जेन-जी वोटरों को लुभाने की तैयारी में सरकार, पेश होगा पहला यूथ बजट

Ashish Bhardwaj | Sept 24, 2026, 11:58 IST
जेन-जी बजट
जेन-जी बजट
राजस्थान सरकार जेन-जी वोटरों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश का पहला यूथ बजट लाने जा रही है। इसके लिए युवाओं से ऑनलाइन सुझाव मांगे गए हैं और एजेंडा उन्हीं सुझावों पर आधारित होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान सरकार बनाएगी प्रदेश का पहला यूथ बजट।
  • युवाओं के सुझावों से तैयार होगा बजट का एजेंडा।
  • भर्ती परीक्षाओं के लिए डिजिटल ट्रैकर पोर्टल होगा अपडेट।
  • 18 से 30 साल के युवाओं की बनेगी डिजिटल प्रोफाइल।
  • सरकार का फोकस नौकरी के साथ स्वरोजगार पर भी रहेगा।

राजस्थान सरकार का जेन-जी वोटरों पर फोकस लगातार बढ़ता जा रहा है। भजनलाल सरकार अब यूथ प्लान बनाने जा रही है, जिसका पूरा एजेंडा युवाओं के सुझावों के आधार पर ही तैयार होगा। इस एजेंडे को आगामी बजट में शामिल करते हुए सरकार अलग से यूथ बजट पेश करेगी।



प्रदेश का पहला यूथ बजट

सरकार ने प्रदेश के पहले यूथ बजट के लिए युवाओं से ऑनलाइन सुझाव मांगे हैं। इसके लिए वित्त विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि यह पहल 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।



भर्ती परीक्षाओं के लिए स्मार्ट ट्रैकर

सरकार भर्ती परीक्षाओं में होने वाली देरी और गड़बड़ियों को कम करने के लिए आरपीएससी (RPSC) और राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के डिजिटल ट्रैकर पोर्टल को आधुनिक फीचर्स से लैस करेगी। इसमें हर सरकारी भर्ती की पूरी टाइमलाइन, यानी वैकेंसी, विज्ञापन, परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति की तारीख दर्ज होगी। इसके साथ ही हर साल सरकारी विभागों की वास्तविक रिक्तियों का एकीकृत भर्ती कैलेंडर भी जारी किया जाएगा, जिससे युवाओं को पहले से नियुक्तियों की संभावित संख्या और भर्ती का रोडमैप पता रहेगा।



हर युवा की बनेगी यूनिक डिजिटल प्रोफाइल

18 से 30 साल के युवाओं की यूनिक डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। इसमें शिक्षा, स्किल, अनुभव, नौकरी की तलाश, अप्रेंटिसशिप और संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। सरकार का फोकस युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर है। इसके लिए एआई (AI) और तकनीक से जुड़े नए शैक्षणिक कोर्स भी शुरू किए जा सकते हैं। योजना है कि युवाओं के रोजगार का दायरा सरकारी नौकरियों से आगे बढ़ाकर कौशल प्रशिक्षण, उद्योगों से जुड़ाव, अप्रेंटिसशिप, निजी क्षेत्र में प्लेसमेंट, स्वरोजगार और उद्यमिता तक बढ़ाया जाए।



जेन-जी के लिए पहले से चल रही योजनाएं

प्रदेश में पहले से जेन-जी के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना 12 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर शुरू की गई थी, जिसके तहत 12वीं और 8वीं पास युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए 7.5 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को नया व्यवसाय शुरू करने या पुराने उद्यम के विस्तार के लिए 2 करोड़ रुपए तक का व्यावसायिक ऋण और 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान मिलता है। वहीं मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अधिकतम 2 साल या नौकरी मिलने तक बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है, जिसमें पुरुष युवाओं को 4,000 रुपए और महिला, ट्रांसजेंडर व विशेष योग्यजन युवाओं को 4,500 रुपए प्रति माह मिलते हैं।



मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास पर विकसित भारत जन सेवा अभियान कार्यक्रम के तहत यूथ बजट को लेकर युवाओं से संवाद किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवा रोजगार पर खास ध्यान दिया जाएगा और सरकार की कोशिश है कि प्रदेश का युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। उन्होंने बताया कि ढाई साल में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1 लाख 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। साल 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इस दौरान युवाओं ने रोजगार, शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास और युवा कल्याण से जुड़े विषयों पर अपने अनुभव और सुझाव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।



तकनीकी कौशल संग स्वरोजगार पर जोर देंगे: गोदारा

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी कौशल के साथ-साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान देगी। उन्होंने कहा, "हम प्रदेश के युवा को रोजगार देने वाला बनाना चाहते हैं। युवाओं के सुझावों को आगामी बजट में शामिल किया जाएगा। नए युवा ही भारत को चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था में ले जाएंगे। युवाओं का ध्यान रखना सरकार का काम है।"



सभी दलों ने बदली रणनीति: एक्सपर्ट

वरिष्ठ पत्रकार महेश चंद्र शर्मा का कहना है कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद से सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बदली है। उनके मुताबिक जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस पर प्रतिक्रिया दी, तो भाजपा नेताओं का रवैया भी पूरी तरह बदल गया। मोहन भागवत ने कहा था कि युवाओं से संवाद करना जरूरी है और उन पर विचार थोपे नहीं जाने चाहिए। शर्मा के मुताबिक इसी वजह से भाजपा शासित राज्य अब जेन-जी को ध्यान में रखकर योजनाएं और कार्यक्रम बना रहे हैं। यह एक विश्लेषणात्मक राय है, जो पत्रकार के अपने आकलन पर आधारित है।



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