77 साल बाद बदलेगा PMO का पता, जानिए इसमें क्या होगा खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का पता 77 साल बाद बदलने जा रहा है। नए पीएमओ में आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं के साथ भारतीय संस्कृति की झलक भी मिलेगी। जानिए इस बदलाव के बारे में विस्तार से...

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Amresh Kushwaha
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News In Short

  • प्रधानमंत्री मोदी का नया कार्यालय सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत तैयार हुआ है।

  • नया पीएमओ 2 लाख 26 हजार 203 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है।

  • अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं में अंडरग्राउंड टनल और बुलेटप्रूफ ग्लास शामिल हैं।

  • नया कार्यालय भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का बेहतरीन मिश्रण है।

  • इस परियोजना का कुल खर्च लगभग 1189 करोड़ रुपए है।

News In Detail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया ऑफिस तैयार हो गया है। अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी महीने पीएम मोदी नए दफ्तर में शिफ्ट हो सकते हैं। नया प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय एक साथ होंगे।

यह सभी नए सेवा तीर्थ परिसर (Seva Teerth Complex) में स्थित होंगे। यह परिसर विजय चौक के पास रायसीना हिल के नीचे तैयार किया गया है। यहां तीन अत्याधुनिक इमारतें हैं- सेवा तीर्थ 1, सेवा तीर्थ 2 और सेवा तीर्थ 3।

नए सेवा तीर्थ परिसर का महत्व

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब सेवा तीर्थ 1 में होगा। सेवा तीर्थ 2 में कैबिनेट सचिवालय पहले ही शिफ्ट हो चुका है। सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होगा। यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) का ऑफिस रहेगा। यह बदलाव एक अहम कदम है। इससे प्रधानमंत्री का कार्यस्थल अब उच्च-स्तरीय सुरक्षा और आधुनिकता से लैस होगा।

सेंट्रल विस्टा परियोजना में तैयार

यह नया पीएमओ सेंट्रल विस्टा परियोजना (Central Vista Project) के तहत तैयार किया गया है। इसके तहत नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एनक्लेव भी बन चुके हैं। मंत्रालयों के लिए आठ नए कर्तव्य भवन (Duty Buildings) बनाने की योजना है। इनमें से तीन भवन तैयार हो चुके हैं और कई मंत्रालय शिफ्ट हो चुके हैं। यह परियोजना भारत के भविष्य के लिए मजबूत और संरक्षित प्रशासनिक ढांचे का निर्माण कर रही है।

नाम बदलकर हुआ सेवा तीर्थ

पहले इसे एक्जीक्यूटिव एनक्लेव कहा जा रहा था। वहीं, दिसंबर में सरकारी सूत्रों ने बताया कि अब इसका नाम सेवा तीर्थ परिसर (Seva Teerth Complex) रखा गया है। इस बदलाव के साथ देशभर के राजभवनों का नाम भी लोक भवन किया जाएगा। सेवा तीर्थ परिसर के पास ही प्रधानमंत्री आवास का निर्माण चल रहा है। जैसे ही यह तैयार होगा, प्रधानमंत्री निवास 7 लोक कल्याण मार्ग से सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट हो जाएगा।

भारतीय संस्कृति की छाप

सेवा तीर्थ परिसर में गणमान्य अतिथियों से मुलाकात के लिए आधुनिक कक्ष बनाए गए हैं। इन कक्षों में भारतीय संस्कृति और विरासत की झलक देखने को मिलेगी। इसके अलावा, कैबिनेट की बैठक के लिए एक विशेष कक्ष भी तैयार किया गया है। नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में अधिकतर अधिकारियों के लिए ओपन फ्लोर होगा। यह सरकारी कार्यसंस्कृति को पारदर्शी और सुगम बनाएगा।

मकर संक्रांति के अवसर पर पीएम हो सकते हैं शिफ्ट

भारत में मकर संक्रांति के उत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का नया दफ्तर तैयार हो रहा है। यह नया एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव (Executive Enclave) अब सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि 2047 के भारत का प्रतीक बन चुका है। पीएम मोदी अब साउथ ब्लॉक (South Block) के पुराने दफ्तरों को छोड़कर, इस नए दफ्तर में काम करेंगे। यह दफ्तर हाई-टेक सुरक्षा और मजबूत दीवारों से लैस होगा।

