आरपीएससी का बड़ा एक्शन, भर्ती परीक्षा के एग्जाम में एब्सेंट तो ब्लॉक होगा ओटीआर

Ashish Bhardwaj | Feb 10, 2026, 19:17 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने परीक्षार्थियों को हिदायत दी हे। परीक्षा में अनुपस्थित रहने पर अभ्यर्थियों का ओटीआर ब्लॉक हो सकता है। साथ ही जुर्माना भी लग सकता है।

News In Short

  • आरपीएससी की भर्ती परीक्षा के लिए बिना तैयारी फॉर्म भरने वालों का होगा ओटीआर ब्लॉक
  • दो बार परीक्षा में अनुपस्थित रहने पर ओटीआर सुविधा ब्लॉक कर दी जाएगी, जुर्माना भी लगेगा।
  • पशु चिकित्सा अधिकारी और सहायक कृषि अभियंता भर्ती 2025 की परीक्षा 19 अप्रैल को होगी।
  • अभ्यर्थियों को 11 से 17 फरवरी तक आवेदन में सुधार या वापसी का मौका दिया गया है।
  • गलत जानकारी देने या अनुपस्थित रहने पर भविष्य की भर्तियों से डिबार किए जाने का खतरा है।

News In Detail

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण हिदायत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर आप बिना किसी तैयारी के केवल 'ट्रायल' के लिए फॉर्म भरते हैं और परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं। तो यह अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। यदि आप एक वित्तीय वर्ष में आयोजित होने वाली दो परीक्षाओं में अनुपस्थित रहते हैं, तो आपकी वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) सुविधा तुरंत ब्लॉक कर दी जाएगी।



ओटीआर ब्लॉक होने पर जुर्माना

आयोग के नए नियमों के अनुसार, अगर अभ्यर्थी एक वित्तीय वर्ष में दो बार परीक्षा में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी ओटीआर सुविधा तत्काल ब्लॉक हो जाएगी। इसके बाद अगर उसे ओटीआर फिर से सक्रिय करानी हो तो उसे 750 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। यदि उसी वर्ष फिर से दो और परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, तो 1500 रुपये की जुर्माना राशि जमा करने के बाद ही उसकी ओटीआर सुविधा बहाल की जाएगी। यह नियम उन सभी अभ्यर्थियों पर लागू होगा जो बिना तैयारी के परीक्षा में नहीं जाते और केवल ट्रायल के लिए फॉर्म भरते हैं।



कब से लागू होगा नियम

आयोग ने यह नियम पशु चिकित्सा अधिकारी और सहायक कृषि अभियंता भर्ती-2025 के संदर्भ में लागू किया है। इन दोनों भर्तियों की परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित की गई है। आयोग का कहना है कि बिना किसी उद्देश्य के आवेदन करना न केवल सिस्टम पर बोझ डालता है, बल्कि यह अभ्यर्थियों के लिए भी नुकसानकारी है।



आवेदन में सुधार की सुविधा

आयोग ने कहा है कि अगर आपने गलती से आवेदन किया है या आप एग्जाम नहीं देना चाहते, तो आपको सुधार का मौका दिया जाएगा। अभ्यर्थी 11 से 17 फरवरी 2026 तक अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, फोटो, पिता का नाम और लिंग (जेंडर) को छोड़कर अन्य जानकारी में सुधार कर सकते हैं। इसके अलावा, जो अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं या परीक्षा में नहीं बैठना चाहते, वे अपना आवेदन वापस ले सकते हैं।



आवेदन वापस न लेने पर डिबार होने का खतरा

आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने गलत सूचना दी है या अपात्र होने के बावजूद आवेदन वापस नहीं लिया, तो उन्हें भविष्य की भर्तियों से डिबार किया जा सकता है। यह कदम आयोग के सिस्टम को सुधारने और अभ्यर्थियों को सही दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए उठाया गया है।



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