जैसलमेर में घड़ियाल का अनोखा नजारा, ग्रामीण डरे, वन विभाग ने बताया सच
Jageshwar prasad | Jun 26, 2026, 17:10 IST
जैसलमेर के रेगिस्तान में पहली बार दिखा 5 फीट लंबा घड़ियाल
राजस्थान के जैसलमेर के नाचना में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार घड़ियाल दिखा। पंजाब के हरीके बैराज से बहकर आने का अनुमान। वन विभाग अलर्ट, रेस्क्यू की तैयारी।
समझें क्या है पूरा मामला
- जैसलमेर की IGNP नहर में 5 फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया।
- रेगिस्तानी क्षेत्र में घड़ियाल दिखने का यह पहला मामला है।
- वन विभाग का अनुमान- पंजाब के हरीके बैराज से बहकर आया है।
- नहर में तेज बहाव के कारण अभी रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया है।
- घड़ियाल IUCN की क्रिटिकली एंडेंजर्ड श्रेणी में शामिल है।
वन विभाग का अनुमान है कि यह पंजाब के हरीके बैराज से बहकर यहां तक आया। नहर में पानी का बहाव तेज होने से अभी रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया।
बुधवार शाम आया पहली बार नजर
यह वीडियो गांव में देखते ही देखते फैल गया। बड़ी संख्या में लोग नहर किनारे पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि यह जीव पिछले कुछ दिनों से रोज शाम को नहर में दिख रहा था।
अब यह अवाय गांव से करीब आधा किलोमीटर आगे बढ़कर पोकरण लिफ्ट के पास पहुंच गया है।
पंजाब से बहकर आया, पहली बार दिखा रेगिस्तान में
उनका अनुमान है कि यह घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर के इस हिस्से तक पहुंचा। पहले भी नहर बंदी के दौरान इसके दिखाई देने की सूचना मिली थी।
इंसानों के लिए खतरनाक नहीं
घड़ियाल भारत की सबसे दुर्लभ प्रजातियों में से एक है। इसकी पहचान लंबी और पतली थूथन से होती है। नर घड़ियाल की नाक के सिरे पर घड़े जैसी संरचना होती है जिसे घड़ा कहते हैं।
तेज बहाव में रेस्क्यू मुश्किल
पुलिस की टीम लगातार वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है। जैसे ही घड़ियाल किसी छोटी डिग्गी, कम पानी वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर रुकेगा, तुरंत रेस्क्यू किया जाएगा।
घड़ियाल क्यों है खास और कहां पाया जाता है?
घड़ियाल एक नजर में
घड़ियाल साफ, गहरी और धीमी गति से बहने वाली नदियों में रहता है। भारत में ज्यादातर घड़ियाल चंबल नदी क्षेत्र में पाए जाते हैं। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (National Chambal Sanctuary) और कतरनियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी इनके प्रमुख आवास हैं। इसीलिए जैसलमेर की इंदिरा गांधी नहर में इसका दिखना एक असाधारण घटना है।
FAQ
- घड़ियाल और मगरमच्छ में क्या फर्क है?
घड़ियाल की थूथन लंबी और बहुत पतली होती है जबकि मगरमच्छ की चौड़ी। घड़ियाल मुख्य रूप से मछलियां खाता है और आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता। यह दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति है। - घड़ियाल जैसलमेर तक कैसे पहुंचा?
वन विभाग के अनुसार यह पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ इंदिरा गांधी नहर में बहकर आया। नहर के तेज बहाव ने इसे सैकड़ों किलोमीटर दूर रेगिस्तान तक पहुंचा दिया।
ये भी पढ़ें:-
जंगल के कानून से परे सुल्तान रच रहा रिश्तों की कहानी, जानिए टाइगर का बदला रूप
अरावली पर पर्यावरणविदों ने सीजेआई को लिखा पत्र, नई कमेटी पर उठाए सवाल
जहां बहती थी नदी, वहां एक बीघा से ज्यादा जमीन पर काट दिए प्लॉट
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari