CM काफिले के दौरान झुलसी थी युवती, सरकार ने इलाज और डेयरी बूथ देने की घोषणा की
समझें क्या है पूरा मामला
- पुलिसकर्मी ने मोमोज बेचने वाली युवती पर फेंका था खौलता पानी।
- सीएम के काफिले के दौरान हुई थी घटना, अब आरोपी लाइन हाजिर।
- इलाज का खर्च उठाएगी सरकार, डेयरी बूथ की भी घोषणा।
- मामले को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, 24 घंटे में न्याय की मांग।
- पीड़िता ने 25 दिन पहले शुरू किया था छोटा सा कारोबार।
जयपुर में 19 जून की शाम मोमोज बेचने वाली 27 वर्षीया रेशु गुप्ता पर खौलते पानी फेंकने का मामला सामने आया था। मामला रामनगरिया थाना क्षेत्र का है।
आरोप है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का काफिला जगतपुरा के महल रोड से गुजरना था। इससे कुछ मिनट पहले पुलिसकर्मी नरेंद्र सड़क किनारे के ठेले हटवा रहे थे। इसी कार्रवाई दौरान रेशु के ठेले पर रखा गर्म पानी उन पर गिर गया जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
22 जून को रेशु की बड़ी बहन खुशबू ने FIR दर्ज कराई। अब आरोपी पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया है और सरकार ने इलाज का खर्च, आर्थिक सहायता और डेयरी बूथ देने की घोषणा की है।
रेशु की कहानी, BSc से मोमोज ठेले तक
रेशु गुप्ता ने BSc (गणित) में स्नातक किया। पिता लाल बहादुर गुप्ता का कोरोना काल में निधन होने के बाद परिवार की जिम्मेदारी रेशु और बड़ी बहन खुशबू के कंधों पर आ गई।
प्रतियोगी परीक्षाएं दीं लेकिन चयन नहीं हुआ। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया। आखिरकार करीब 25 दिन पहले महल रोड स्थित कैपिटल हाई स्ट्रीट पर हेल्दी आटा मोमोज नाम से ठेला शुरू किया।
25वें दिन ही यह हादसा हो गया। रेशु कहती हैं कि वे चीखती रहीं, लेकिन समय पर राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा - मुझे दया नहीं चाहिए, मुझे सिर्फ न्याय चाहिए।
सरकार ने क्या-क्या घोषणा की?
नगर निगम जयपुर ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा और उपायुक्त नीलम मीना पीड़िता के घर पहुंचे। सरकार की ओर से तीन बड़ी घोषणाएं हुईं - रेशु गुप्ता के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, परिवार को रोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी और स्थायी रोजगार के लिए डेयरी बूथ आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
आरोपी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
पुलिस विभाग ने शनिवार देर रात आरोपी पुलिसकर्मी नरेंद्र को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। सरकार की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि पुलिसकर्मी के खिलाफ निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है।
कांग्रेस का विरोध और 24 घंटे का अल्टीमेटम
शनिवार को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। CM भजनलाल शर्मा का पुतला फूंका गया।
खाचरियावास ने कहा कि CM का काफिला रुका नहीं और कोई अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गया। उन्होंने 24 घंटे में न्याय न मिलने पर CM आवास घेराव की चेतावनी दी।
FAQ
- जयपुर में रेशु गुप्ता मामले में क्या हुआ था?
19 जून को CM के काफिले से पहले ट्रैफिक व्यवस्था के दौरान पुलिसकर्मी नरेंद्र सड़क किनारे के ठेले हटवा रहे थे। इसी दौरान मोमोज विक्रेता रेशु गुप्ता के ठेले से गर्म पानी गिरने से वे झुलस गईं। उन पर खौलता पानी फेंकने का आरोप है। - सरकार ने रेशु गुप्ता मामले में क्या कार्रवाई की?
आरोपी पुलिसकर्मी नरेंद्र को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू की गई है। सरकार ने रेशु के इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और डेयरी बूथ आवंटन की घोषणा की है।
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