रोडवेज बस में 70 में से 68 यात्री बेटिकट, फ्लाइंग टीम भी रह गई दंग
पांच प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला
- रोडवेज की फ्लाइंग टीम ने कोटा से झालावाड़ जा रही एक बस की चेकिंग की।
- बस में 70 यात्री सवार थे, इसमें से केवल दो यात्रियों के पास ही टिकट मिला।
- 68 यात्री बिना टिकट कर रहे थे यात्रा, कंडक्टर ने किराया लेकर जेब में रख लिया।
- कंडक्टर को ब्लैकलिस्ट किया गया, साथ ही सिक्योरिटी राशि भी जब्त कर ली।
- ऐसा गिरोह सक्रिय, जो फ्लाइंग टीम की पल-पल की लोकेशन साझा करता रहा है।
राजस्थान रोडवेज में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। कोटा से झालावाड़ आ रही एक रोडवेज बस में जब चेकिंग टीम चढ़ी तो नजारा चौंकाने वाला था।
पूरी बस में सवार 70 यात्रियों में से 68 यात्री बिना टिकट सफर कर रहे थे। केवल 2 यात्रियों के पास ही वैध टिकट मिले। रोडवेज प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी कंडक्टर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही उसकी सिक्योरिटी राशि भी जब्त कर ली है।
चेकिंग शुरू होते ही मची खलबली
यह पूरी कार्रवाई कोटा जिले के मंडाना क्षेत्र में हुई। रोडवेज के सहायक संभाग प्रबंधक (ASM) एनके मीणा के नेतृत्व में फ्लाइंग टीम ने नाकाबंदी कर रखी थी।
जैसे ही कोटा से झालावाड़ जा रही इस बस को जांच के लिए रुकवाया गया, तो बस के अंदर का माहौल अचानक बदल गया।
फ्लाइंग टीम ने जब यात्रियों के टिकट जांचने शुरू किए तो कंडक्टर के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। एक या दो नहीं, बल्कि पूरी बस ही बिना टिकट यात्रियों से भरी पड़ी थी।
टीम ने जैसे-जैसे गिनती बढ़ाई, आंकड़ा 68 पर जाकर रुका। इतनी बड़ी संख्या में बेटिकट यात्री देखकर खुद फ्लाइंग टीम के अधिकारी भी हैरान रह गए।
पेनल्टी लगाई, धरोहर राशि जब्त
झालावाड़ रोडवेज डिपो के मैनेजर पवन कुमार सैनी ने बताया कि यह बस 'बस सारथी' योजना के तहत अनुबंधित थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है।
आरोपी कंडक्टर को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित (ब्लैकलिस्ट) कर दिया गया है। निगम में जमा कंडक्टर की पूरी सिक्योरिटी (धरोहर) राशि को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया गया।
मौके पर ही आरोपी कंडक्टर के खिलाफ 5,410 रुपए की पेनल्टी लगाई गई। फ्लाइंग टीम ने सभी 68 बेटिकट यात्रियों पर रिमार्क (विशेष टिप्पणी) दर्ज करते हुए मौके पर ही नए टिकट जारी किए, जिससे राजस्व की वसूली की जा सके।
एसटीडी सेवा का अवैध नेटवर्क?
झालावाड़ डिपो में लंबे समय बाद इतनी बड़ी तादाद में बिना टिकट यात्री पकड़े जाने का यह पहला बड़ा मामला है। इस घटना ने रोडवेज प्रशासन की सुरक्षा और विजिलेंस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस रूट पर पहले भी रोडवेज के राजस्व को भारी चपत लगाने वाले संगठित गिरोह सक्रिय रहे हैं। पूर्व में पुलिस ने एसटीडी सेवा नाम के एक अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था।
यह नेटवर्क फ्लाइंग टीम (चेकिंग टीम) की पल-पल की लोकेशन और मूवमेंट को बस कंडक्टरों तक लीक करता था, जिससे कंडक्टर फ्लाइंग टीम के आने से पहले ही सतर्क हो जाते थे।
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