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Photograph: (the sootr)
News in Short
राजस्थान की साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला।
उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से 'दुनिया को अलविदा' सुसाइड पोस्ट की गई।
वीडियो वायरल होने के बाद साध्वी ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और छात्र नेता निर्मल चौधरी ने जांच की मांग की।
साध्वी के परिवार ने आरोप लगाया था कि 20 लाख रुपये की मांग की गई थी।
News in Detail
राजस्थान में जोधपुर की प्रसिद्ध साध्वी प्रेम बाइसा की संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सुसाइड नोट पोस्ट किया गया। इसमें उन्होंने लिखा कि अब उन्हें न्याय मिलेगा। यह पोस्ट और साध्वी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर आरपीएल नेता हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जांच की मांग उठाई है।
साध्वी प्रेम बाइसा की संदिग्ध मौत
साध्वी प्रेम बाइसा को बुधवार को उनके आश्रम से ब्रेन डेड हालत में प्रेक्षा अस्पताल लाया गया । इसके बाद में उन्हें वापस उनके आश्रम में भेज दिया गया। जब अस्पताल ने पुलिस को इसकी सूचना दी, तब पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। इसके बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट की गई। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी मौत की बात कही और न्याय की उम्मीद जताई।
इंस्टाग्राम पोस्ट, "दुनिया को अलविदा"
साध्वी की मौत के बाद चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम पर सुसाइड नोट पोस्ट किया गया। इसमें लिखा, "मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया। अब मेरे दिल में सिर्फ सनातन धर्म है। मैं सनातन धर्म में जन्मी और वही लेकर दुनिया से अलविदा ले रही हूं।" इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अग्नि परीक्षा के लिए महान संतों और शंकराचार्य से निवेदन किया था, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था, यह उन्हें स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने न्याय की उम्मीद जताई और कहा कि "मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।"
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वायरल वीडियो और पहले के विवाद
राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाइसा की बुधवार (28 जनवरी) को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गरमा गया है। इस मामले में आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने हाई लेवल कमेटी से जांच की मांग की है। साध्वी तब चर्चा में आई थी कि जब पिछले साल एक पुरुष के साथ गले मिलते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ था। साध्वी ने इसे ब्लैकमेलिंग और बदनाम करने की साजिश बताते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई थी। साध्वी ने आरोप लगाया था कि वीडियो वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई थी।
ब्रैन डेड हो चुकी थी साध्वी
साध्वी प्रेम बाइसा के पिता और एक अन्य उनको बुधवार देर शाम 5:30 बजे पाल रोड स्थित प्रेक्षा अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने जांच कर उनकी मौत की पुष्टि की। अस्पताल संचालक डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि वो ब्रैन डेड थी। हमने शास्त्री नगर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। परिजनों को शव को एमडीएम अस्पताल लेकर जाने का कहा। इसके बाद परिजन शव एमडीएम ले जाने के बजाय बोरानाडा स्थित उनके आश्रम लेकर चले गए।
साध्वी का कमरा किया सीज
बोरानाडा पुलिस थाने से सब इंस्पेक्टर साध्वी के आश्रम पहुंचे । वहां पर साध्वी का कमरा सीज कर दिया। इसके बाद शव को एमडीएम अस्पताल भेजा गया । एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी को परिजन निजी अस्पताल लेकर गए थे। उनकी मौत हो चुकी थी। बोरानाडा थाना पुलिस जांच में जुट गई है। देर रात से ही आश्रम पर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग
साध्वी की मौत के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और छात्र नेता निर्मल चौधरी ने घटना पर गहरी चिंता जताई है। हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की, जबकि निर्मल चौधरी ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी व @PoliceRajasthan के DGP संज्ञान लेवे,जोधपुर स्थित एक अस्पताल में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो जाने के समाचार अत्यंत दुःखद है ,इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए |
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) January 28, 2026
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को…
कानूनी दृष्टिकोण: सुसाइड पोस्ट और न्याय की मांग
इस मामले में इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट ने यह स्पष्ट किया कि साध्वी ने अपनी मृत्यु के बाद न्याय की मांग की थी। सुसाइड नोट से यह संकेत मिलता है कि उनकी मौत केवल एक व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के विश्वास और आस्था पर एक गंभीर हमला था। अब पुलिस और राजनीतिक हलकों में इस मामले की गंभीर जांच की जा रही है।
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