राजस्थान में सफाईकर्मियों का बड़ा ऐलान, शनिवार से प्रदेशभर में झाड़ू डाउन हड़ताल
Mukesh Sharma | Jun 26, 2026, 20:36 IST
राजस्थान में सफाईकर्मियों का बड़ा ऐलान
राजस्थान में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने और नई भर्ती विज्ञप्ति की मांग को लेकर सफाईकर्मी शनिवार से पूर्ण हड़ताल पर हैं। इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और निजी सफाई कार्य ठप रहेंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- भर्ती की मांग,राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती की नई विज्ञप्ति जारी करने और वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने की मुख्य मांग।
- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठप रहेगा, घरों और निजी संस्थानों के वाल्मीकि श्रमिक भी नहीं करेंगे काम।
- नागरिकों की सफाई को आवश्यक सेवा घोषित करने की मांग, पर्यटन और व्यापारिक छवि खराब होने की चिंता।
- 2018 के भर्ती कर्मचारियों के फील्ड में काम न करने और समझौते लागू न होने से बढ़ा आक्रोश।
दरअसल सफाई कर्मचारी पिछले सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनकी मांग है कि सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मिकी समाज को प्राथमिकता दी जाए व भर्ती की विज्ञप्ति जारी की जाए।
संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती,तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द नई सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जारी करनी चाहिए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं। मांग पूरी होने तक प्रदेशभर में सफाई कार्य ठप रहेगा।
2018 की भर्ती के कर्मचारी फील्ड में नहीं उतर रहे
यदि नियुक्त कर्मचारी मैदान में उतरकर पूरी जिम्मेदारी से सफाई करें तो वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने की मांग उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन ने पहले हुए समझौतों को लागू नहीं किया है। इस कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। अब डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से लेकर निजी संस्थानों और घरों में सफाई कार्य भी प्रभावित रहेगा।
सफाई आवश्यक सेवा, हड़ताल का विकल्प नहीं होना चाहिए
सफाई कर्मचारियों की बार-बार होने वाली हड़ताल उचित नहीं है। सफाई सीधे आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी सेवा है। जिस प्रकार पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को आवश्यक सेवा माना जाता है।
उसी तरह सफाई को भी आवश्यक सेवा घोषित किया जाना चाहिए ताकि शहर बार-बार ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
पर्यटन नगरी की छवि होगी खराब
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाएं, लेकिन शहर को गंदगी के हवाले न करें। सफाई आवश्यक सेवा है। एक दिन घर में झाड़ू नहीं लगे तो गंदगी फैल जाती है। ऐसे में पूरे शहर की सफाई कितनी जरूरी है, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकार को ऐसी परिस्थितियां बनने ही नहीं देनी चाहिए जिसके कारण कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना पड़े। साथ ही सफाई कर्मचारियों से भी अपील की कि वे पर्यटन नगरी जयपुर और व्यापारिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान का रास्ता निकालें।
जनजीवन पर पड़ेगा व्यापक असर
सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में सफाई कार्य बंद रहने और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण रुकने से कुछ ही दिनों में गंदगी बढ़ने की आशंका है।
यह तय है कि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर न केवल आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ेगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार पर भी व्यापक रूप से दिखाई देगा।
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