RPSC फर्जी डिग्री केस: SOG की बड़ी कार्रवाई, 16वें आरोपी को पकड़ा
समझें क्या है पूरा मामला
- RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती में फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तारी।
- मेवाड़ यूनिवर्सिटी की नकली डिग्री से पाई थी नियुक्ति।
- SOG ने फर्जी डिग्री दिलाने वाले आरोपी को पकड़ा।
- अब तक इस मामले में 16 गिरफ्तारियां हो चुकीं।
- चूरू निवासी दीनदयाल मोलपुरिया गिरफ्तार।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्राध्यापक-हिंदी भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री का मामला सामने आया था। एक अभ्यर्थी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी एमए हिंदी डिग्री जमा कर नियुक्ति हासिल की थी। SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने अब इस डिग्री को जारी कराने में मदद करने वाले आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 16 अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके।
राजस्थान पुलिस के महानिदेशक पुलिस स्पेशल ऑपरेशन कार्यालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
कैसे सामने आया फर्जी डिग्री का मामला
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्राध्यापक-हिंदी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा 2022 में पात्रता जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आया था। अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी, जो बाबूलाल विश्नोई की बेटी हैं, ने आयोग में मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार चित्तौड़गढ़ से जारी एमए हिंदी की डिग्री पेश की थी।
आरपीएससी आयोग अजमेर ने जब इस डिग्री का सत्यापन कराया तो पता चला कि यह डिग्री मेवाड़ विश्वविद्यालय गंगरार चित्तौड़गढ़ द्वारा जारी ही नहीं की गई थी। अभ्यर्थी ने असत्य शपथ पत्र देकर फर्जी डिग्री के आधार पर नियुक्ति हासिल करने की कोशिश की थी। इस मामले में पुलिस थाना सिविल लाइन अजमेर पर 20 मार्च 2024 को प्रकरण संख्या 100/2024 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती मामले में एक और गिरफ्तारी
जयपुर पुलिस कीजांच के दौरान सामने आया कि आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार चित्तौड़गढ़ के डीन कौशल किशोर चंद्रुल से संपर्क किया था। इसी संपर्क के जरिए ब्रह्मा कुमारी को फर्जी मार्कशीट और डिग्री जारी करवाई गई। यह फर्जी डिग्री बाबूलाल पटेल के माध्यम से ब्रह्मा कुमारी तक पहुंचाई गई। जांच में यह भूमिका पूरी तरह सत्य पाई गई।
पुलिस ने आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया को दस्तयाब कर 30 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे 3 सितंबर 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिससे आगे की पूछताछ की जा रही।
अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले में फर्जी डिग्री हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी सहित अब तक कुल 16 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके। यह कार्रवाई उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव की निगरानी और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में की गई। अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई ने आरोपियों की तलाश जारी रखी, जिसके बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
गिरफ्तार आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया, पुत्र जगदीश प्रसाद मोलपुरिया, उम्र 46 साल है। वह चूरू जिले के सरदारशहर थाना क्षेत्र स्थित रेगर बस्ती का रहने वाला है। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
FAQ
- RPSC हिंदी प्राध्यापक भर्ती में फर्जी डिग्री का मामला क्या है?
एक अभ्यर्थी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी एमए हिंदी डिग्री जमा कर नियुक्ति हासिल की थी। सत्यापन में यह डिग्री फर्जी पाई गई। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज हुआ। - नए गिरफ्तार आरोपी की क्या भूमिका है?
आरोपी दीनदयाल मोलपुरिया ने यूनिवर्सिटी के डीन से संपर्क कर फर्जी डिग्री और मार्कशीट जारी करवाई थी। यह डिग्री एक अन्य व्यक्ति के जरिए अभ्यर्थी तक पहुंचाई गई। - इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस प्रकरण में अब तक कुल 16 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें फर्जी डिग्री हासिल करने वाली अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
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