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News In short
- 13 जनवरी से मध्य प्रदेश में खेलो एमपी यूथ गेम्स शुरू हो रहा है ।
- खेल संघों से संबद्ध खिलाड़ी ही इस आयोजन में सहभागिता कर सकते थे ।
- विभाग की इस पांबदी का फायदा उठाकर खेल संघ खिलाड़ियों से फीस वसूल रहे थे।
- द सूत्र द्वारा मामला उठाने के बाद खेल विभाग ने संबद्धता की पाबंदी हटा दी है।
- खिलाड़ियों से संबद्धता के नाम पर फीस वसूलने वाले संघों में हड़कंप मच गया है।
News in Detail
BHOPAL. खिलाड़ियों के पंजीयन के बदले में खेल संघों द्वारा फीस वसूली का मामला सामने आने पर खेल और युवा कल्याण विभाग हरकत में आ गया है।
विभाग ने खेलो एमपी यूथ गेम्स में खिलाड़ियों के लिए खेल संघों से संबद्धता की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इसी अनिवार्यता का फायदा उठाकर खेल संघ खिलाड़ियों को यूआईडी नंबर जारी करने के बदले फीस वसूल रहे थे।
द सूत्र द्वारा खिलाड़ियों से वसूली का मामला उठाए जाने पर विभाग ने ऐसी फीस वसूली से इंकार किया है। इससे जिला और विकासखंड स्तर पर खिलाड़ियों से फीस वसूलने वाले संघों में हड़कंप मच गया है।
खबर प्रकाशित होने के बाद विदिशा में तैराकी स्पर्धा के खिलाड़ियों के जिला और विकासखंड स्तर पर पंजीयन की बाध्यता को फिलहाल रोक दिया गया है।
खेल प्रतिभाओं को निखारने का है आयोजन
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए खेलो एमपी यूथ गेम्स के रूप में बड़ा मंच उपलब्ध करा रही है। 13 जनवरी से 31 जनवरी के बीच इसके तहत विकासखंड से राज्य स्तर तक 28 खेल विधाओं में स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के ओलंपिक के नाम से चर्चित खेल महाकुंभ की सारी व्यवस्थाएं और खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार की व्यवस्था खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से की गई है। इस आयोजन में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने खेल संघों को अपने साथ जोड़ा है।
खिलाड़ियों की प्रतिभा के आंकलन और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए खेल संघों में पंजीयन भी अनिवार्य किया गया है। इसका फायदा उठाकर जिलों में निजी खेल संघ खिलाड़ियों से पंजीयन के बदले में फीस वसूली कर रहे हैं। जबकि विभाग की ओर से इस आयोजन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है।
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Documents
द सूत्र सामने लाया खिलाड़ियों की परेशानी
खिलाड़ियों से सरकारी आयोजन के नाम पर पंजीयन शुल्क की वसूली का मामला दू सूत्र ने उजागर किया है। प्रदेश के कई जिलों से सामने आ रही शिकायतों के साथ ही विदिशा में खेल प्रशिक्षकों के संगठन बीपीएड संघ ने दो दिन पहले ही प्रशासन को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। वहीं खेल प्रशिक्षकों ने सरकारी आयोजन की आड़ पर खेल संघों की फीस वसूली पर खेल विभाग के अधिकारियों के सामने भी आपत्ति दर्ज कराई थी।
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संबद्धता की आड़ में हो रही थी वसूली
द सूत्र की पड़ताल में सामने आया है कि भले ही खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने रजिस्ट्रेशन निशुल्क किया है लेकिन खेल संघ संबद्धता की अनिवार्यता का फायदा उठा रहे हैं। खेल प्रशिक्षक पंकज भार्गव के अनुसार स्पर्धा के पंजीयन में कोई फीस नहीं है लेकिन खिलाड़ियों को मैच में शामिल होने का अवसर तब ही मिलेगा जब उनके पास खेल संघ का रजिस्ट्रेशन कार्ड होगा।
मध्य प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन ने इस संबंध में सभी जिलों को जो पत्र लिखा है उसमें भी सीएसआर और एमपी कार्ड का उल्लेख किया गया है। ताईक्वांडो के खिलाड़ियों के लिए ब्लैक बेल्ट की अनिवार्यता है और उनसे भी फीस ली जा रही है। तैराकी स्पर्धा और बैडमिंटन के खिलाड़ियों को भी 550 से 1 हजार रुपए फीस देनी पड़ रही है।
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एक्सपर्ट व्यू
पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक विजेता और जूडो खिलाड़ी कपिल परमार का कहना है सरकारी आयोजनों में निजी खेल संघों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। हांलाकि ऐसे संघों का सहयोग लिया जा सकता है लेकिन जहां अनिवार्यता की बात होगी वहां ऐसी संस्थाएं आर्थिक फायदा तलाशने में जुट जाती हैं। खेलो एमपी अंचल के छोटे कस्बों और गांवों के आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को मंच देता है। संबद्धता के नाम पर खेल संघों की वसूली उन्हें दूर कर सकती है। सरकार और खेल विभाग को इसका ध्यान रखना होगा ताकि खेल प्रतिभाओं को निराशा का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
खेल संघों से संबद्धता की अनिवार्यता नहीं
द सूत्र द्वारा मामला उठाए जाने के बाद खेल विभाग के सहायक संचालक बीएस यादव ने स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है खेलो एमपी के लिए विभाग द्वारा कोई पंजीयन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यह पूरी तरह निशुल्क है। विभाग की ओर से किसी खेल संघ को खिलाड़ियों से पंजीयन शुल्क लेने की छूट नहीं दी गई है।
यदि इस आयोजन के लिए कोई भी खेल संघ किसी तरह की शुल्क वसूल रहा है तो विभाग इस पर कार्रवाई तय करेगा। विभाग से इस संबंध निर्देश जारी कर खेलो एमपी में सहभागिता के लिए खेल संघों की संबद्धता की अनिवार्यता को रद्द कर दिया है। वहीं अधिकारियों की नाराजगी के बाद विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर फीस वसूलने वाले खेल संघों में खलबली मच गई है।
विदिशा में तैराकी स्पर्धा के खिलाड़ियों को फिलहाल खेल संघ के पंजीयन के बिना ही विकासखंड और जिला स्तरीय स्पर्धा में शामिल करने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं।
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