गुजरात में मना अनोखा अचार उत्सव, 200 साल पुरानी परंपरा के रंग में रंगे लोग

गुजरात के वडतालधाम में 200 साल पुरानी परंपरा के तहत अचार उत्सव मनाया गया। इस मौके पर 1.04 लाख किलो अचार तैयार किया गया। करीब 300 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने इसमें भाग लिया और दो महीने तक मेहनत की।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • गुजरात के वडतालधाम में 200 साल पुरानी परंपरा के तहत अचार उत्सव मनाया गया।

  • इस बार 1.04 लाख किलो अचार तैयार किया गया।

  • अचार बनाने में 1,000 मन नींबू, 80,000 किलो हरी मिर्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल हुआ।

  • 300 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने 2 महीने तक मेहनत की।

  • अचार बनाने के लिए ताजे हरे मिर्च और नींबू उत्तर गुजरात, चरोतर और सौराष्ट्र से मंगवाए गए।

News In Detail

Gujarat News. गुजरात में एक बहुत ही खास अचार उत्सव मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी वडतालधाम में 200 साल पुरानी परंपरा के तहत ये शानदार उत्सव हुआ। इस बार तो अचार का रिकॉर्ड बन गया, क्योंकि 1.04 लाख किलो अचार तैयार किया गया! गुजरात में अचार बनाने का तरीका बहुत ही अनोखा और खास है।

सर्दियों में मंगवाई जाती हैं ताजी हरी मिर्च और नींबू

आयोजकों ने बताया कि अचार बनाने के लिए इस बार भी सर्दियों में उत्तर गुजरात, चरोतर और सौराष्ट्र से ताजे हरे मिर्च और नींबू मंगवाए गए थे।

इस साल अचार बनाने में 1 हजार मन (लगभग 40 हजार किलो) नींबू, 80 हजार किलो हरी मिर्च, 16 हजार किलो नमक, 2 हजार किलो हल्दी और 600 लीटर नींबू का रस इस्तेमाल हुआ। सब कुछ मिलाकर अचार बनाने की यह प्रक्रिया सच में बहुत ही खास और मेहनत से भरी थी!

300 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने की मेहनत

इस विशाल अचार उत्सव में 300 से ज्यादा स्वयंसेवकों ने दो महीने तक लगातार मेहनत की। उन्होंने अचार तैयार करने की प्रक्रिया में पूरी मदद की, जिससे इस आयोजन को सफल बनाया गया है। यह एक सामूहिक प्रयास था, जहां हर किसी का योगदान था।

एक और साल, एक और यादगार उत्सव

वडतालधाम में यह अचार उत्सव हर साल एक नई याद लेकर आता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इस बार भी इस आयोजन ने सबको अपनी ओर आकर्षित किया। यह उत्सव न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे तैयार करने की प्रक्रिया भी एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सम्मानित की जाती है।

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