RPSC पेपर लीक में SOG का एक्शन, पूर्व सदस्य कटारा का ड्राइवर नादान सिंह गिरफ्तार

Jageshwar prasad | May 22, 2026, 12:40 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान SOG ने RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के ड्राइवर नादान सिंह राठौड़ को SI भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया। उसने अपने बेटे को नौकरी दिलाने के लिए पेपर हासिल किया था। अब तक 141 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

News In Short

  • SI भर्ती पेपर लीक में RPSC पूर्व सदस्य कटारा के ड्राइवर की गिरफ्तारी।
  • ड्राइवर नादान सिंह ने बेटे को पास कराने के लिए लीक पेपर का सहारा लिया था।
  • परीक्षा से पहले उत्तर तैयार करवाकर बेटे को दिलाया लीक पेपर।
  • अब तक इस पूरे प्रकरण में 141 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार।
  • SOG ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा के डमी अभ्यर्थी को भी किया गिरफ्तार।

News In Detail

राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े और पेपर लीक मामलों पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एसओजी ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों के तहत सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर को और वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में एक इनामी डमी अभ्यर्थी (शिक्षक) को गिरफ्तार किया है।



ड्राइवर ने रची बेटे को पास कराने की साजिश

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, SI भर्ती परीक्षा-2021 मामले में आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन सरकारी वाहन चालक नादान सिंह राठौड़ (निवासी गेगल, अजमेर) को गिरफ्तार किया गया है। नादान सिंह पर आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को अवैध लाभ दिलाने के लिए षड्यंत्र रचा।



जांच में सामने आया कि बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र और उत्तर अपने भांजे विजय कुमार डामोर को दिए थे। यही प्रश्न-उत्तर बाद में ड्राइवर नादान सिंह तक पहुंचे। नादान सिंह ने अपने बेटे अजय प्रताप को परीक्षा से पहले लीक पेपर की तैयारी करवाई।



पेपर लीक की मदद से अजय प्रताप ने हिंदी में 200 में से 174.28 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 150.2 अंक हासिल किए। यह अंक सामान्य अभ्यर्थियों के मुकाबले काफी अधिक थे, जिसने एसओजी की निगाह में इस मामले को और संदिग्ध बना दिया।



हो चुकी हैं 141 गिरफ्तारियां

एसओजी आरोपी बेटे अजय प्रताप को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं अब उसके पिता नादान सिंह को भी दबोच लिया गया है। इस पूरे मामले में अब तक 141 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।



वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में भी फर्जीवाड़ा

दूसरे मामले में, एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने वाले मनोहरलाल मांजू को गिरफ्तार किया है।



जांच में सामने आया कि मध्यस्थ दर्शनलाल मीणा उर्फ रामप्रकाश ने इस फर्जीवाड़े की साजिश रची थी। मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा (निवासी करौली) ने मनोहरलाल को 5 लाख रुपए देकर अपनी जगह परीक्षा दिलवाई और वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) के पद पर चयन पा लिया।



फोटो मैचिंग तकनीक से हुआ खुलासा

एएसपी प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एसओजी ने उन्नत फोटो मैचिंग तकनीक का उपयोग कर डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल की सटीक पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। मूल अभ्यर्थी अनिल को भी पहले ही पकड़ा जा चुका है।



गौरतलब है कि यह वही परीक्षा है, जिसका 24 दिसंबर 2022 को होने वाला सामान्य ज्ञान का पेपर लीक होने के कारण निरस्त हुआ था और दोबारा 29 जनवरी 2023 को आयोजित किया गया था।



फिलहाल, एसओजी इस गिरोह के अन्य बिचौलियों की तलाश कर रही है। एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।



अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

एसओजी ने आरपीएससी के किस पूर्व सदस्य के ड्राइवर को एसआई भर्ती मामले में गिरफ्तार किया है?

एसओजी ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर नादान सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने बेटे अजय प्रताप को अवैध तरीके से पेपर उपलब्ध कराया था।



वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी की पहचान किस आधुनिक तकनीक से की गई?

एसओजी ने एएसपी प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में उन्नत फोटो मैचिंग तकनीक का उपयोग कर डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल मांजू की सटीक पहचान की।



वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा में डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल को परीक्षा में बैठने के लिए कितनी रकम मिली थी?

जांच के अनुसार, मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा ने दलाल के माध्यम से मनोहरलाल मांजू को अपनी जगह परीक्षा देने के लिए ₹5 लाख की राशि दी थी।



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