परिवहन विभाग में थ्री-डिजिट घोटाला, अब तक 39 परिवहन अधिकारियों पर एफआईआर

thesootr Desk | Jan 05, 2026, 14:12 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के परिवहन विभाग में गाड़ियों के थ्री डिजिट वीआईपी नम्बर का बड़ा घोटाला सामने आया है। जयपुर में आरटीओ प्रथम गजेंद्र सिंह शेखावत ने गांधीनगर पुलिस थाने में 39 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।

Jaipur. राजस्थान के परिवहन विभाग में वीआईपी नंबरों के आवंटन में बड़ा गड़बड़झाला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। थ्री-डिजिट वीआईपी नंबरों का परिवहन विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपए की सरकार को चपत लगा दी।



अब जयपुर के गांधीनगर पुलिस थाने में आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से 39 अधिकारियों, कार्मिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।



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रेवडियों की तरह बांटे नंबर

परिवहन विभाग में वीआईपी नम्बरों के आवंटन में घोटाले की चर्चा लम्बे समय से चल रही थी। आरटीओ प्रथम की ओर से 39 लोगों के नामजद एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसमें आरोप है कि गाड़ियों के वीआईपी नंबरों को रेवड़ियों की तरह बांट दिया गया। इस तरह से आवंटन में करीब 500 करोड़ रुपए के राजस्व का विभाग को नुकसान हुआ है।



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परिवहन विभाग में थ्री-डिजिट घोटाला

परिवहन विभाग में वीआईपी नंबरों के थ्री-डिजिट घोटाले में आखिरकार पहली एफआईआर 4 जनवरी को जयपुर के गांधी नगर पुलिस थाने में दर्ज हो गई है। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से एफ़आईआर दर्ज करवाने के बाद अब हड़कंप मच गया है। एफआईआर में आरोप लगाया है कि सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर वीआईपी और मनचाहे नंबरों का फर्जी आवंटन किया गया है।



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राजस्व का लगाया चूना

परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर जाली दस्तावेज तैयार किए थे। इन्होंने सरकारी रिकॉर्ड में अवैध हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नंबरों का आवंटन किया। अपने पद का दुरुप्रयोग कर जाली रिकॉर्ड तैयार किया। इसकी वजह से सरकार को करीब 500 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।



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सरकार हुई सख्त तो खुला राज

राजस्थान परिवहन विभाग के इस थ्री डिजिट वीआईपी नंबर घोटाले के मामले में प्रदेश सरकार के कड़े रुख के बाद ही यह पूरा मामला सामने आया है। इस पूरे मामले की शुरुआती जांच आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने की, जिसके चलते सालों से फाइलों में दफन यह घोटाला सामने आया है।



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वीआईपी नंबरों का हेरफेर

गांधीनगर पुलिस थानाधिकारी भजनलाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन विभाग की ओर से एक FIR दर्ज करवाई गई है। इसमें फैंसी नंबरों में हेरफेर करके 2129 गाड़ियों को तीन डिजिट के नंबर देने का आरोप है। इससे रेवेन्यू को भी नुकसान हुआ है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





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