सौदा हुआ। यह मामला विधानसभा की सदाचार कमेटी के पास विचाराधीन है।
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पूर्व मेयर के पास मिली 315 प्रतिशत अधिक सम्पत्ति
जयपुर हेरिटेज नगर निगम में कांग्रेस की पूर्व मेयर मुनेश गुर्जर को पट्टा जारी करने की एवज में रिश्वत लेने के प्रकरण में निलंबित किया गया। मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर के कहने से पट्टों पर हस्ताक्षर करने, पट्टों के बारे में अपने पति से चर्चा कर उनको लम्बित रखने और पट्टों की एवज में रिश्वत राशि प्राप्त कर हस्ताक्षर करने के आरोप प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित पाए गए। ये तीसरा मौका है, जब मुनेश गुर्जर को उनके पद से निलंबित किया गया।
इससे पहले 5 अगस्त 2023 और 26 सितंबर 2023 को भी उन्हें सस्पेंड किया जा चुका है। लेकिन, दोनों बार उन्हें राहत मिली और वो दोबारा मेयर की कुर्सी पर आकर बैठीं थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर और उनके पति सुशील कुमार गुर्जर के खिलाफ 33 महीनों में 315% ज्यादा संपत्ति अर्जित करने का मामला भी दर्ज किया है।
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जेल की हवा खा चुके कटारा और राईका
पेपर लीक मामले में आपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। दो साल पहले वह वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुआ था। बाद में एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर बेचने के मामले में भी अरेस्ट हुआ।
बाबूलाल कटारा ने आयोग के पूर्व सदस्य रहे रामूराम राईका को एक महीने पहले ही सॉल्वड पेपर दे दिया था। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार रामूराम राईका राजस्थान लोकसेवा आयोग का पूर्व सदस्य रहा है। अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को थानेदार बनाने के लिए एसआई भर्ती 2021 की लिखित परीक्षा से एक महीने पहले ही बाबूलाल कटारा से सॉल्वड पेपर ले आया था।
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मुख्य बिंदू:
- महेश जोशी पर आरोप है कि उन्होंने चहेती कंपनियों को अनुचित तरीके से टेंडर दिए और बिना काम किए ही करोड़ों रुपये का भुगतान किया।
- राजेंद्र यादव के दोनों बेटों पर मिड-डे मील घोटाले में खाद्यान्न आपूर्ति में अनियमितताएं करने का आरोप है।
- अनीता जाटव पर विधायक निधि से काम के बदले कमीशन लेने का आरोप है, जिसे स्टिंग ऑपरेशन में उजागर किया गया।
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