तबादलों की अवधि 5 दिन बढ़ी, अब 10 जुलाई तक हो सकेंगे ट्रांसफर
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में अब 10 जुलाई तक होंगे तबादले।
- पीएम मोदी के दौरे से पड़ी थी तबादलों में रुकावट।
- मंत्रियों के घर उमड़ी भीड़, सिफारिशें चल रही हैं।
- ग्रेड थर्ड टीचर और स्वास्थ्य कर्मचारी अभी भी इंतजार में।
- शिक्षा से पुलिस तक, सब विभागों में तबादलों की मांग।
राजस्थान सरकार ने सरकारी तबादलों की समयसीमा 5 दिन और बढ़ा दी है। अब 10 जुलाई तक तबादले हो सकेंगे। पहले 5 जुलाई की डेडलाइन थी। 4 जुलाई को पीएम मोदी के पचपदरा रिफाइनरी लोकार्पण के कारण कई विभागों की तबादला प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
तबादलों को लेकर मंत्रियों के घरों और सचिवालय में कर्मचारियों की भारी भीड़ जुटी है। ग्रेड थर्ड शिक्षकों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को इस बार भी राहत नहीं मिली।
क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?
प्रशासनिक सुधार विभाग ने 10 जुलाई तक तबादलों की छूट बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। इसकी मुख्य वजह 4 जुलाई का पीएम मोदी का दौरा रहा। उस दिन पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण की तैयारियों में अधिकारी व्यस्त रहे।
इस वजह से कई विभागों में तबादलों की कार्रवाई अधूरी रह गई। भाजपा विधायकों और नेताओं ने भी समयसीमा आगे बढ़ाने की मांग की थी।
कितने कर्मचारियों पर होगा असर
राजस्थान के सरकारी विभागों में तबादले की दायरे में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं। शिक्षा विभाग में 3.50 लाख कर्मचारी हैं, स्वास्थ्य विभाग में 90 हजार, पुलिस और जेल विभाग में 90 हजार, पंचायती राज और ग्रामीण विकास में 50 हजार, राजस्व विभाग में 25 हजार और जलदाय विभाग में 20 हजार कर्मचारी हैं।
हालांकि शिक्षा विभाग के 2.20 लाख ग्रेड थर्ड शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग के 90 हजार कर्मचारियों पर तबादला बैन जारी रहेगा।
ग्रेड थर्ड टीचर और स्वास्थ्य विभाग बाहर
ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों पर 2018 से रोक लगी है। ये शिक्षक लगातार तबादला बैन हटाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इस बार भी उन्हें राहत नहीं मिली।
स्वास्थ्य विभाग में तबादलों पर बैन न हटाने के पीछे मौसमी बीमारियों का कारण बताया गया है। सरकार का तर्क है कि बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और डॉक्टर-नर्स की तैनाती स्थिर रखना जरूरी है।
किन्हें मिलेगी प्राथमिकता
तबादलोंकी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता और गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर बीमारियों में कैंसर, दिमाग की बीमारी, हार्ट, फेफड़े और किडनी की बीमारी शामिल हैं।
यह आदेश सरकारी कर्मचारियों के अलावा निगम, बोर्ड और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू होगा।
मंत्रियों के घर भीड़, सचिवालय में लंबी कतार
तबादलों की डेडलाइन बढ़ते ही मंत्रियों और भाजपा नेताओं के घरों पर भीड़ बढ़ गई। प्रदेशभर से कर्मचारी सिफारिश लगवाने पहुंच रहे हैं। सचिवालय में भी रोज हजारों लोग तबादलों के लिए दस्तक दे रहे हैं।
सबसे ज्यादा मांग शिक्षा, पुलिस, बिजली और वित्त विभाग में है। भाजपा विधायकों की सिफारिश के आधार पर विभागीय मंत्री तबादला सूची तैयार कर संबंधित अफसरों को भेजेंगे और उसके बाद आदेश जारी होंगे।
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