पीएम मोदी के नए ऑफिस की विशेषताएं

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बने इस नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कई अत्याधुनिक सुविधाएँ (High-Tech Features) शामिल हैं:

  • विशाल परिसर: इस पूरे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव (Executive Enclave) का क्षेत्रफल 2 लाख 26 हजार 203 वर्ग फुट है।

  • लागत और निर्माण: लगभग 1189 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया यह परिसर दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक है।

  • अभेद्य सुरक्षा: यहां पर एक कॉन्फ्रेंस रूम, कैबिनेट रूम, और प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का कार्यालय भी होगा।

  • अंडरग्राउंड टनल: प्रधानमंत्री के आवास और दफ्तर के बीच एक गुप्त अंडरग्राउंड टनल (Underground Tunnel) बनाई गई है। इसका उद्देश्य सुरक्षा और ट्रैफिक को प्रभावित किए बिना प्रधानमंत्री का मूवमेंट सुनिश्चित करना है।

इन सवालों के जवाब जो आपको जानना जरूरी हैं

पीएमओ का पता बदलने का मुख्य कारण क्या है?

पीएमओ का पता बदलने का मुख्य कारण सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट है। इसके तहत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और अन्य अहम दफ्तरों को एक सुरक्षित और मजबूत संरचना में शिफ्ट किया गया है। यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के कार्यस्थल को अधिक सुरक्षा और प्रौद्योगिकी से लैस बनाने के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य 2047 के विकसित भारत का प्रतीक प्रस्तुत करना है।

पीएमओ की नई बिल्डिंग की संरचना और सुरक्षा की विशेषताएं क्या हैं?

नई बिल्डिंग की संरचना अत्याधुनिक और बहुत सुरक्षित है। इसमें उच्च-स्तरीय सुरक्षा इंतजाम, अंडरग्राउंड टनल और नई तकनीकें हैं। यह बिल्डिंग कंक्रीट, स्टील और बुलेटप्रूफ ग्लास से बनाई गई है। इसका उद्देश्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना और प्रधानमंत्री के कार्यों को सुगम बनाना है। इसके अलावा, बिल्डिंग में विशाल बैठक कक्ष और एक विशेष कैबिनेट रूम भी तैयार किया गया है।

नया पीएमओ कितना बड़ा है?

नया पीएमओ लगभग 2 लाख 26 हजार 203 वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला हुआ है।

नया पीएमओ में कौन-सी आधुनिक सुविधाएं हैं?

इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं जैसे कॉन्फ्रेंस रूम, कैबिनेट रूम, प्रधानमंत्री कार्यालय, और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का कार्यालय शामिल हैं। यह बिल्डिंग उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाई गई है। इसमें एक गुप्त अंडरग्राउंड टनल भी है जो सुरक्षा को सुनिश्चित करती है।

पीएम मोदी के लिए नया आवास और ऑफिस कैसे फायदेमंद होंगे?

नया आवास और ऑफिस प्रधानमंत्री मोदी के लिए सुरक्षा, सुविधा और कामकाजी माहौल को बेहतर बनाएंगे। इसकी उच्च-स्तरीय सुरक्षा से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सुधार होगा। ऑफिस में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे कामकाजी माहौल बेहतर होगा। इसके अलावा, कार्यस्थल की डिजाइन भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का अच्छा मिश्रण है। यह प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रभाव को बढ़ाएगा।

इस बदलाव से भारतीय नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?

इस बदलाव का भारतीय नागरिकों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। यह परियोजना भारत के भविष्य के लिए मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार कर रही है। यह सुरक्षित और पारदर्शी सरकारी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देगा। इससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और प्रशासन में ईमानदारी और सुगमता आएगी।

इस परियोजना में कितना खर्च हुआ है?

इस परियोजना में लगभग 1189 करोड़ रुपए का खर्च आया है।

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